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रिलायंस का हुआ बिग बाजार:रिलायंस रिटेल ने फ्यूचर ग्रुप के रिटेल कारोबार को 24713 करोड़ रुपए में खरीदा, बिग बाजार को 'सबसे सस्ता, सबसे अच्छा' टैगलाइन से मिली थी पहचान

नई दिल्ली/ मुंबईएक वर्ष पहले
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रिलायंस इंडस्ट्रीज की सब्सिडियरी कंपनी रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड ने शनिवार को फ्यूचर ग्रुप के रिटेल, होलसेल बिजनेस, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउस बिजनेस को खरीद लिया। रिलायंस रिटेल और फ्यूचर ग्रुप के बीच यह डील 24 हजार 713 करोड़ रुपए में हुई। मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, 31 मार्च 2019 तक फ्यूचर ग्रुप पर 10951 करोड़ रुपए का कर्ज था। 30 सितंबर 2019 को यह 12778 करोड़ हो गया। बिग बाजार का 'सबसे सस्ता, सबसे अच्छा' टैगलाइन से पहचान मिली थी।

रिलायंस ने कहा कि रिलायंस रिटेल वेंचर लिमिटेड (आरआरवीएल) फ्यूचर समूह के खुदरा और थोक कारोबार और लॉजिस्टिक्स और स्टोरेज कारोबार का अधिग्रहण करने जा रही है। दोनों कंपनियों के बीच यह सौदा एक विशेष स्कीम के तहत हो रहा है, जिसमें फ्यूचर ग्रुप भविष्य में बिजनेस करने वाली कुछ कंपनियों का फ्यूचर एंटरप्राइज लिमिटेड (एफईएल) में विलय कर रहा है।

कंपनी ने बताया कि इसके तहत फ्यूचर समूह का खुदरा और थोक कारोबार आरआरवीएल की सहायक कंपनी रिलायंस रिटेल एंड फैशन लाइफस्टाइल लिमिटेड (आरआरएफएलएल) को ट्रांसफर किया जाएगा। आरआरएफएलएल का मालिकाना हक आरआरवीएल के पास है। आरआरएफएलएल द्वारा इसमें प्रीफरेंशियल इक्विटी शेयर इश्यू के तहत एफईएल में 200 करोड़ रुपए निवेश करने का भी प्रस्ताव है।

ईशा अंबानी ने कहा- इस डील से रिटेल सेक्टर को रफ्तार मिलेगी
रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड की निदेशक ईशा अंबानी ने कहा, 'भारत में आधुनिक रिटेल के विकास में यह डील अहम भूमिका निभाएगी। हमें उम्मीद है कि इससे छोटे व्यापारियों, किराना स्टोर्स और बड़े उपभोक्ता ब्रांडों के तालमेल से रिटेल सेक्टर को रफ्तार मिलेगी।

रिलायंस की रिटेल बाजार में स्थिति मजबूत होगी
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने रिटेल बिजनेस में 3 करोड़ किराना स्टोर मालिकों और 12 करोड़ किसानों को जोड़ने का लक्ष्य रखा था। फ्यूचर समूह के खुदरा व्यापार, थोक और सप्लाई चेन व्यवसाय के अधिग्रहण से रिलायंस की बाजार में स्थिति मजबूत होगी। इस डील के बाद रिलायंस रिटेल स्टोर्स का दायरा 18 हजार तक बढ़ सकता है। कंपनी का रेवेन्यू भी 26,000 करोड़ रुपए बढ़ जाएगा और भारतीय रिटेल बाजार की एक-तिहाई हिस्सेदारी पर कब्जा होगा।

साड़ियों के कारोबार से बिग बाजार तक का सफर
साड़ियों का कारोबार करने वाले मारवाड़ी परिवार में जन्मे किशोर बियानी ने 1987 में पैंटालून की शुरुआत की थी। लेकिन फंड की कमी के वजह से इसे 2012 में आदित्य बिड़ला ग्रुप ने खरीद लिया था। इस ब्रैंड के जरिए मशहूर हुए बियानी ने कोलकाता से बिग बाजार की शुरुआत की थी।

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