महंगाई / सितंबर में खुदरा महंगाई दर 3.77% हुई, अगस्त के मुकाबले 0.08% इजाफा

Dainik Bhaskar

Oct 12, 2018, 06:31 PM IST



Retail inflation rises to 3.77 pc in September against 3.69 pc in August
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Retail inflation rises to 3.77 pc in September against 3.69 pc in August

  • सब्जियों और फलों की कीमतों में कमी से अगस्त में खुदरा महंगाई दर नीचे आई थी
  • सरकार और आरबीआई ने रिटेल महंगाई के लिए 4% का लक्ष्य रखा 

नई दिल्ली. सितंबर में खुदरा महंगाई दर 3.77 फीसदी हो गई। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त के मुकाबले सितंबर में खुदरा महंगाई दर में 0.08% का इजाफा हुआ है। अगस्त में ये 3.69% थी। खाने-पीने की वस्तुओं और ईंधन के दाम बढ़ने की वजह से महंगाई दर में सितंबर में इजाफा हुआ।

 

अगस्त में 10 महीने के निचले स्तर पर थी महंगाई
सब्जियों और फलों की कीमतों में आई कमी से अगस्त में खुदरा महंगाई दर 3.69% दर्ज की गई थी। यह दर 10 महीने के सबसे निचले स्तर पर है। जुलाई में खुदरा महंगाई दर 4.17% थी। अप्रैल से जून के दौरान महंगाई में लगातार इजाफा हुआ था। 


दो सूचकांकों के आधार पर तय होती है महंगाई

पहला: उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) है, जो रिटेल महंगाई का इंडेक्स है। रिटेल महंगाई वह दर है, जो जनता को सीधे तौर पर प्रभावित करती है। यह खुदरा कीमतों के आधार पर तय की जाती है। भारत में खुदरा महंगाई दर में खाद्य पदार्थों की हिस्सेदारी करीब 45% है। दुनिया भर में ज्यादातर देशों में खुदरा महंगाई के आधार पर ही मौद्रिक नीतियां बनाई जाती हैं। 
दूसरा: थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई), जो थोक महंगाई का इंडेक्स है। डब्ल्यूपीआई में शामिल वस्तुएं अलग-अलग वर्गों में बांटी जाती हैं। थोक बाजार में इन वस्तुओं के समूह की कीमतों में हर बढ़ोतरी का आंकलन थोक मूल्य सूचकांक के जरिए होता है। इसकी गणना प्राथमिक वस्तुओं, ईंधन और अन्य उत्पादों की महंगाई में बदलाव के आधार पर की जाती है।

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