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महामारी में आफत:खुदरा महंगाई की दर अक्टूबर में और बढ़कर 7.61% पर पहुंची, सितंबर में 7.27% थी, गांवों में ज्यादा बढ़ी कीमतें

नई दिल्लीएक वर्ष पहले
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खाद्य वस्तुओं की खुदरा महंगाई दर पिछले महीने 11% से ज्यादा रही - Dainik Bhaskar
खाद्य वस्तुओं की खुदरा महंगाई दर पिछले महीने 11% से ज्यादा रही
  • लगातार 7वें महीने खुदरा महंगाई दर RBI के लक्ष्य से ऊपर रही
  • सरकार ने RBI को खुदरा महंगाई दर 2-6% के दायरे में रखने की जिम्मेदारी दी है

देश की खुदरा महंगाई दर अक्टूबर में बढ़कर 7.61% पर पहुंच गई। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर आधारित यह दर सितंबर में 7.27% थी। नेशनल स्टैटिस्टिकल ऑफिस (NSO) ने गुरुवार को जारी किए गए आंकड़ों में यह बात कही।

खाद्य वस्तुओं की खुदरा महंगाई दर पिछले महीने 11.07 फीसदी रही। लगातार 7वें महीने खुदरा महंगाई दर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सुविधाजनक दायरे से ऊपर रही है। सरकार ने RBI को खुदरा महंगाई की दर 2-6 फीसदी के दायरे में रखने की जिम्मेदारी दी है।

सब्जियां सबसे ज्यादा 22.51% महंगी

ज्यादा महंगाई वाले सामानमहंगाई की दर
सब्जी22.51%
अंडे21.81%

मांस व मछली

18.70%
दाल व दाल से बने उत्पाद18.34%

ऑयल एवं फैट

15.17%
पर्सनल केयर व इफेक्ट्स12.07%

मसाले

11.28%

ट्रांसपोर्ट व कम्युनिकेशंस

11.16%
पान व तंबाकू10.65%
फूड एंड बेवरेजेज10.16%

पूर्वी राज्यों में महंगाई की मार ज्यादा

तमिलनाडु के छोड़ सभी पूर्वी तट वाले राज्यों (आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल) में महंगाई 10 फीसदी से ज्यादा रही। तमिलनाडु में महंगाई दर 8.04 फीसदी रही। अन्य पूर्वी राज्यों में भी महंगाई दर देश के अन्य हिस्से से ज्यादा रही। असम में यह 9.26 फीसदी, बिहार में 9.72 फीसदी और झाारखंड में 8.06 फीसदी रही। सबसे कम महंगाई दिल्ली में 3.86 फीसदी और राजस्थान में 4.84 फीसदी रही।

गांवों में 7.69% बढ़ी महंगाई, शहरों में 7.40% बढ़ी

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक खुदरा महंगाई शहरों के मुकाबले गांवों में ज्यादा बढ़ी है। शहरी क्षेत्रों में महंगाई दर 7.40 फीसदी रही, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह 7.69% फीसदी रही। खाद्य वस्तुओं के मामले में हालांकि शहरों (11.19%) की महंगाई दर गांवों (11.05%) के मुकाबले ज्यादा है।

खुदरा महंगाई क्या होती है

सरकार दो तरह की महंगाई दर जारी करती है- खुदरा महंगाई दर और थोक महंगाई दर। खुदरा महंगाई दर खुदरा कीमत के आधार पर तय की जाती है। सरकार अपनी योजना बनाते समय और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अपनी मौद्रिक नीति तय करते समय खुदरा महंगाई दर को ही महत्व देते हैं। खुदरा महंगाई दर बढ़ने का सीधा मतलब यह है कि महंगाई की मार सीधे तौर पर आम आदमी पर पड़ रही है।