अगले साल आएगा FPO:रुचि सोया में हिस्सेदारी को घटाएगी पतंजलि आयुर्वेद, इसमें रामदेव की हिस्सेदारी तय नहीं

मुंबईएक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
पिछले साल दिसंबर में रुचि सोया को पतंजलि को अधिग्रहण करने के बाद रुचि का शेयर लगातार बढ़ता रहा। - Dainik Bhaskar
पिछले साल दिसंबर में रुचि सोया को पतंजलि को अधिग्रहण करने के बाद रुचि का शेयर लगातार बढ़ता रहा।
  • 14 नवंबर को यह अपने सर्वोच्च स्तर से एक हजार रुपए फिसलकर 535 रुपए प्रति शेयर पर बंद हुआ है
  • रुचि सोया का शेयर 29 जून में रिकॉर्ड बढ़त के साथ 1535 रुपए प्रति शेयर पर पहुंचा गया था

खाद्य तेल बनाने वाली कंपनी रुचि सोया में प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी घटाएंगे। पतंजलि आयुर्वेद के ओनर स्वामी रामदेव ने कहा कि अगले साल कंपनी फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (FPO) लाएगी। रुचि सोया को पिछले साल दिसंबर में पतंजलि ग्रुप ने दिवालिया प्रक्रिया के तहत 4,350 करोड़ रुपए में अधिग्रहण किया था।

हिस्सेदारी घटाएंगे प्रमोटर्स

कंपनी ने कहा कि सेबी के नियमों के मुताबिक प्रमोटर्स 10% हिस्सेदारी जून 2021 तक और 25% हिस्सेदारी 36 महीनों में कम करना होगा। वर्तमान में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 98.90% और पब्लिक की हिस्सेदारी 1.10% है। जबकि मार्केट रेग्यूलेटर सेबी के नियमों के मुताबिक कंपनी में कम से कम 25% हिस्सेदारी पब्लिक का होना चाहिए। ऐसे में पतंजलि ग्रुप के ओनर बाबा रामदेव ने कहा कि हम हिस्सेदारी घटाने के लिए अगले साल FPO लाएंगे। हालांकि, FPO में बाबा रामदेव की हिस्सेदारी कितनी होगी यह अभी तय नहीं हुआ है।

निवेशकों को रुचि सोया से मुनाफा या घाटा?

पिछले साल दिसंबर में रुचि सोया को पतंजलि को अधिग्रहण करने के बाद रुचि का शेयर लगातार बढ़ता रहा। 27 जनवरी को कंपनी के शेयर का भाव 16.90 रुपए पर कारोबार कर रहा था। यह जून में रिकॉर्ड बढ़त के साथ 1535 रुपए प्रति शेयर पर पहुंचा गया। यानी छह महीने में निवेशकों को 1518.10 रुपए प्रति शेयर का मुनाफा हुआ। लेकिन 14 नवंबर को यह अपने सर्वोच्च स्तर से एक हजार रुपए फिसलकर 535 रुपए प्रति शेयर पर बंद हुआ है। यानी जून के बाद पांच महीनों में निवेशकों को रुचि सोया के शेयरों से हजार रुपए प्रति शेयर नुकसान हुआ।

सितंबर तिमाही के नतीजे

पिछले हफ्ते रुचि सोया ने सितंबर तिमाही के नतीजे पेश किए थे। इसमें कंपनी का रेवेन्यू 28.09% बढ़कर 3,990.72 करोड़ रुपए रहा। कंपनी का मुनाफा भी पिछले साल की तुलना में 54.88% बढ़कर 126.73 करोड़ रुपए रहा था। बाबा रामदेव ने कहा था कि हम रुचि सोया का संचालन बेहतर कर रहे हैं और पतंजलि ग्रुप, आत्मनिर्भर भारत को पूर्ण रुप से दर्शाता है। रुचि सोया के अन्य ब्रांड महाकोश, सनरिच, रुचि गोल्ड और न्यूट्रीला हैं।

खबरें और भी हैं...