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बिजनेस डेस्क. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा कोरोनावायरस (Covid-19) को महामारी घोषित कर दिया गया है। इसका असर भारतीय रुपए पर भी हुआ है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 70 पैसे गिर गया। ये पिछले 17 महीने में रुपए की सबसे बड़ी गिरावट भी है। मौजूदा सत्र के दौरान मुद्रा 74.34 के निचले स्तर पर पहुंच गई। हालांकि, बाद में इसने 74.12 पर व्यापार करने के लिए कुछ नुकसानों की छंटनी की।
कोरोनावायरस का बढ़ता कहर
बता दें कि दुनियाभर के 100 देशों में कोरोनावायरस के 124,000 से ज्यादा केस सामने आए हैं। जिसमें 4,500 लोगों की मौत भी हो चुकी है। खासतौर पर ईरान और इटली में ये तेजी से फेल रहा है। चीन में 80,000 से ज्यादा लोगों में कोरोनावायरस होने की पुष्टि हुई है, वहीं 3,000 से ज्यादा मौत हो चुकी हैं।
बुधवार को विदेशी बाजार में अमेरिकी डॉलर के कमजोर पड़ने के बीच घरेलू इकाई ग्रीनबैक के मुकाबले 73.64 पर आ गई। इस बारे में एलकेपी सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी एंड करेंसी) जतिन त्रिवेदी ने कहा कि कोरोनावायरस के चलते बाजार ट्रेडिंग को अस्थिर बनाए रखेगा, लेकिन गिरते क्रूड की कीमतें रुपए को मजबूती देंगी।
कोरोनोवायरस के डर से विदेशी निवेशकों ने भारतीय इक्विटीज को डंप करना जारी रखा। बुधवार को, विदेशी निवेशक 3,515.38 करोड़ रुपए के नेट सेलर थे, जबकि घरेलू निवेशक (DIIs) 2,835.46 करोड़ रुपए के नेट सेलर थे।
सुबह 09:44 बजे, एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स 1,650 अंकों या 4.6 फीसदी की गिरावट के साथ 34,052 पर कारोबार कर रहा था, जबकि एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स अक्टूबर 2017 के बाद पहली बार 10,000 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया।




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