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अदाणी की बढ़ सकती हैं मुश्किलें:कोयला खदान को लोन देने से मना कर सकता है SBI, ऑस्ट्रेलिया के प्रोजेक्ट को देना है 1 अरब डॉलर का लोन

मुंबई8 महीने पहले
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ऑस्ट्रेलिया के सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में एक शख्स क्रिकेट मैच के दौरान विरोध प्रदर्शन करता हुआ। फोटो 27 नवबंर 2020 की है, जब मैदान में ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच पहला वनडे खेला जा रहा था।   - फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में एक शख्स क्रिकेट मैच के दौरान विरोध प्रदर्शन करता हुआ। फोटो 27 नवबंर 2020 की है, जब मैदान में ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच पहला वनडे खेला जा रहा था। - फाइल फोटो
  • अदाणी ने विवादास्पद कारमाइकल खदान के लिए लोन की मांग की है
  • लोन देने वाली बैंक की जो कमिटी है, उसने इस बारे में इस साल चर्चा नहीं की

देश का सबसे बड़ा बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) अदाणी ग्रुप की कोयला खदान को लोन देने से अपने पैर पीछे खींच सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि ब्लैकरॉक सहित काफी सारे क्लाइेंट एक्टिविट्स और निवेशक दबाव बना रहे हैं अदाणी के कोयला खदान को लोन न मिले।

हाल में जब भारतीय क्रिकेट टीम ऑस्ट्रेलिया गई थी, तब भी क्रिकेट के बीच मैदान में SBI के लोन का विरोध किया गया था। तब यह नारा लगाया गया था अदाणी गो बैक।

पैर पीछे खींच सकता है एसबीआई

SBI के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि बैंक अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड को 1 अरब डॉलर की फंडिंग करने पर अपने पैर पीछे खींच रहा है। अदाणी ने विवादास्पद कारमाइकल खदान के लिए लोन की मांग की है। अधिकारियों ने कहा कि बैंक की एक्जिक्युटिव कमिटी जो अंतिम निर्णय करने वाली है, उसने इस साल लोन देने के बारे में चर्चा नहीं की है। करमाइकल खदान को 2010 में प्रस्तावित किया गया था। तभी से पर्यावरण विरोधियों के निशाने पर यह खदान है। SBI के शेयरधारक भी इसका विरोध करने लगे हैं।

कई निवेशकों ने विरोध जताया है

ब्लैकरॉक और नॉर्वे के स्टोरब्रांड ASA ने पिछले एक साल में अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। बैंक अधिकारियों ने कहा कि अक्टूबर में आए SBI के नए चेयरमैन दिनेश कुमार खारा ने ऑस्ट्रेलियाई परियोजना के विरोध को देखते हुए अदाणी को लोन देने के मामले में चुप्पी साधे हैं। उन्होंने कहा कि फिर भी लोन के बारे में अभी कोई फैसला नहीं किया गया है।

अदाणी ने कहा खदान का निर्माण अच्छी तरह चल रहा है

अदाणी ने एक बयान में कहा कि करमाइकल खदान का निर्माण अच्छी तरह से चल रहा है और हम 2021 में कोयले के निर्यात की राह पर हैं। कंपनी ने कहा कि उसकी खदान और रेल परियोजनाएं पूरी तरह से फंडेड हैं। अदाणी के लोन के मुद्दे ने सरकारी बैंक SBI को पशोपेश में डाल दिया है। विदेशी निवेशक तेजी से कोयला निकालने या खपत करने में शामिल कंपनियों को समर्थन देना कम कर रहे हैं। क्योंकि यह सबसे ज्यादा कार्बन उत्सर्जन करने वाला फॉसिल फ्यूल है।

बिजली का 70 पर्सेंट हिस्सा कोयला प्लांट से आता है

भारत की बिजली का 70% हिस्सा कोयला प्लांट से आता है। SBI के अधिकारी ने कहा कि बैंक को देश की बिजली आपूर्ति जरूरतों के साथ अपनी क्लीन-एनर्जी लेंडिंग पॉलिसी को भी बैलेंस करना है।करमाइकल खदान पूर्वोत्तर क्वींसलैंड प्रांत में गलीली बेसिन में स्थित है। खदान का लाइसेंस आधिकारिक तौर पर क्वींसलैंड सरकार द्वारा 2019 में मंजूर किया गया था। अगर इसे पूरी तरह से विकसित किया जाता है तो यह खदान ऑस्ट्रेलिया के कोयला निर्यात को दोगुना कर सकती है। यह देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक नया वरदान साबित हो सकती है पर यह ग्लोबल वार्मिंग में और मदद कर सकती है।

पिछले एक साल में ऑस्ट्रेलिया का तापमान रिकॉर्ड तौर से बढ़ा है और अक्सर जंगलों में आग लगने की घटनाएं सामने आती रही हैं।

2014 में कंसोर्टियम के साथ एसबीआई ने किया था एग्रीमेंट

SBI ने 1 अरब डॉलर के लिए 2014 में अदाणी के साथ एक कंसोर्टियम के हिस्से के रूप में फंडिंग देने के लिए दुनिया भर के कई बैंकों के साथ जुड़ा। तब से इस योजना में कई बदलाव आए हैं क्योंकि परियोजना राजनीतिक रूप से अधिक विवादास्पद हो गई है। लोन वितरित करने के लिए SBI और अदाणी के बीच समझौते में पर्यावरण मंजूरी और समय सीमा को कवर करने वाले कई कॉन्ट्रैक्ट शामिल थे। SBI अगर लोन देता है इसके ग्लोबल निवेशक इसका विरोध कर सकते हैं।