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सेंसेक्स में 7 महीने में सबसे बड़ी गिरावट क्यों:कृषि कानून और रिलायंस की अरामको डील सबसे बड़े कारण, आगे भी दबाव में रहेगा मार्केट

मुंबई15 दिन पहले

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स में आज 7 महीने की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बाजार 1,170 पॉइंट्स गिर कर 58,465 पर बंद हुआ। अप्रैल के बाद किसी एक दिन में यह सबसे बड़ी गिरावट है।

हालांकि बाजार में पिछले 6 कारोबारी दिनों से भारी गिरावट रही। 9 नवंबर को 112 पॉइंट्स, 10 को 80 पॉइंट्स, 11 को 433 पॉइंट्स, 16 नवंबर को 396 पॉइंट्स, 17 को 314 पॉइंट्स और 18 नवंबर को 372 पॉइंट्स की गिरावट रही। यानी इन्हीं दिनों में तकरीबन 1,700 पॉइंट्स की कमी आई। जबकि सोमवार को सेंसेक्स 1,170 अंक गिरा।

बाजार की गिरावट के प्रमुख कारण
दरअसल बाजार की गिरावट के कई कारण हैं। सबसे पहले तो केंद्र सरकार द्वारा तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने से सरकारी कंपनियों के शेयर्स पर इसका असर दिखा। इसके बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज की सऊदी अरामको के साथ डील कैंसिल हो गई। तीसरा पेटीएम के शेयर्स में दूसरे दिन भारी गिरावट जारी रही। कई देशों में महंगाई का स्तर बढ़ने के साथ-साथ कोरोना की वजह से लॉकडाउन का लगना भी बाजार की गिरावट का कारण बना। साथ ही निवेशकों ने बाजार की तेजी में मुनाफा वसूली भी जमकर की है।

ऑस्ट्रेलिया में लॉकडाउन की तैयारी
ऑस्ट्रेलिया ने कहा कि वह फिर से लॉकडाउन लगा रहा है। फरवरी से वैक्सीनेशन अनिवार्य कर देगा। अन्य देशों में स्लोवाकिया, जर्मनी, बेल्जियम भी लॉकडाउन लगाने वाले हैं। इसके अलावा यूरोपियन केंद्रीय बैंक अब दरों में बढ़ोतरी करने की योजना बना रहा है। इसने कहा है कि महंगाई 2% से ऊपर रह सकती है। एशियाई बाजार सोमवार को गिरावट में कारोबार करते रहे। टोक्यो, हांगकांग, सिडनी और अन्य बाजारों में गिरावट रही।

आगे क्या होगा?
इस गिरावट के साथ ही बाजार अब कंसोलिडेशन चरण में आ गया है। यानी स्टॉक मार्केट में विशेष उतार-चढ़ाव दिख सकता है। जैसे आज बाजार में एयरटेल और वोडाफोन के शेयर्स में अच्छी तेजी रही। कारण यह रहा कि टेलिकॉम कंपनियां आने वाले समय में टैरिफ बढ़ा सकती हैं। यह अनुमान है कि बाजार इस हफ्ते और अगले हफ्ते दबाव में रह सकता है।

इस वजह से IPO लाने वाली कंपनियां अपने इश्यू को टाल सकती हैं। यूरोप और अन्य देशों में कोरोना के बढ़ते मामले ग्लोबल इकोनॉमिक रिकवरी पर असर डाल सकते हैं।

बाजार की बड़ी गिरावट
सेंसेक्स 28 अक्टूबर को 1,158 पॉइंट्स गिरकर 59,984 पर बंद हुआ था। इससे पहले सेंसेक्स 12 अप्रैल 2021 को 1,707 पॉइंट्स गिर कर 47,883 पर बंद हुआ था। 30 अप्रैल को सेंसेक्स 983 पॉइंट्स गिरकर बंद हुआ था। 24 सितंबर को सेंसेक्स पहली बार 60 हजार के पार पहुंचा था।

गिरावट में सबसे ज्यादा योगदान देने वाले शेयर्स
देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 4% से ज्यादा गिरा। इसका मार्केट कैप 15 लाख करोड़ रुपए के नीचे आ गया। बजाज फाइनेंस का शेयर 6% और बजाज फिनसर्व का शेयर 5% से ज्यादा टूटा। बजाज ऑटो का शेयर 3% से ज्यादा टूटा। जबकि पेटीएम, NTPC और मारुति जैसे शेयर्स ने भी बाजार पर जबरदस्त दबाव बनाया। बैंकिंग शेयर आज 3% तक टूटे।

दो महीने में पहली बार निफ्टी 17,500 से नीचे
पिछले 2 महीने में पहली बार निफ्टी 17,500 के नीचे आया। यह आज 17,416 पर बंद हुआ। 19 अक्टूबर को BSE ने 62,245 के लेवल को टच किया था। इससे बाजार काफी महंगा हो गया था। पिछले एक महीने में सेंसेक्स में 5.8% या फिर 3,600 पॉइंट की गिरावट आई है। इसमें से अकेले 1,170 पॉइंट्स (1.96%) की आज गिरावट आई है।

कहां करें खरीदारी?
बाजार के जानकार कहते हैं कि बाजार की वर्तमान गिरावट निकट समय में चिंता पैदा कर सकती है। हालांकि आगे चलकर बाजार नई ऊंचाई भी छुएगा। ऐसे में अगर किसी अच्छे शेयर्स में ज्यादा गिरावट आती है तो निवेशक उसमें खरीदारी कर सकते हैं। आज बाजार की गिरावट में ऐसे कई सारे शेयर्स हैं जो बुरी तरह पिटे हैं।