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कोरोनावायरस / संक्रमण बढ़ा तो सोलर पैनल, फार्मा, प्लास्टिक और जेम्स-ज्वैलरी इंडस्ट्री की मुश्किलें बढ़ेंगी

Serious crisis in front of solar panel, pharmaceuticals, plastics and gems & jewelery industry due to increasing infection of Carona virus
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Serious crisis in front of solar panel, pharmaceuticals, plastics and gems & jewelery industry due to increasing infection of Carona virus

  • एनर्जी सेक्टर में 75% सोलर पैनल चीन से आयात होते हैं
  • भारत फार्मा ड्रग इंग्रीडिएंट्स का 69% चीन से आयात करता है
  • प्लास्टिक प्रोडक्ट्स का 44% हिस्सा चीन से आयात होता है
  • जेम्स एंड ज्वैलरी में डायमंड का 36% हिस्सा चीन को निर्यात होता है

दैनिक भास्कर

Feb 21, 2020, 05:06 PM IST

नई दिल्ली. अप्रैल से दिसंबर 2019 के बीच भारत ने चीन से 3.73 लाख करोड़ रुपए (52 बिलियन डॉलर) का आयात किया था। कच्चा माल और मटेरियल के चलते स्टील, ऑयल एंड गैस, फार्मा, ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेब्ल्स, आईटी सर्विस और केमिकल सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। इसके अलावा भारत मोबाइल हैंडसेट, टीवी सेट और कुछ अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के मामले में चीन पर निर्भर है। भारत ने इस अवधि में चीन को 93 हजार करोड़ रुपए (13 बिलियन) का निर्यात किया था। लिहाजा निर्यात सेक्टर की कंपनियां दाम और सप्लाई चेन की वजह से संकट में फंस जाएगी। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्शन 76,300 करोड़ रुपए का है। इसमें चीन से आयात 45 फीसदी है। इलेक्ट्राॅनिक्स सेक्टर मार्केट 5.3 लाख करोड़ रुपए का है। इसमें से निर्यात केवल 6% का है और आयात 31% का है। आयात में भी 67% के लिए निर्भरत चीन के ऊपर है। 

45% कंज्यूमर ड्यूरेबल चीन से आयात होते हैं 

 सेक्टर चीन के ऊपर निर्भरता
सोलर पैनल  एनर्जी सेक्टर में 75% सोलर पैनल चीन से आयात होते हैं।
फार्मा बल्क ड्रग्स  भारत फार्मा ड्रग इंग्रीडिएंट्स का 69% चीन से आयात करता है।
कंज्यूमर ड्यूरेबल्स  पूरे तरह से बने हुए 45% कंज्यूमर ड्यूरेबल चीन से आयात होते  हैं। इसके अलावा 67% कंपोनेंट चीन से आते हैं। 
कृषि संबंधित  पेस्टीसाइड के 50% टेक्निकल इनपुट चीन से आते हैं। 10% यूरिया का आयात चीन से होता है।
प्लास्टिक 44% चीन से आयात होता है।
लेदर चीन से भारत से 38% आयात करता है।
सेरामिक्स 37% आयात चीन से होता है।
जेम्स एंड ज्वैलरी डायमंड का 36% हिस्सा चीन को निर्यात होता है।
पेट्रोकेमिकल्स  पेट्रोकेमिकल्स का 34% हिस्सा चीन को निर्यात होता है।
ऑटो कंपोनेंट  ऑटो कंपोनेंट का 18% और 30% टायर चीन से आते हैं।
कॉटन यार्न  कॉटन यार्न का 27% चीन को निर्यात होता है।
सीफूड  भारत के सीफूड निर्यात में चीन की हिस्सेदारी 22% है।
पेपर आयातित पेपर में चीन की हिस्सेदारी 17% है।
स्टील  भारत चीन से 17% चीन से आयात करता है।
एल्युमीनियम भारत प्राइमरी एल्युमीनियम का 1% चीन को निर्यात करता है। आयात कुल वैल्यू का 2% से कम है।
रेडीमेड गारमेंट्स 1% हिस्सा चीन को निर्यात होता है।

   

सोर्स: क्रिसिल


चीन की आर्थिक गतिविधियों का 90% कोरोनावायरस संक्रमण क्षेत्रों से 
सोलर पैनल में वैश्विक आपूर्ति का 80% हिस्सा चीन से आता है। वैश्विक लौह अयस्क ट्रेड में चीन की हिस्सेदारी 70-75% है। कोयले में चीन का हिस्सा 20-25% है और क्रूड ऑयल में चीन की हिस्सेदारी 25-30% है। डन एंड ब्रॉडस्ट्रीट ने कहा है कि, कोरोनावायरस के संक्रमण का असर जून के बाद भी बना रहा, तो वैश्विक आर्थिक वृद्धि करीब एक फीसदी नीचे आ सकती है। चीन में करीब 2.2 करोड़ कंपनियां यानी चीन की आर्थिक गतिविधियों का 90 फीसदी उन क्षेत्रों में ही स्थित है, जहां वायरस के संक्रमण का अधिक असर है। 

वैश्विक कंपनियों के ऊपर असर
एपल ने कहा कि वह अपने इस तिमाही के रेवेन्यू टारगेट को प्राप्त नहीं कर पाएगी। चीन से आपूर्ति बाधित होने और चीन में मांग में भारी कमी आने से वह लक्ष्य से पीछे रह जाएगी। कार निर्माता जगुआर लैंड रोवर ने कहा है कि उसके ब्रिटिश फैक्ट्री में सिर्फ अगले सप्ताह तक का ऑटो पार्ट्स बचा है। कंपनी अपने ऑटो पार्ट का बड़ा हिस्सा चीन से मंगाती है। साथ ही जगुआर की बिक्री 23% चीन में होती है। लिहाजा जगुआर की बिक्री और पार्ट्स सप्लाई दोनों बुरी तरह प्रभावित है।

संक्रमण नियंत्रित न होने से ग्लोबल अर्थव्यवस्था को 78 लाख करोड़ का नुकसान
चीन में फैला कोरोनावायरस अगर नियंत्रित नहीं होता है और दूसरे देशों में भी फैलता है तो इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को 78 लाख करोड़ रुपए (1.1 ट्रिलियन डॉलर) का नुकसान हो सकता है। ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स ने अनुमान व्यक्त किया है कि इसके महामारी का रुप लेने की स्थिति में इस साल वैश्विक विकास दर 1.3% कम रह सकती है। क्रिसिल की रिपोर्ट के मुताबिक अगले दो महीने में मौसम में गर्मी आएगी, इससे चीन में संक्रमण अप्रैल तक कम हो जाएगा। बुरी से बुरी स्थिति में संक्रमण वित्तीय वर्ष 2021 की पहली तिमाही तक जा सकता है। 
 

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