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शेयर मार्केट:सेंसेक्स 1456 पॉइंट की गिरावट के साथ 52846 पर बंद, IT और बैंकिंग स्टॉक्स सबसे ज्यादा फिसले

मुंबई6 महीने पहले

भारतीय शेयर बाजार आज भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 1456.74 पॉइंट या 2.68% की गिरावट के साथ 52,846.70 पर और निफ्टी 427.40 पॉइंट या 2.64% की गिरावट के साथ 15,774.40 पर बंद हुआ। सबसे ज्यादा गिरावट मेटल और IT स्टॉक्स में रही। ये 3-4% की गिरावट के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स 1,119 पॉइंट की गिरावट के साथ 53,184 पर और निफ्टी 324 पॉइंट की गिरावट के साथ 15,877.55 पर खुला था। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 53,207.54 का हाई और 52,527.08 का लो पॉइंट बनाया।

भारतीय रुपया शुक्रवार को 77.84 रुपए प्रति डॉलर के बंद के मुकाबले 19 पैसे नीचे गिरकर 78.03 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में इसने 78.28 रुपए प्रति डॉलर का नया रिकॉर्ड बनाया।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 1 में बढ़त और 29 में गिरावट रही।
सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 1 में बढ़त और 29 में गिरावट रही।

मिडकैप और स्मॉलकैप में भी गिरावट रही
BSE का मिडकैप 613.52 पॉइंट या 2.73% की गिरावट के साथ 21,876.80 पर बंद हुआ।

BSE मिडकैप के बढ़त और गिरावट वाले टॉप शेयर्स।
BSE मिडकैप के बढ़त और गिरावट वाले टॉप शेयर्स।

BSE का स्मॉलकैप 814.09 पॉइंट या 3.15% की गिरावट के साथ 25,043.33 पर बंद हुआ।

BSE स्मॉलकैप के बढ़त और गिरावट वाले टॉप शेयर्स।
BSE स्मॉलकैप के बढ़त और गिरावट वाले टॉप शेयर्स।

सभी सेक्टोरल इंडेक्स में गिरावट
निफ्टी के सभी 11 सेक्टोरल इंडेक्स में गिरावट रही। सबसे ज्यादा 4.12% की गिरावट IT इंडेक्स में रही। इसके बाद 3% से ज्यादा की गिरावट वाले इंडेक्स में बैंक, फाइनेंशियल सर्विस, मीडिया, मेटल, PSU बैंक, प्राइवेट बैंक और रियल्टी रहे। इसके बाद ऑटो इंडेक्स में 2% की गिरावट रही। वहीं फार्मा में 1.83% और FMCG में 0.94% की गिरावट रही।

बाजार में गिरावट के कारण
इस गिरावट के पीछे कारण ये हैं कि शुक्रवार को अमेरिकी बाजार बुरी तरह से टूटे थे। डाओ जोंस 880 अंक लुढ़ककर 31,392 पर बंद हुआ है। S&P 500 भी 3% और नैस्डेक में 3.5% की गिरावट देखने को मिली। इसके अलावा यूरोप के बाजार 2-3% लुढ़के। बात करें एशियन मार्केट की जापान, हॉन्गकन्ग, चीन और ताइवान के मार्केट भी गिरावट के साथ बंद हुए।

अमेरिकी बाजार के टूटने के पीछे की बड़ी वजह महंगाई दर है। यहां महंगाई 40 साल की ऊंचाई पर पहुंच गई है। 1981 के बाद यूएस में महंगाई दर मई में 8.6% पर पहुंची है। इससे फेडरल रिजर्व पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। इसके अलावा क्रूड ऑयल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। ये अभी करीब 120 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के वीपी - रिसर्चर अजीत मिश्रा ने कहा कि इस हफ्ते में बाजार में ज्यादा अस्थिरता रहेगी। अमेरिकी महंगाई दर के साथ साथ बाजार शुक्रवार को जारी किए फ्रैक्टरी आउटपुट के डेटा पर रिएक्ट करेगा। इसके अलावा आज रिटेल महंगाई के आकंड़े आएंगे। वहीं यूएस फेड की बैठक का आउटकम 15 जून को आएगा। इन सभी चीजों को लेकर बाजार में अनिश्चितता का माहौल है।

पिछले कारोबारी दिन सेंसेक्स में 1.84% की गिरावट रही
सेंसेक्स और निफ्टी हफ्ते 10 जून को भारी गिरावट के साथ बंद हुए थे। सेंसेक्स 1016.84 पॉइंट या 1.84% की गिरावट के साथ 54,303.44 पर और निफ्टी 276.30 पॉइंट या 1.68% की गिरावट के साथ 16,201.80 पर बंद हुआ था। सेंसेक्स में इंफोसिस, बजाज फाइनेंस, विप्रो, कोटक बैंक और HDFC में 2 से 4% की गिरावट रही।

10 जून को सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर

अप्रैल में इंडस्ट्रियल ग्रोथ 7.1% पर पहुंची
इंडस्ट्रियल ग्रोथ यानी IIP के आंकड़े शुक्रवार को जारी किए गए थे। कैपिटल गुड्स और कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर में ग्रोथ के कारण अप्रैल 2022 में भारत की फैक्ट्री आउटपुट ग्रोथ 7.1% बढ़कर 135.1 पर पहुंच गई। ये 8 महीने का उच्चतम स्तर है। इलेक्ट्रिसिटी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से भी ग्रोथ को सपोर्ट मिला। एक महीने पहले मार्च में यह 2.2% रही थी। अप्रैल 2021 में IIP ग्रोथ 133.5% बढ़कर 126.6 रही थी। इतनी ज्यादा ग्रोथ का कारण लो बेस इफेक्ट था।

दरअसल, मार्च 2020 में कोरोना की वजह से लगाए गए लॉकडाउन की वजह से देश में आर्थिक गतिविधियां थम गई थीं। इसका असर यह हुआ कि IIP बेस नीचे चला गया। अप्रैल 2020 में IIP 57.31% गिरकर 54.0 पर पहुंच गई थी। जब बेस बहुत नीचे चला जाता है तो थोड़ा उछाल भी बड़े सुधार का भ्रम पैदा करता है।

आज आएंगे रिटेल महंगाई के आंकड़े
आज मई के रिटेल महंगाई के आंकड़े जारी किए जाएंगे। बाजार बंद होने के बाद ये आंकड़े आएंगे, लेकिन निवेशक इसे लेकर पहले से ही सतर्क है। खाने-पीने के सामान से लेकर तेल के दाम बढ़ने से अप्रैल में महंगाई 8 साल के पीक पर पहुंच गई थी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) आधारित रिटेल महंगाई दर अप्रैल में बढ़कर 7.79% हो गई थी। मई 2014 में महंगाई 8.32% थी।