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ट्विटर डील को शेयरहोल्डर्स की मंजूरी:एलन मस्क ने 44 बिलियन डॉलर में दिया था ऑफर, फिर कैंसिल किया

वॉशिंगटन2 महीने पहले
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सोशल मीडिया दिग्गज ट्विटर के शेयरहोल्डर्स ने 13 सितंबर को 44 बिलियन डॉलर (करीब 3.50 लाख करोड़ रुपए) डील को मंजूरी दे दी। ट्विटर के अधिकांश शेयरधारकों ने 54.20 डॉलर प्रति शेयर के बायआउट प्रपोजल के पक्ष में वोट किया। कंपनी के सैन फ्रांसिस्को हेडक्वार्टर में इन्वेस्टर्स के साथ एक शॉर्ट कॉन्फ्रेंस कॉल में ये फैसला लिया।

कंपनी ने ये डील अरबपति टाइकून एलन मस्क के साथ की थी। हालांकि, मस्क ने स्पैम अकाउंट की गलत जानकारी का हवाला देते हुए डील कैंसिल कर दी थी। ऐसे में ट्विटर इसे लेकर कोर्ट पहुंच गया। 17 अक्टूबर से अमेरिका के डेलावेयर कोर्ट में सुनवाई शुरू होनी है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान जज तय करेंगे कि मस्क को कंपनी खरीदनी है या नहीं।

शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के क्या है मायने?
शेयरहोल्डर्स की मंजूरी का मतलब है कि ट्विटर अब एलन मस्क को कोर्ट में कंपनी खरीदने के लिए मजबूर करने की पूरी कोशिश करेगा। शेयरधारकों की इसके लिए हरी झंडी मिल गई है। यहां हम आपको ये भी बता दें कि ट्विटर की वैल्यू वर्तमान में करीब 32 बिलियन डॉलर (करीब 2.5 लाख करोड़ रुपए) है, जो मस्क के 44 बिलियन डॉलर के ऑफर से काफी कम है।

डील कैंसिल करने के बाद मस्क ने किया था ट्वीट
मस्क ने इस डील को कैंसिल करने के बाद एक ट्वीट किया था। इसमें उन्होंने चार इमेज लगाईं थी और एक तरह से डील का मजाक उड़ाया था। इन तस्वीरों के जरिये उन्होंने कहा, “मैं ट्विटर नहीं खरीद सकता। फिर उन्होंने बॉट अकाउंट की जानकारी नहीं दी। अब वो ट्विटर खरीदने के लिए मुझसे जबरदस्ती कर रहे हैं। अब उनको बॉट अकाउंट की जानकारी कोर्ट में देनी होगी।"

मस्क को उल्लंघन से रोकने के लिए केस
ट्विटर ने कहा था, हम यह एक्शन इसलिए ले रहे हैं, ताकि मस्क को आगे किसी भी उल्लंघन से रोका जाए और मस्क को इस डील को पूरा करने को कहा जाए। मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि मस्क ने मर्जर एग्रीमेंट की कई शर्तों को तोड़ा है। यह भी आरोप लगाया गया है कि इस पूरे प्रकरण से ट्विटर के बिजनेस और छवि को नुकसान पहुंचा है।

पूरा मामला समझें
एलन मस्क ने 14 अप्रैल को 43 अरब डॉलर में ट्विटर को खरीदने का ऑफर दिया था। मस्क ने कहा था कि ट्विटर में निवेश शुरू करने से एक दिन पहले के भाव से 54% प्रीमियम पर 54.20 डॉलर प्रति शेयर के हिसाब से 100% हिस्सेदारी खरीदने की पेशकश कर रहा हूं। यह ऑफर मेरा सबसे अच्छा और आखिरी ऑफर है और यदि इसे स्वीकार नहीं किया जाता है, तो मुझे एक शेयरधारक के रूप में अपनी स्थिति पर पुनर्विचार करने की जरूरत होगी।

मस्क के पास ट्विटर की 9.2% हिस्सेदारी है। 4 अप्रैल को इसकी जानकारी सामने आई थी। मस्क ने भले ही शुरुआती फाइलिंग में 43 अरब डॉलर का ऑफर दिया था, लेकिन ट्विटर की डील को मंजूरी के बाद ये आंकड़ा 44 अरब डॉलर पर पहुंच गया था। हालांकि, बाद में मस्क ने कहा कि स्पैम अकाउंट की सही जानकारी नहीं होने के कारण वह डील को कैंसिल कर रहे हैं। अब ट्विटर चाहता है कि वो इस डील को पूरा करें। इसके लिए वो कोर्ट भी पहुंच गया है।

अब आगे क्या?
मस्क के डील कैंसिल करने के खिलाफ ट्विटर कोर्ट पहुंच गया है। 17 अक्टूबर से अमेरिका के डेलावेयर कोर्ट में सुनवाई शुरू होनी है। अब ट्विटर चाहता है कि वो इस डील को पूरा करें। ऐसे में अब जानकारों का मानना है कि कोर्ट में ही इस मामले का कोई हल निकल सकता है।

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