शेयर बाजार:बाजार में लिस्टेड 12 सरकारी बैंकों में से 5 के शेयर 10 रुपए के फेस वैल्यू के आसपास कर रहे हैं ट्रेड

नई दिल्लीएक वर्ष पहले
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इन शेयरों में निवेशकों की कम रुचि होने का एक कारण है कम फ्री फ्लोट - Dainik Bhaskar
इन शेयरों में निवेशकों की कम रुचि होने का एक कारण है कम फ्री फ्लोट
  • इनमें से अधिकतर बैंकों में सरकार की हिस्सेदारी 90% से ज्यादा है
  • कम फ्री फ्लोट के कारण आम निवेशकों के बीच ट्र्रेड के लिए बाजार में बहुत कम शेयर उपलब्ध हैं

शेयर बाजार में तेजी के बाद भी बाजार में लिस्टेड 12 सरकारी बैंकों में से 5 के शेयर उनके फेस वैल्यू के आसपास ट्रेड कर रहे हैं। एक विश्लेषक ने कहा कि इन शेयरों में निवेशकों की कम रुचि होने का एक कारण है कम फ्री फ्लोट। इनमें से अधिकतर बैंकों में सरकार की हिस्सेदारी 90 फीसदी से ज्यादा है। इसके कारण आम निवेशकों के बीच ट्र्रेड के लिए बाजार में बहुत कम शेयर उपलब्ध हैं।

इंडियन ओवरसीज बैंक फेस वैल्यू से भी कम पर ट्रेड कर रहा है

इंडियन ओवरसीज बैंक के शेयर फेस वैल्यू (10 रुपए प्रति शेयर) के भी नीचे ट्रेड कर रहे हैं। शुक्रवार को इसके शेयर बीएसई पर 9.27 रुपए पर बंद हुए। चेन्नई का इंडियन ओवरसीज बैंक सितंबर 2000 में शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुआ था।

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के शेयर सबसे ज्यादा 12.45 रुपए पर बंद हुए

बाकी चार सरकारी बैंकों में बैंक ऑफ महाराष्ट्र, यूको बैंक, पंजाब एंड सिंद बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के शेयर भी 10 रुपए के फेस वैल्यू के आसपास ट्रेड कर रहे हैं। शुक्रवार को पंजाब एंड सिंद बैंक के शेयर बीएसई पर 10.81 रुपए पर बंद हुए। बैंक ऑफ महाराष्ट्र के शेयर 11.29 रुपए पर बंद हुए। मुंबई के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के शेयर 12.45 रुपए पर बंद हुए। कोलकाता के यूको बैंक कके शेयर 12.14 रुपए पर बंद हुए।

इंडियन ओवरसीज बैंक में सरकारी की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 95.84%

इंडियन ओवरसीज बैंक में सरकारी की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 95.84 फीसदी है। यूको बैंक में यह 94.44 फीसदी, बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 93.33 फीसदी और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में यह 92.39 फीसदी है। दिल्ली के पंजाब एंड सिंद बैंक में सरकार की हिस्सेदारी 90 फीसदी से कम 83.06 फीसदी पर है।

बैंकों ने बाजार से शेयर पूंजी जुटाने के लिए शेयरधारकों से मंजूरी ली है

कई बैंकों ने पूंजी बाजार से फंड जुटाने के लिए शेयरधारकों से मंजूरी ले ली है। इससे उनमें सरकार की हिस्सेदारी थोड़ी घट जाएगी। बैसल-3 नियमों के मुताबिक बैंकों के लिए न्यूनतम कॉमन इक्विटी टियर-1 (सीईटी-1) रेश्यो 5.50 फीसदी, कैपिटल कंजर्वेशन बफर (सीसीबी) शेयर पूंजी के रूप में 2.50 फीसदी, टियर-1 रेश्यो 9.50 फीसदी और कुल सीआरएआर11.50 फीसदी रखना जरूरी है।

यूको बैंक 3,000 करोड़ रुपए की शेयर पूंजी जुटाएगा

यूको बैंक ने 3,000 करोड़ रुपए की शेयर पूंजी जुटाने की मंजूरी ली है। बैंक यह पूंजी फॉलो ऑन पब्लिक ऑफर (एफपीओ), क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (क्यूआईपी) और प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिये जुटाएगा। बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने 2,000 करोड़ रुपए तक शेयर पूंजी जुटाने की मंजूरी ली है। ये पूंजी बैंक क्यूआईपी इश्यू, एफपीओ या राइट्स इश्यू के जरिये जुटाएगा। इंडियन ओवरसीज बैंक ने पब्लिक ऑफर या राइट्स इश्यू के जरिये 500 करोड़ रुपए की शेयर पूंजी जुटाना चाहता है। इसमें केंद्र सरकार भी हिस्सा ले सकेगी। सेंट्राल बैंक ऑफ इंडिया 5,000 करोड़ रुपए की शेयर पूंजी जुटाना चाहता है। इसके लिए बैंक एफपीओ या राइट्स इश्यू ला सकती है।

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