पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Business
  • Shares Will Be Transferred On The Very Next Day Of Trading, But Volatility May Increase In The Market

1 जनवरी से टी +1 सेटलमेंट व्यवस्था संभव:ट्रेडिंग के अगले ही दिन ट्रांसफर हो जाएंगे शेयर, लेकिन बाजार में बढ़ सकता है उतार-चढ़ाव

मुंबई3 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

सेबी अगले साल एक जनवरी से शेयर्स की खरीद-फरोख्त संबंधी सेटलमेंट की वैकल्पिक व्यवस्था ‘टी +1’ (ट्रेड और अगला दिन) लागू करेगा। अभी शेयर बाजारों में सौदे पूरा होने में ट्रेडिंग के बाद दो (टी +2) दिन लगते हैं। नई व्यवस्था लागू होने से क्या बदलेगा, इस पर स्वास्तिका इन्वेस्टमेंट के CEO अमित पामनानी से खास बातचीत।

सवाल: टी +1 मौजूदा सेटलमेंट साइकिल से कैसे अलग है?
जवाब: यदि आप BSE या NSE में किसी कंपनी का शेयर आज खरीदते हैं तो आपके डीमैट अकाउंट में वह शेयर ट्रेडिंग के अगले दो वर्किंग डे (टी+2) में ट्रांसफर होगा। जाहिर है, इसके बाद ही आप उस शेयर को बेच सकते हैं। एक जनवरी से ट्रेडिंग के अगले ही दिन (टी+1) शेयर आपके डीमैट अकांउट में ट्रांसफर हो जाएंगे। 2003 तक टी+3 सेटलमेंट साइकिल चलन में था। टी+1 साइकिल वैकल्पिक है, लिहाजा 1 जनवरी से यदि कोई स्टॉक एक्सचेंज टी+2 सेटलमेंट जारी रखना चाहेगा, तो उसे 1 महीने का नोटिस देना होगा।

सवाल: नई सेटलमेंट व्यवस्था लागू करने के पीछे मंशा क्या है?
जवाब: सेटलमेंट साइकिल घटाने के पीछे बाजार नियामक सेबी की मंशा बाजार में शेयरों की खरीद-फरोख्त की चुस्ती बढ़ाना है। यह फैसला निवेशकों के हित में भी है। सेटलमेंट साइकिल छोटा हो जाने से ऑपरेशनल रिस्क कम हो जाएगा और नकदी की जरूरतें घटेंगी।

सवाल: अलग-अलग निवेशकों के लिए टी +1 के क्या मायने हैं?
जवाब: बड़ी मात्रा में शेयरों की खरीद-फरोख्त करने वालों के लिए टी +1 काफी फायदेमंद है। सेटलमेंट एक दिन पहले हो जाने से उन्हें नकदी के मामले में सहूलियत होगी और मार्जिन की जरूरत भी कम रह जाएगी। छोटे या रिटेल निवेशकों पर इस नई सेटलमेंट व्यवस्था का ज्यादा असर नहीं होगा।

सवाल: नए सेटलमेंट साइकल के निवेशक को क्या नुकसान हो सकते हैं?
जवाब: सीधे तौर पर नए सेटलमेंट साइकल का कोई नुकसान नहीं है। कुछ दिक्कतें जरूरत हो सकती हैं, मसलन अगले ही दिन सौदे का निपटान होने से निवेशक को पेमेंट की व्यवस्था करने के लिए वक्त नहीं मिलेगा।

सवाल: नई व्यवस्था का बाजार के उतार-चढ़ाव पर क्या असर हो सकता है ?
जवाब: निश्चित तौर पर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ेगा। निवेशकों को ज्यादा सतर्कता दिखानी होगी। हालांकि यह देखकर कि रिटर्न हमेशा उतार-चढ़ाव वाले बाजार में मिलता है, इसे सकारात्मक मानना चाहिए।