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कॉम्पिटिशन में रुकावट बनती लंबी भर्ती प्रक्रिया:कोविड से बढ़ा वर्चुअल हायरिंग का ट्रेंड, भर्ती करने के लिए तैयार हैं 60% कंपनियां

नई दिल्लीएक वर्ष पहले
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  • 81% कंपनियों ने महामारी के दौरान भर्तियों के लिए वर्चुअल प्लेटफॉर्म को चुना
  • आधी कंपनियों ने रिमोट हायरिंग सिस्टम अपनाया, टेक्नोलॉजी में निवेश किया
  • तीन चौथाई कंपनियों ने कहा- टेक्नोलॉजी से हो रहा है बिजनेस में वैल्यू एडिशन

आने वाले समय में ज्यादातर भर्तियां वर्चुअल तरीकों से होंगी, यह बात टैलेंट असेसमेंट का काम करने वाली ग्लोबल कंपनी मर्सर एंड मैटल की हालिया रिपोर्ट से सामने आई है। कंपनी की तरफ से कराए गए सर्वेक्षण में शामिल लगभग आधे प्रतिभागियों ने कोविड-19 के दौरान भर्ती के डिजिटल तरीके अपनाने की बात कही है।

भर्तियों के लिए वर्चुअल प्लेटफॉर्म का चुनाव

मर्सर एंड मैटल ने भर्तियों के हालिया रुझान पर आधारित द स्टेट ऑफ टैलेंट एक्विजिशन रिपोर्ट 2021 जारी की है। उसके सर्वेक्षण में शामिल लगभग 81% कंपनियों ने कहा है कि उन्होंने कोविड के दौरान भर्तियों के लिए वर्चुअल प्लेटफॉर्म का चुनाव किया है।

ऑनलाइन मीडियम का इस्तेमाल फायदेमंद

सर्वेक्षण के मुताबिक, भर्तियों के लिए ऑनलाइन मीडियम का इस्तेमाल बहुत फायदेमंद रहा है। ऐसा इसलिए कि हायरिंग प्रोसेस पूरा करने में कम समय लगा और खर्च भी कम हुआ। और-तो-और, इसके जरिए उन्हें दुनिया भर से बेस्ट कैंडिडेट चुनने का मौका मिला।

2021 में भर्तियों का सकारात्मक रुझान

2020 में नौकरियों में कटौती हुई और बेरोजगारी दर बढ़ी, लेकिन 2021 में भर्तियों के सकारात्मक रुझान दिख रहे हैं। हायरिंग मैनेजर भर्तियों का लेवल कोविड से पहले वाले लेवल पर पहुंचने को लेकर आश्वस्त हैं। सर्वेक्षण में शामिल 60% कंपनियों ने नए पदों पर भर्तियां करने की मंशा जताई।

कंपनियों ने तेजी से टेक्नोलॉजी अपनाई

मर्सर एंड मैटल के सीईओ सिद्धार्थ गुप्ता कहते हैं, 'कोविड के दौरान पिछले 14 महीनों में भर्तियों के रुझान में बड़े बदलाव आए हैं। रिपोर्ट बताती है कि कंपनियों ने कोविड के चलते किस तेजी से आधुनिक टेक्नोलॉजी अपनाई और उनसे उन्हें आगे कितना फायदा मिल सकता है।'

प्रोडक्ट और टेक रोल के लिए ज्यादा हायरिंग

सर्वे की रिपोर्ट यह भी बताती है कि कंपनियां नए माहौल के हिसाब से मौजूदा रोल को बेहतर बना रही हैं और नए रोल क्रिएट कर रही हैं। सर्वे में शामिल 53% कंपनियों ने कहा कि वे प्रोडक्ट और टेक्नोलॉजी रोल के लिए हायरिंग करना चाहती है। 39.42% कंपनियों ने ऑपरेशंस और 39% कंपनियों ने सेल्स रोल में हायरिंग करने की इच्छा जताई।

इनक्लूजन वाली सोच अपना रहीं कंपनियां

मर्सर एंड मैटल की हालिया सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 में रोजगार के समान अवसर बनेंगे। सर्वे रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनियां भविष्य की जरूरतों के मुताबिक काम कर रही हैं। इसको देखते हुए वे भर्तियों के लिए विविधता, समानता और इनक्लूजन वाली सोच अपना रही हैं।

कंपनियों को लंबी भर्ती प्रक्रिया से परेशानी

सर्वे रिपोर्ट में हायरिंग मैनेजर के सामने आने वाली चुनौतियों का भी जिक्र किया गया है। उसके मुताबिक, ज्यादातर कंपनियों की भर्ती प्रक्रिया लंबी होती है, जो बेहद प्रतिस्पर्धी बाजार के हिसाब से सही नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसे में कम से कम समय में सही टैलेंट की भर्ती बेहद जरूरी है।

कुछ कंपनियों में तीन महीने से लंबी भर्ती प्रक्रिया

रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ 20% कंपनियों की भर्ती प्रक्रिया छोटी यानी 1 महीने से कम है। 25% से ज्यादा कंपनियों को भर्ती प्रक्रिया पूरा करने में तीन महीने या ज्यादा समय लगता है। 35.92% कंपनियों ने बताया कि डेटा और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल नहीं होना, भर्ती प्रक्रिया की सबसे बड़ी चुनौती है।

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