नई व्यवस्था / एसबीआई ने लोन, जमा पर ब्याज को रेपो रेट से जोड़ा



State Bank of India links pricing of loans, deposits to repo rate
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State Bank of India links pricing of loans, deposits to repo rate

  • इसके बाद रेपो रेट बदलने से जमा और लोन पर असर पड़ेगा
  • नई व्यवस्था 1 मई 2019 से लागू होगी

Dainik Bhaskar

Mar 09, 2019, 01:06 PM IST

नई दिल्ली. देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने लोन और जमा राशि पर ब्याज दरों को रेपो रेट से जोड़ने की घोषणा की है। इससे रेपो रेट में बदलाव का ग्राहकों पर तत्काल असर होगा। रेपो रेट बढ़ने पर जमा और कर्ज पर भी ब्याज दर बढ़ जाएगी। रेपो घटने पर इनमें भी कमी आएगी। छोटी जमा और कर्ज वालों को इससे बाहर रखा गया है। जिनके खाते में एक लाख रुपए से अधिक जमा राशि है, वही इसके दायरे में आएंगे।

 

कम अवधि के लिए जारी होने वाले कैश क्रेडिट और ओवरड्राफ्ट के लिए भी एक लाख रुपए की लिमिट रखी गई है। आमतौर पर यह कारोबारियों के लिए होता है। होम और ऑटो लोन जैसी लंबी अवधि के कर्ज इसके दायरे में नहीं आएंगे। यह व्यवस्था 1 मई 2019 से लागू होगी। 

 

जमा: एक लाख से अधिक डिपॉजिट पर 3.5% ब्याज मिलेगा 

  • बैंक एक लाख रुपए से अधिक जमा वाले खातों को ही रेपो रेट से जोड़ेगा। इसलिए छोटी जमा वालों पर इसका असर नहीं होगा। 
  • प्रभावी ब्याज दर रेपो रेट से 2.75% कम होगी। अभी रेपो रेट 6.25% है। इसलिए जमा पर 3.50% ब्याज मिलेगा। रेपो घटने या बढ़ने पर यह भी बदलेगा। 
  • अभी बैंक बचत खाते में 1 करोड़ रुपए से अधिक जमा पर 4% ब्याज देता है। नई व्यवस्था में सिर्फ 3.5% ब्याज मिलेगा। फिलहाल इन्हें नुकसान होगा। 


कैश क्रेडिट/ओवरड्राफ्ट: कम से कम 8.5% ब्याज लगेगा 

  • एक लाख रुपए से ज्यादा ओवरड्राफ्ट लिमिट वाले ही इसके दायरे में आएंगे। लिमिट इससे कम है तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा। 
  • प्रभावी ब्याज दर रेपो रेट से 2.25% ज्यादा होगी। अभी रेपो रेट 6.25% है। इसलिए प्रभावी ब्याज दर 8.5% होगी। रेपो घटने या बढ़ने पर यह भी बदलेगा। 
  • ग्राहक के रिस्क के आधार पर बैंक रिस्क प्रीमियम भी लेंगे। यह 8.5% के ऊपर होगा। रिस्क प्रीमियम 2% हुआ तो प्रभावी ब्याज दर 10.5% होगी। 
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