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वाहन खरीदने और घर बनाने में जेब होगी ढीली:4900 रुपए प्रति टन महंगी हुई स्टील, कंपनियों ने दो दिन में बढ़ाए दाम

नई दिल्ली5 महीने पहले
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  • हॉट रोल्ड कॉइल की कीमत 71,000 रुपए प्रति टन पर पहुंची
  • कोल्ड रोल्ड कॉइल की कीमत 84,000 रुपए प्रति टन हुई

कोरोना की मार के बीच महंगाई छलांग मार रही है। आने वाले समय में वाहन खरीदने और घर बनाने के लिए आपको ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ सकती है। इसका कारण यह है कि घरेलू निर्माताओं ने स्टील की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। इंडस्ट्री सूत्रों के अनुसार, हॉट रोल्ड कॉइल (HRC) और कोल्ड रोल्ड कॉइल (CRC) की कीमतों में 4,000 से 4,900 रुपए प्रति टन की बढ़ोतरी हुई है। कंपनियों ने कीमतों में यह बढ़ोतरी बीते दो दिनों में की है।

71 हजार रुपए प्रति टन हुई HRC की कीमत

बढ़ोतरी के बाद HRC की कीमत 70-71 हजार रुपए प्रति टन हो गई है। वहीं, CRC की कीमत 83-84 हजार रुपए प्रति टन पर पहुंच गई हैं। HRC और CRC फ्लैट स्टील होती है। यह मुख्य रूप से ऑटो, अप्लायंसेज और कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री में इस्तेमाल की जाती है। स्टील की कीमतों में बढ़ोतरी से वाहनों, कंज्यूमर गुड्स और कंस्ट्रक्शन की लागत प्रभावित होती है। इसका कारण यह है कि स्टील इन सेक्टर्स का प्रमुख कच्चा माल है।

देश की प्रमुख स्टील निर्माता कंपनियां

SAIL, जेएसडब्ल्यू स्टील, टाटा स्टील, JSPL और AMNS इंडिया देश की प्रमुख स्टील निर्माता कंपनियां हैं। देश के कुल स्टील उत्पादन में इन कंपनियों की संयुक्त रूप से 55% से ज्यादा भागीदारी है। SAIL के अधिकारियों का कहना है कि कीमतों में यह बदलाव बाजार पर आधारित है। हालांकि, अधिकारी ने ज्यादा प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। जेएसडब्ल्यू स्टील के अधिकारियों ने कीमतों में बढ़ोतरी पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

ग्लोबल स्टील प्राइस बढ़ने का दिख रहा असर

JSPL के एक अधिकारी का कहना है कि ग्लोबल स्टील प्राइस बढ़ने के कारण कच्चे माल की कीमतों में उछाल आया है। भारतीय आयरन ओरे की कीमतें 4,000 रुपए प्रति टन तक बढ़ी हैं। इसने स्टील की कीमतों को बढ़ाया है। घरेलू स्टील की कीमतें अभी भी अंतरराष्ट्रीय प्राइस से 20-25% कम हैं। घरेलू मांग कम होने के कारण अधिकांश स्टील कंपनियों ने निर्यात बढ़ाया है। MSME सेक्टर ने अभी तक रफ्तार नहीं पकड़ी है। इन्वेंट्री निम्न स्तर पर है। प्रतिबंध हटने के बाद इसमें तेजी आएगी।

उत्पादन से ज्यादा रह सकती है स्टील की डिमांड

जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड के एमडी वीआर शर्मा ने अप्रैल में कहा था कि चालू वित्त वर्ष में देश में स्टील की डिमांड उत्पादन से ज्यादा हो सकती है। शर्मा ने कहा था कि वित्त वर्ष 2020-21 में देश में स्टील की डिमांड 140-150 मिलियन टन रह सकती है। जबकि उत्पादन 125 मिलियन टन रहने की उम्मीद है। इससे कीमतें भी उच्च स्तर पर बनी रहेंगी। शर्मा के मुताबिक, उन्होंने कहा कि भारत समेत अधिकांश देशों ने प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की है। इससे खपत बढ़ गई है। जब तक यह प्रोत्साहन पैकेज इस्तेमाल नहीं हो जाते हैं, तब तक स्टील की कीमतों में कमी नहीं आएगी।

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