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मौके पर चौका:डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की मजबूती पर ICICI बैंक के फोकस को शेयर बाजार का सलाम

एक वर्ष पहले
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  • ब्रोकरेज फर्म्स ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पर्याप्त निवेश, कारोबार में टिकाऊ बढ़ोतरी और रिटर्न रेशियो में सुधार पर बैंक के शेयरों के टारगेट प्राइस में बढ़ोतरी की है
  • शुक्रवार को एनालिस्ट मीट में बैंक ने कहा था कि किसी का भी डिजिटल प्लेटफॉर्म ठप हो सकता है, लेकिन जल्द दोबारा शुरू करने के लिए डिजास्टर मैनेजमेंट जरूरी है

देश के दो दिग्गज बैंकों- SBI और HDFC बैंक के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर आई हालिया दिक्कतों के बीच ICICI बैंक को शेयर मार्केट में फायदा हुआ है। बैंक के शेयर हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को अच्छी खरीदारी निकलने से नौ महीने के सबसे ऊंचे स्तर पर बंद हुए। ब्रोकरेज फर्म्स ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बैंक के पर्याप्त निवेश को आधार बनाकर इसके टारगेट प्राइस बढ़ोतरी की है। इसके लिए उन्होंने बैंक के टेक प्लेटफॉर्म की मजबूती के साथ ही इसके कारोबार में टिकाऊ बढ़ोतरी और रिटर्न रेशियो में हुए सुधार को भी आधार बनाया है।

ऑपरेटिंग प्रॉफिट को बढ़ाता रहेगा डेटा एनालिटिक्स

ICICI बैंक ने शुक्रवार को एनालिस्टों के साथ हुई मीटिंग में कहा था कि डेटा एनालिटिक्स उसके रिस्क एडजस्टेड ऑपरेटिंग प्रॉफिट को बढ़ावा देता रहेगा। बैंक ने वन बैंक, वन RoE (रिटर्न ऑन इक्विटी) और वन KPI (की परफॉर्मेंस इंडिकेटर) के नैरेटिव को दोहराते हुए हर बिजनेस सेगमेंट के लिए बनाई अपनी डिजिटल स्ट्रैटेजी के बारे में बात की। बैंक ने कहा कि वैसे तो किसी का भी डिजिटल प्लेटफॉर्म ठप हो सकता है लेकिन उसे जल्द से जल्द दोबारा शुरू करने के लिए डिजास्टर मैनेजमेंट होना जरूरी है। उसके इस बयान को देश के दो बड़े बैंकों के डिजिटल प्लेटफॉर्म में आई हालिया रुकावट के संदर्भ में लिया जा सकता है।

बैंक के कंजप्शन लोन की मांग में स्ट्रॉन्ग रिकवरी

शुक्रवार की बैंक की मैनेजमेंट कमेंटरी पर शेयर बाजार ने पूरा भरोसा जताया और निवेशकों ने इसके शेयरों में अच्छी खासी खरीदारी की। बैंक का कहना है कि यह अब माइक्रो मार्केट पर फोकस कर रहा है और अपनी लागत घटाने पर जोर दे रहा है। यह NRI बैंकिंग पर भी ध्यान दे रहा है क्योंकि इसको इसमें ग्रोथ की बड़ी संभावना नजर आ रही है। इसने ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग सुविधाओं को कृषि से आगे ले जाने की रणनीति बनाई है। बैंक ने कंजप्शन लोन की मांग में स्ट्रॉन्ग रिकवरी नजर आने की बात कही है और इसके सिक्योर्ड लोन का डिस्बर्समेंट कोविड से पहले के लेवल पर पहुंच गया है।

12 महीने में शेयर दे सकता है 10.4 पर्सेंट का रिटर्न

ICICI बैंक की कमेंटरी पर स्टॉक एनालिस्ट इसके शेयरों पर बुलिश हो गए हैं। कुछ एनालिस्टों ने तो इसको अपने टॉप प्राइवेट बैंकिंग पिक में शामिल कर लिया है। ICICI बैंक को कवर कर रहे 54 एनालिस्टों में सबने बाय रेटिंग दी है। ब्लूमबर्ग ने एनालिस्टों के टारगेट प्राइस के हिसाब से अगले 12 महीने में इससे 10.4 पर्सेंट रिटर्न मिलने का अनुमान दिया है। सोमवार को ICICI बैंक का शेयर 1.6% चढ़कर 510.4 रुपये पर बंद हुआ जो 3 मार्च 2020 के बाद सबसे ऊँचा लेवल है।

मोतीलाल ओसवाल ने टारगेट प्राइस 630 रुपये किया

आइए एक नजर ब्रोकरेज फर्मों के टारगेट प्राइस पर डालते हैं जो उन्होंने इस बैंकिंग शेयर के लिए दिया है। जेफरीज ने इसके टारगेट प्राइस को 570 रुपये से 600 रुपये जबकि मोतीलाल ओसवाल ने 525 रुपये से 630 रुपये कर दिया है। प्रभुदास की तरफ से तय किया गया टारगेट 614 रुपये का है जो पहले 520 रुपये था जबकि निर्मल बंग ने इसके लिए 590 रुपये (568 रुपये) और दौलत कैपिटल ने 585 रुपये (510 रुपये) का टारगेट तय किया है।

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