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आपके फायदे की बात:टैक्स सेविंग FD कराने का बना रहे हैं प्लान, तो पहले जान लें समय से पहले तुड़वाने पर कितना टैक्स देना होगा

नई दिल्ली10 महीने पहले
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वित्त वर्ष 2021-22 खत्म होने में अब 1 हफ्ते से भी कम समय बचा है। ऐसे में कई लोग टैक्स सेविंग FD (5 साल की FD) में निवेश करने का प्लान बना रहे हैं। लेकिन इनकम टैक्स छूट का फायदा पाने के लिए आपको इसमें 5 साल के लिए निवेश करना होता है। इससे पहले पैसा निकालने पर टैक्स छूट का लाभ नहीं मिलेगा। अगर आप भी टैक्स सेविंग FD कराने का प्लान बना रहे हैं तो इससे पहले आपका ये जानना जरूरी है कि 5 साल से पहले FD तोड़ने पर आपको कितना टैक्स देना होगा।

सबसे पहले समझें टैक्स सेविंग FD क्या है?
5 साल वाली FD को टैक्स सेविंग FD कहा जाता है। इसमें निवेश पर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपए तक के निवेश पर टैक्स की छूट ली जा सकती है। सभी बैंक टैक्स सेविंग FD ऑफर करते हैं।

5 साल से पहले FD तोड़ने पर कितना देना होगा टैक्स?
आपने जिस साल इन योजनाओं में निवेश किया, उस पर आपने आयकर कानून की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपए पर टैक्स छूट का लाभ लिया। यदि आप इसे मैच्योर होने से पहले निकालते हैं तो जिस साल आपने ऐसा किया, उस साल वह पूरी रकम आपकी आय में जोड़ दी जाएगी, जिस पर आपने इनकम टैक्स छूट का लाभ लिया है। इसके अलावा प्राप्त ब्याज को भी आपकी आय में जोड़ दिया जाएगा। इसके बाद आप जिस इनकम टैक्स स्लैब में आएंगे उस आधार पर आपसे टैक्स वसूला जाएगा।

उदाहरण से समझें : मान लीजिए 2019 (2019-20) में टैक्स सेविंग FD करके उसके तहत आपने सालाना आय पर 1.5 लाख रुपए टैक्स छूट का लाभ लिया है। लेकिन आप 5 साल की जगह इसे एक साल बाद यानी 2020 में ही तुड़वा लेते हैं तो आपने जो 1.5 लाख रुपए पर टैक्स छूट का लाभ लिया है, वो आपकी 2020 (वित्त वर्ष 2020-21) की आय में जोड़ा जाएगा। इसके बाद आप जिस इनकम टैक्स स्लैब में आएंगे उस आधार पर आपसे टैक्स वसूला जाएगा।

क्या है सेक्शन 80C?
इनकम टैक्स एक्ट का सेक्शन 80C दरअसल इनकम टैक्स एक्ट, 1961 का हिस्सा है। इसमें उन निवेश माध्यमों का उल्लेख है, जिनमें निवेश करने करने पर टैक्स छूट का दावा किया जा सकता है। कई लोग वित्त वर्ष खत्म होने से पहले टैक्स बचाने के लिए निवेश करना शुरू करते हैं। आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत, आप कुल इनकम में से 1.5 लाख रुपए की कटौती का दावा कर सकते हैं। आसान भाषा में इसे ऐसे समझें, आप सेक्शन 80C के माध्यम से अपनी कुल टैक्सेबल इनकम में से 1.5 लाख रुपए पर टैक्स बचा सकते हैं।