पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Business
  • Cabinet Meeting ; Telecom Companies May Get Relief, Incentives May Be Announced For Auto And Drone Sector

टेलीकॉम सेक्टर को केंद्र का बड़ा तोहफा:बिना सरकारी मंजूरी के हो सकेगा 100% विदेशी निवेश, कनेक्शन प्रीपेड से पोस्टपेड करने के लिए अब नहीं भरना होगा KYC फॉर्म

नई दिल्ली10 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट बैठक में टेलीकॉम और ऑटो सेक्टर्स के क्षेत्र में कई बड़े फैसले किए गए। केंद्र सरकार ने टेलीकॉम सेक्टर के लिए राहत पैकेज को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा टेलीकॉम सेक्टर में ऑटोमैटिक रूट से 100% FDI को भी मंजूरी मिल गई है। इस सेक्टर में 9 बड़े संरचनात्मक बदलाव करने का फैसला किया है। सरकार ने ऑटो और ड्रोन सेक्टर के लिए 26,058 करोड़ रुपए की PLI स्कीम को भी मंजूरी दे दी है। इसमें से 25,938 करोड़ रुपए ऑटो मोबाइल सेक्टर का दिए जाएंगे। 120 करोड़ रुपए ड्रोन इंडस्ट्री को दिए जाएंगे।

टेलीकॉम सेक्टर के लिए बड़ा राहत पैकेज मंजूर
केंद्र सरकार ने टेलीकॉम सेक्टर के लिए राहत पैकेज को भी मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार ने टेलीकॉम सेक्टर में 9 बडे़ स्ट्रक्चरल बदलाव करने का फैसला किया है। AGR की परिभाषा को बदलते हुए इससे गैर टेलीकॉम रेवेन्यू को बाहर किया जाएगा। AGR में ब्याज को कम करके 2% सालाना किया गया है। इसके अलावा इस पर लगने वाली पेनल्टी को भी खत्म कर दिया गया है। इससे टेलीकॉम कंपनियों को बड़ी राहत मिलेगी।

KYC नियमों में बदलाव
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि टेलीकॉम सेक्टर में ऑटोमैटिक रूट से 100% FDI को मंजूरी दे दी गई है। KYC प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन होगी। नया सिम लेते वक्त अब सिर्फ सेल्फ KYC करना होगा। पोस्टपेड से प्रीपेड या प्रीपेड से पोस्टपेड कराने में अब कोई फॉर्म नहीं भरना होगा। इसके लिए डिजिटल KYC मान्य होगा। सिम लेते वक्त दिए गए डॉक्युमेंट्स, जो वेअरहाउस में हैं उन्हें भी डिजिटलाइज्ड किया जाएगा।

सभी बकाया के लिए 4 साल का मोरेटोरियम
वैष्णव ने बताया कि टेलीकॉम सेक्टर को सभी बकाया के लिए 4 साल का मोरेटोरियम दिया जाएगा। यानी वे अपना बकाया 4 साल के लिए टाल सकते हैं, लेकिन उन्हें इस दौरान बकाया का ब्याज देना होगा। यह व्यवस्था पिछली डेट में नहीं बल्कि अब से लागू होगी। इसके अलावा स्पेक्ट्रम की नीलामी अब 20 साल की जगह 30 साल के लिए की जाएगी।

टावर सेटअप करना होगा आसान
टावर सेटअप करने का प्रॉसेस में कई विभागों के अप्रूवल लगते थे। अब सेल्फ अप्रूवल से काम चल जाएगा। एक ही पोर्टल DoT से अप्रूवल मिल जाएगा। लाइसेंस राज आज से खत्म कर दिया गया है।​​​​सरकार ने ऑटो और ड्रोन सेक्टर के लिए 26,058 करोड़ रुपए की PLI स्कीम को मंजूरी दे दी है।

7.6 लाख लोगों को नौकरियां मिलेंगी
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि कैबिनेट के इस फैसले से ऑटो सेक्टर में नौकरियां बढ़ेंगी। सरकारी अनुमान के मुताबिक 7.5 लाख लोगों को नौकरियां मिलेंगी। इससे देश में इलेक्ट्र‍िक वाहनों के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे ऑटो सेक्टर में अगले 5 साल में 47,500 करोड़ रुपए का नया निवेश आएगा।

PLI स्कीम का फायदा किसे मिलेगा?
PLI स्कीम का फायदा सिर्फ उन्हीं कंपनियों को मिलेगा जो रेवेन्यू और निवेश की शर्तों का पालन करेंगी। फोर व्हीलर कंपनियों को अगले 5 साल में कम से कम 2,000 करोड़ रुपए का निवेश करना होगा। वहीं, टू और थ्री व्हीलर के लिए 2,000 करोड़ रुपए का निवेश करना होगा।

क्या है PLI स्कीम?
इस योजना के अनुसार सरकार कंपनियों को अतिरिक्त उत्पादन करने पर प्रोत्साहन देगी। सरकार का मकसद उनको ज्यादा निर्यात करने के लिए बढ़ावा देना है। PLI स्कीम का मकसद देश में कॉम्पिटिशन का माहौल बनाने के लिए निवेशकों को प्रोत्साहित करना है।

खबरें और भी हैं...