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त्यौहारी सीजन में अच्छे दिन:टेंपरेरी काम करने वालों को मिलेगा ज्यादा रोजगार, डिलिवरी और लॉजिस्टिक में मिलेगा काम

मुंबईएक वर्ष पहले
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  • ज्यादातर रिटेलर्स अब ऑन लाइन कारोबार पर फोकस कर रहे हैं
  • वेयरहाउस, पैकेजिंग और अन्य काम के लिए लोगों की जरूरत होगी

अगले महीने से शुरू हो रहे त्यौहारी सीजन में टेंपरेरी यानी गिग वर्कर्स के लिए अच्छा दिन आने वाला है। इस दौरान इन कामगारों को पिछले साल की तुलना में 35% ज्यादा काम मिलेगा। ज्यादातर रिटेलर्स ऑन लाइन कारोबार पर फोकस कर रहे हैं।

ई-कॉमर्स, फूड टेक और रिटेल सेक्टर में ज्यादा रोजगार

दरअसल ई-कॉमर्स, फूड टेक, लॉजिस्टिक्स और रिटेल सेक्टर की कंपनियां इस तरह के लोगों को ज्यादा काम देंगी। ऐसा इसलिए क्योंकि त्यौहारी मौसम में ऑर्डर बढ़ने के कारण इन कंपनियों को सामानों की डिलिवरी करने के लिए, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउस, पैकेजिंग और अन्य काम के लिए ज्यादा लोगों की जरूरत होगी। त्यौहारी सीजन में मांग बढ़ने और डिस्काउंट की वजह से कंपनियों के पास ज्यादा ऑर्डर आते हैं।

त्यौहारी सीजन में मांग बढ़ेगी

हायरिंग पर सर्वे करने वाली कुछ कंपनियों का कहना है कि त्यौहारी सीजन में मांग बढ़ेगी। इसलिए कंपनियों को ज्यादा लोगों की जरूरत होगी। ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक कंपनियां ऑर्डर की बढ़ती मांग को देखते हुए लोगों की भर्ती कर रही हैं। कंपनियों को उम्मीद है कि छोटे शहरों से लोग ज्यादा सामान मंगा सकते हैं।

टेंपरेरी कर्मचारियों की मांग में आई तेजी

कंपनियों का कहना है इस साल में नए टेंपरेरी कर्मचारियों की मांग अचानक बढ़ गई है। पिछले साल से इसकी तुलना करें तो यह 35% ज्यादा हो सकती है। जानकारों का मानना है कि इस साल के त्यौहारी सीजन में करीबन 3 लाख लोगों की अतिरिक्त भर्ती कंपनियां कर सकती हैं। यह भर्ती कंज्यूमर ड्यूरेबल, लॉजिस्टिक्स, लाइफ स्टाइल और अन्य सेगमेंट में होगी।

संगठित सेक्टर में भी जॉब की मांग बढ़ी

दूसरी ओर व्हाइट कॉलर जॉब यानी संगठित सेक्टर की बात करें तो यहां पर जुलाई में 2.90 लाख रोजगार का निर्माण हुआ। कोविड-19 के शुरू होने के बाद यह पहली बार हुआ, जब इतने बड़े पैमाने पर रोजगार का निर्माण हुआ। इसमें सबसे ज्यादा रोजगार ट्रैवेल एंड टूरिज्म, होटल और रिटेल सेक्टर में शामिल हैं। इन सेक्टर्स में जुलाई में 12 हजार रोजगार का निर्माण हुआ है।

जुलाई में जॉब ओपनिंग में रही तेजी

आंकड़ों के मुताबिक, कमर्शियल गतिविधियां शुरू होने की वजह से जुलाई में जॉब ओपनिंग तेजी से हुई है। नेशनल स्टेटिस्टिकल ऑफिस (NSO) के आंकड़े बताते हैं कि देश में 2020-21 की दूसरी तिमाही में बेरोजगारी की दर बढ़ी है। सितंबर 2020 की तिमाही में यह 13.3% रही है। उस समय की पहली तिमाही में यह दर 20.9% थी जो अब तक की सबसे ज्यादा दर थी। पहली तिमाही में लॉकडाउन ज्यादा होने की वजह से यह दर बढ़ी थी।

जुलाई-सितंबर 219 में बेरोजगारी दर 8.4% थी

जुलाई-सितंबर 2019 की बात करें तो उस समय बेरोजगारी की दर 8.4% थी। NSO के आंकड़ों के मुताबिक, कुल वर्कर पॉपुलेशन के अनुपात में जुलाई-सितंबर 2019 में 52.1% पुरुषों के पास रोजगार था जबकि 14.5% जॉब महिलाओं के पास था। यानी कुल 33.7% वर्कर आबादी काम कर रही थी। अप्रैल-जून 2020 में 44% पुरुष काम कर रहे थे जबकि 12.2% महिलाओं के पास काम था। जुलाई-सितंबर 2020 में 49.9% पुरुषों के पास काम था जबकि 13.6% महिलाओं के पास काम था। कुल 32.1% लोगों के पास काम था।