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कोरोनावायरस का असर:लॉकडाउन में कंपनियों की कमाई 25 फीसदी से ज्यादा घटी, कारोबारी स्थिति सामान्य होने में एक साल से अधिक वक्त लगेगा

नई दिल्ली2 वर्ष पहले
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लॉकडाउन में कंपनियों की आय घटने से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए फ्रीलांसर्स - Dainik Bhaskar
लॉकडाउन में कंपनियों की आय घटने से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए फ्रीलांसर्स
  • 2021 में ही कारोबारी स्थिति सामान्य हो पाने की उम्मीद
  • लॉकडाउन में करीब 25 फीसदी कर्मचारियों की नौकरी छूटी

कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के लिए देशभर में लागू किए गए लॉकडाउन में देश की कंपनियों की आय 25 फीसदी से ज्यादा घट गई है। कारोबारी स्थिति सामान्य होने में एक साल से ज्यादा समय लग सकता है। यह बात एक सर्वेक्षण में कही गई। ऑनलाइन निवेश सेवा प्रदाता कंपनी स्क्रिप बॉक्स द्वारा कोविड-19 और आपकी संपत्ति विषय पर कराए गए इस सर्वेक्षण में करीब 67 फीसदी शीर्ष अधिकारियों, कंपनियों के मालिकों और संस्थापकों ने कहा कि लॉकडाउन में उनकी आय 25 फीसदी से ज्यादा घट गई है।

2021 में ही कारोबारी स्थिति सामान्य हो पाने की उम्मीद
इकॉनोमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक सर्वेक्षण में लगभग सभी का मानना था कि 2021 में ही कारोबार की स्थिति सामान्य हो पाएगी। वही, 22 फीसदी वरिष्ठ अधिकारियों को उम्म्मीद है कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद स्थिति सामान्य होने में एक साल से ज्यादा का वक्त लग जाएगा।

करीब 25 फीसदी कर्मचारियों की नौकरी छूटी
सर्वेक्षण में कहा गया कि कंपनियों में कमाई में गिरावट के साथ ही कर्मचारियों को भी नौकरी से निकाला गया। 90 फीसदी अधिकारियों ने कहा कि 25 फीसदी से कम कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया है। जबकि 10 फीसदी ने बताया कि उनकी कंपनी में 25 फीसदी से ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया है।

सबसे ज्यादा प्रभावित हुए फ्रीलांसर्स
कर्मचारियों की छंटनी के ज्यादा मामले लघु व मध्यम उद्यमों (एसएमई) में देखे गए। लॉकडाउन का सबसे बुरा असर फ्रीलांसर्स पर पड़ा है। 66 फीसदी फ्रीलांसर्स ने कहा कि उनकी आय में 25 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई है। उनमें से भी 35 फीसदी ने तो कहा कि उनकी कमाई पूरी तरह से खत्म हो गई है।

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