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वर्ल्ड फाइनेंशियल प्लानिंग डे:जितने जल्दी शुरू करेंगे निवेश उतना सुरक्षित होगा भविष्य, तनाव से भी रहेंगे मुक्त

नई दिल्ली10 दिन पहले
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हर साल अक्टूबर के पहले बुधवार को लोगों को फाइनेंशियल प्लानिंग के प्रति जागरुक करने के लिए वर्ल्ड फाइनेंशियल प्लानिंग डे मनाया जाता है। कोरोना काल ने लोगों को सही फाइनेंशियल प्लानिंग का महत्व समझाया है। इस तरह की समस्या से आसानी से निपटने के वित्तीय अनुशासन बहुत जरूरी है। आज हम आपको वर्ल्ड फाइनेंशियल प्लानिंग डे के मौके पर फाइनेंशियल प्लानिंग से जुड़ी कुछ खास बातें बता रहे हैं।

निवेश करना जरूरी
अपनी पहली नौकरी शुरू करने के साथ ही निवेश के बारे में सोचना चाहिए। खर्च के बाद आपके हाथ में जो पैसे बचते हैं उन्हें अपने हिसाब से सही जगह निवेश करना चाहिए। इस वक्त शुरू किया गया निवेश आपका भविष्य सुरक्षित बना सकता है। आप पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), म्यूचुअल फंड या RD सहित अन्य जगह निवेश करके आसानी से बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं।
हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर आप कम उम्र में निवेश करते हैं तो आपको इक्विटी लिंक स्कीम्स में निवेश करना चाहिए ताकि आपको अपने निवेश पर बेहतर रिटर्न मिल सके। इसके लिए आप फाइनेंशियल एक्सपर्ट की सलाह भी ले सकते हैं।

इमरजेंसी फंड बनाना है जरूरी
रिटायरमेंट के लिए पैसा जोड़ने के अलावा नौकरी जाने जैसी आपातकालीन स्थितियों के लिए भी आपको तैयार रहना चाहिए। यह इमरजेंसी फंड आपके कम से कम 5 से 6 महीने के वेतन के बराबर होना चाहिए। इससे आपको कोरोना काल जैसे बुरे वक्त से निपटने में मदद मिलेगी।

हेल्थ इंश्योरेंस लेना रहेगा सही
कोरोना ने लोगों को हेल्थ इंश्योरेंस की अहमियत समझा दी है। ये आपके बुरे समय में काम आता है और बीमारी होने पर आपकी सेविंग्स को इलाज पर खत्म होने से बचाता है। हेल्थ इंश्योरेंस आपको सही इलाज दिलाने में मदद करेगा। कम उम्र में हेल्थ इंश्योरेंस लेने पर आपको इसके लिए कम प्रीमियम चुकाना पड़ेगा।

कम खर्च करें ज्यादा बचाएं
जितना हो सके पैसा बचाने की कोशिश करना चाहिए। क्योंकि बुरे समय में ये पैसा ही आपके काम आएगा। आपको केवल जरूरी कामों पर ही पैसा खर्च करना चाहिए। किसी भी तरह की वित्तीय समस्या से निपटने के लिए वित्तीय अनुशासन बहुत जरूरी है।
वित्तीय अनुशासन के लिए आपको अपने मासिक खर्चों के लिए एक बजट तैयार करना चाहिए और महीने के अंत में वास्तविक खर्चों के साथ बजट की तुलना करनी चाहिए। यह तुलना आपको एहसास कराएगी कि आपने उस महीने में कितना फिजूल खर्च किया है।

जितना जल्दी हो सके कर्ज को निपटाएं
अगर आपने अपनी पढ़ाई या अन्य किसी काम के लिए कोई लोन या कर्ज ले रखा है तो जितनी जल्दी हो सके उसे निपटा दें। क्योंकि आपको उस पर ब्याज देना होता है। इनकम के शुरू होने के साथ ही लोन खत्म करके की कोशिश करना चाहिए।

जरूरत पड़ने पर कम रिटर्न देने वाले निवेश से पैसा निकालें
अगर आपको पैसों की जरूरत पड़ती है तो आपको अपने उस निवेश से पैसा निकालना चाहिए जहां से आपको कम रिटर्न मिल रहा है। कभी भी ज्यादा रिटर्न देने वाले निवेश को नहीं छेड़ना चाहिए।

जितना जल्दी हो सके शुरू करें रिटायरमेंट के लिए निवेश
रिटायरमेंट के लिए बचत शुरू करने का सही समय वह है जब आपको पहली सैलरी मिलती है। ध्यान रखें लंबे समय में बचत में कम्पाउंडिंग की ताकत होती है। जितना देर से बचत शुरू करेंगे तय रकम जोड़ने के लिए उतनी अधिक रकम निवेश करनी होगी।
मान लीजिए आप यदि कोई 25 साल का व्यक्ति 60 की उम्र में रिटायरमेंट तक 1 करोड़ रुपए जोड़ने की प्लानिंग करता है, मान लें निवेश पर 12% सालाना दर रिटर्न मिल रहा हो तो उसे प्रतिमाह करीब 2 हजार रुपए निवेश करने होंगे। जबकि 45 साल की उम्र से निवेश शुरू करने वाले को प्रतिमाह 12 हजार रुपए निवेश करने होंगे।