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उपलब्धि / पाक के हिंदू परिवार ने 100 तरह के बिजनेस आजमाए, 75% फेल हुए; आज वैल्यू 13320 करोड़ रु



तोलाराम ग्रुप के चेयरमैन मोहन वासवानी (बाएं), सीईओ सजेन असवानी (दाएं) तोलाराम ग्रुप के चेयरमैन मोहन वासवानी (बाएं), सीईओ सजेन असवानी (दाएं)
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तोलाराम ग्रुप के चेयरमैन मोहन वासवानी (बाएं), सीईओ सजेन असवानी (दाएं)तोलाराम ग्रुप के चेयरमैन मोहन वासवानी (बाएं), सीईओ सजेन असवानी (दाएं)

  • कपड़े की दुकान से शुरुआत कर वासवानी परिवार ने तोलाराम ग्रुप खड़ा कर दिया
  • ग्रुप के मालिक वासवानी परिवार ने 1948 में इंडोनेशिया में कपड़े की दुकान खोली
  • तोलाराम ग्रुप अब 75 देशों में 18 तरह के कारोबार करता है
  • 1970 में 1,000 कर्मचारी थे, अब 10,000 एम्प्लॉई हैं
  • पाकिस्तान के सिंध प्रांत से इंडोनेशिया गया था वासवानी परिवार

Dainik Bhaskar

Oct 12, 2018, 04:12 PM IST

सिंगापुर. तोलाराम ग्रुप की वैल्यू आज 13,320 करोड़ रुपए (1.8 अरब डॉलर) है। इसके मालिक वासवानी परिवार ने 70 साल पहले इंडोनेशिया के एक छोटे से कस्बे में कपड़े की दुकान से शुरुआत की थी। फिलहाल समूह के 75 से ज्यादा देशों में 18 तरह के बिजनेस हैं। वासवानी परिवार के सदस्य 18वीं शताब्दी में पाकिस्तान के सिंध प्रांत से इंडोनेशिया गए थे। भारत-पाक बंटवारे के दौरान परिवार के मुखिया खानचंद भी इंडोनेशिया चले गए। उन्होंने 1948 में वहां एक कंटेनर के बराबर की जगह में कपड़े का बिजनेस शुरू किया था। बाद में वासवानी परिवार ने दुनियाभर में कारोबारी विस्तार किया। तोलाराम ग्रुप का मुख्यालय सिंगापुर में है।

फूड प्रोडक्शन से बैंकिंग सेक्टर तक कारोबार

  1. तोलाराम ग्रुप का हेड ऑफिस सिंगापुर में है। इससे जुड़ी कंपनी नाईजीरिया में पोर्ट बना रही है। एस्टोनिया में ग्रुप का पेपर प्रोडक्शन का कारोबार है। इंडोनेशिया में एक बैंक का संचालन कर रहा है। भारत में यह बिजली सप्लाई करता है। पूरे अफ्रीका में फूड प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन का बिजनेस है। ग्रुप अब डिजिटल सर्विस के क्षेत्र में भी विस्तार कर रहा है। हाल ही में टुनेकु नाम से ऑनलाइन लोन बिजनेस शुरू किया है। आगे हेज फंड में निवेश की भी योजना है।

  2. 48 साल में कर्मचारी 10 गुना बढ़े

    तोलाराम ग्रुप के मौजूदा चेयरमैन मोहन वासवानी 10 साल की उम्र में पिता के कारोबार से जुड़ गए। उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग में विस्तार करते हुए अमेरिका, यूके, जर्मनी और दक्षिण अफ्रीका में प्लांट शुरू किए। 1970 में पहली बार इंडोनेशिया के बाहर कारोबार शुरु किया। उस वक्त कंपनी में 1,000 कर्मचारी थे। फिलहाल यह आंकड़ा 10,000 पर पहुंच चुका है। मोहन का कहना है कि शुरुआती दिनों में पिता खानचंद ने कहा था कि एक दिन तुम दुनियाभर में कारोबार करोगे।

  3. 70 साल में 100 तरह के बिजनेस आजमाए

    मोहन वासवानी के भतीजे सजेन असवानी का कहना है कि 70 साल में ग्रुप ने 100 तरह के कारोबारों में हाथ अजमाया। इनमें से 75% फेल हो गए। लेकिन, जो 25% कामयाब रहे उन्होंने यहां तक पहुंचा दिया। सजेन तोलाराम ग्रुप के सीईओ हैं।

  4. जड़ों से जुड़े रहे, परंपराओं को नहीं भूले

    वासवानी परिवार का कहना है कि 70 साल पुरानी परंपराओं और जड़ों से जुड़े रहने की वजह से उसे कामयाबी मिली। ग्रुप चेयरमैन मोहन वासवानी का कहना है नए अवसर मिलते पर वो रिस्क लेने के लिए तैयार रहते हैं। वासवानी के मुताबिक सिंधी समुदाय कारोबार में माहिर समझा जाता है। छोटी राशि होने पर भी यह किसी और के लिए काम करने की बजाय खुद का बिजनेस शुरू करना पसंद करता है।

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