फैब इंडिया का फेस्टिव कैंपेन विवादों में:दिवाली पर जश्न-ए-रिवाज कैंपेन का विरोध; ट्विटर यूजर्स ने शर्मनाक बताते हुए कहा- इसका नुकसान भुगतना पड़ेगा

नई दिल्ली2 महीने पहले

लाइफस्टाइल प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी फैब इंडिया अपने फेस्टिव कैंपेन को लेकर विवादों में आ गई है। ट्विटर पर इस कैंपेन को लेकर जमकर बवाल मचा हुआ है। दरअसल, कंपनी ने दिवाली से पहले जश्न-ए-रिवाज नाम से एक कैंपेन शुरू किया है। इसे लेकर कंपनी ने एक ट्वीट में लिखा, 'दिवाली का हम प्यार और प्रकाश के त्योहार के तौर पर वेलकम करते हैं, फैब इंडिया का जश्न-ए-रिवाज एक ऐसा कलेक्शन है, जो इंडियन कल्चर की खूबसूरती को दिखाता है।' फैशन मैगजीन वोग में हाल ही में इस कैंपन से जुड़ा एक आर्टिकल भी पब्लिश हुआ था।

ट्विटर यूजर्स ने फैब इंडिया को जमकर ट्रोल किया
फैब इंडिया का यह कैंपेन कई लोगों को पसंद नहीं आया। मणिपाल ग्लोबल एजुकेशन के चेयरमैन मोहनदास पाई ने नाराजगी जताते हुए ट्वीट किया, 'दिवाली पर फैब इंडिया का बेहद शर्मनाक बयान! जैसे दूसरों के लिए क्रिसमस और ईद है वैसे ही यह एक हिंदू धर्म का त्योहार है! ऐसा बयान एक धार्मिक त्योहार को खत्म करने की सोची-समझी कोशिश को दिखाता है!'

विदेशी शब्दों का प्रयोग हमारी विरासत को नष्ट करने का प्रयास
अगले ट्वीट में मोहनदास पाई ने एक यूजर को जवाब दिया, 'आप समझे नहीं! एक हिंदू त्योहार के लिए विदेशी शब्दों का प्रयोग हमारी विरासत को छीनने और इसे नष्ट करने का प्रयास है! आप दिवाली के बाद किसी भी ब्रांड नेम का उपयोग कर सकते हैं, लेकिन फिलहाल इसे दिवाली से जोड़ना एक विकृत मानसिकता को दर्शाता है!'

जानबूझकर किए गए इस दुस्साहस का आर्थिक नुकसान उठाना होगा

भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या ने भी इस पर अपनी नाराजगी जताई। तेजस्वी ने कहा, 'दिवाली जश्न-ए-रिवाज नहीं है। जानबूझकर किए गए इस दुस्साहस का आर्थिक नुकसान उठाना होगा।' उनके अलावा बीजेपी यूपी के प्रवक्ता प्रशांत उमराव ने ट्वीट किया, 'फैब इंडिया के कपड़े बहुत महंगे हैं और धोने के बाद बेकार हो जाते हैं, दूसरे ब्रांड्स में शिफ्ट होने की जरूरत है।'

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