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मंजूरी दिलाएगी बेस्ट रिटर्न:फ्रैंकलिन टेंपलटन की छह डेट स्कीमों को व्यवस्थित तरीके से बंद करने पर होगा यूनिटहोल्डर्स को फायदा

मुंबई6 महीने पहले
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  • पोर्टफोलियो में शामिल सिक्योरिटीज की मैच्योरिटी, प्री-पेमेंट और कूपन के जरिए 24 अप्रैल 2020 से 27 नवंबर 2020 के बीच डेट स्कीमों को हासिल हुए 11,576 करोड़ रुपये
  • फिक्स्ड इनकम स्कीमों के बंद होने पर पहले इनके पास मौजूद नकदी बांटी जाएगी, फिर पोर्टफोलियो की बिक्री से मिलने वाली रकम का नियमित तौर पर बंटवारा किया जाएगा

फ्रैंकलिन टेंपलटन म्यूचुअल फंड ने अपनी छह डेट स्कीमों को व्यवस्थित तरीके से बंद करने के लिए दिसंबर के अंतिम हफ्ते में यूनिटहोल्डर्स की मंजूरी मांगी है। फंड के आला अधिकारियों का कहना है कि अगर यूनिटहोल्डर्स ट्रस्टियों के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे देते हैं तो उनको अपने निवेश पर अधिकतम रिटर्न मिल सकेगा। उनके मुताबिक, इन डेट स्कीमों के पोर्टफोलियो में मौजूद हाई क्वॉलिटी की सिक्योरिटीज को अनुकूल समय पर बेचकर अच्छी कीमत हासिल की जा सकेगी।

26 से 28 तारीख के बीच यूनिटहोल्डर्स की ई-वोटिंग

फ्रैंकलिन टेंपलटन म्यूचुअल फंड के ट्रस्टियों ने अपनी छह डेट स्कीमों को व्यवस्थित तरीके से बंद करने के प्रस्ताव पर 26 से 28 तारीख के बीच यूनिटहोल्डर्स की ई-वोटिंग कराने का फैसला किया है। ई-वोटिंग खत्म होने के अगले दिन यानी 29 दिसंबर को इन डेट स्कीमों के यूनिटहोल्डर्स की मीटिंग होगी। यह पूरी कवायद 3 दिसंबर को आए सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश पर हो रही है।

ना होने पर रिडेम्शन के लिए खोली जाएंगी स्कीमें ​​​​​

फंड हाउस अपनी छह डेट स्कीमों को व्यवस्थित तरीके से बंद करने के लिए यूनिट होल्डर्स की सिंपल मेजोरिटी हासिल करना चाहता है। टेंपलटन के ट्रस्टियों ने इन स्कीमों के यूनिटहोल्डर्स के सामने प्रस्ताव को हां और ना कहने के दो विकल्प रखे हैं। यूनिटहोल्डर्स की हां होने पर ये स्कीमें बंद कर दी जाएंगी, जबकि मनाही होने पर इनको खरीदारी और रिडेम्शन के लिए दोबारा खोला जाएगा।

खरीदारी, रिडेम्शन के लिए खोले जाने पर गिरेगी NAV

ट्रस्टियों का मानना है कि स्कीमों को व्यवस्थित तरीके से बंद करने पर उनके पोर्टफोलियो को बेचकर अधिकतम मूल्य पाया जा सकेगा और नकद को यूनिटहोल्डर्स के बीच समानुपात में बांटा जा सकेगा। स्कीमों को खरीदारी और रिडेम्शन के लिए दोबारा खोले जाने पर उनके एसेट्स को आनन-फानन में बेचना होगा जिससे वाजिब कीमत नहीं मिलने का जोखिम होगा। इससे इन डेट स्कीमों की एनएवी में तेज गिरावट आएगी और आखिरकार नुकसान यूनिटहोडर्ल्स का ही होगा।

यूनिटहोल्डर्स को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा

फ्रैंकलिन टेंपलटन के प्रेसिडेंट संजय सपरे कहते हैं, “इन स्कीमों को व्यवस्थित तरीके से बंद करने पर यूनिटहोल्डर्स को सबसे अच्छे नतीजे मिलेंगे। बाजार की स्थितियां सामान्य होने पर समय के साथ पोर्टफोलियो की सिक्योरिटीज के ऊँचे भाव मिलने की संभावना बढ़ेगी।” सपरे ने यह भी कहा कि स्कीमों को व्यवस्थित तरीके से बेचने का मतलब यह नहीं होगा कि यूनिटहोल्डर्स को लंबा इंतजार करना पड़े। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर स्कीमों के पास पहले से मौजूद नकदी यूनिटहोल्डर्स में बांटी जाएगी और फिर पोर्टफोलियो की बिक्री से जब-जब रकम मिलेगी नियमित तौर पर उसका बंटवारा किया जाएगा।

मैच्योरिटी, प्री-पेमेंट, कूपन से मिले 11,576 करोड़ रुपये

फ्रैंकलिन टेंपलटन फिक्स्ड इनकम इंडिया के चीफ इनवेस्टमेंट ऑफिसर संतोष कामथ बताते हैं, “जिन छह डेट स्कीमों को बंद किया जा रहा है, उनके पोर्टफोलियो में शामिल सिक्योरिटीज की मैच्योरिटी के अलावा प्री-पेमेंट और कूपन के जरिए 24 अप्रैल 2020 से 27 नवंबर 2020 के बीच 11,576 करोड़ रुपये हासिल हुए हैं। छह में से चार स्कीमों के पास फिलहाल 7,226 करोड़ रुपये की नकदी है, जिसको एक्सपेंस काटकर यूनिटहोल्डर्स के बीच बांटा जा सकता है। इन छह स्कीमों के पास मौजूद नकद उनकी सिक्योरिटीज को बाजार में बेचने से नहीं मिली है। इससे यह साबित होता है कि इनके पोर्टफोलियो में शामिल सिक्योरिटीज की वैल्यू बनी हुई है।”

समय से पहले भुगतान की पेशकश कर रहे इश्यूअर

कामथ ने इन छह डेट स्कीमों के पोर्टफोलियो में शामिल सिक्योरिटीज की क्वॉलिटी को लेकर यूनिटहोल्डर्स को आश्वस्त करते हुए कहा है कि 24 अप्रैल 2020 से अब तक आए 11,576 करोड़ रुपये में से आधी रकम ए और बाकी एए रेटिंग वाली सिक्योरिटीज से मिली है। उनका कहना है कि बाजार की स्थितियां बेहतर होने से सिक्योरिटीज इश्यूअर कंपनियां प्री-पेमेंट करने के लिए संपर्क कर रही हैं जबकि पोर्टफोलियो में शामिल कई सिक्योरिटीज की मांग सेकेंडरी मार्केट में भी बढ़ रही है। ऐसे में स्कीमों को व्यवस्थित तरीके से बंद करने के लिए उसके पोर्टफोलियो की सिक्योरिटीज वाजिब समय पर बेचकर मोटी रकम हासिल की जा सकती है।

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