डिजिटल पेमेंट का नया रिकॉर्ड:सितंबर में UPI के जरिए 6.5 लाख करोड़ रुपए का हुआ लेनदेन, 365 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन हुए

नई दिल्ली12 दिन पहले
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देश में डिजिटल पेमेंट का चलन तेजी से बढ़ रहा है। इसी का नतीजा है कि यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी UPI के जरिए सितंबर में 365 करोड़ ट्रांजैक्शन के जरिए 6.5 लाख करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ। ये UPI ट्रांजैक्शन का नया रिकॉर्ड है। सितंबर लगातार तीसरा महीना है, जब UPI के जरिए 3 अरब से ज्यादा ट्रांजैक्शन हुए हैं।

इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि UPI के माध्यम से सितंबर में 365 करोड़ ट्रांजैक्शन के जरिए 6.5 लाख करोड़ रुपए के लेनदेन हुए हैं। अगस्त की तुलना में ये ट्रांजैक्शन 3% और इसकी वैल्यू 2.35% ज्यादा रही। अगस्त महीने में UPI के जरिए 355 करोड़ ट्रांजैक्शन के जरिए 6.39 लाख करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ था।

4 साल में ट्रांजैक्शन 1200 गुना बढ़ा
UPI की शुरुआत 2016 में हुई थी। पहले साल यानी 2016-17 में इसके जरिए कुल 1.8 करोड़ ट्रांजैक्शन किए गए। उस साल इन ट्रांजैक्शंस के जरिए 0.7 लाख करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ। वहीं बीते वित्तीय वर्ष में यानी 2020-21 में इसके जरिए कुल 2233.1 करोड़ ट्रांजैक्शन किए गए। उस साल इन ट्रांजैक्शंस के जरिए 41 लाख करोड़ रुपए का लेन-देन हुआ। यानी बीते 4 साल में ट्रांजैक्शन तो लगभग 1200 गुना बढ़े, लेकिन इनके द्वारा पैसों का लेन-देन यानी ट्रांजैक्शन वैल्यू सिर्फ 50 गुना बढ़ी है। ये दर्शाता है कि बीते सालों में छोटे ट्रांजैक्शंस की संख्या तेजी से बढ़ी है।

क्या है UPI सेवा?
वॉलेट सर्विस देने वाला हर ऐप UPI के जरिए लेनदेन की डायरेक्ट सुविधा देता है। यानी अगर आप चाहें तो वॉलेट से भी लेनदेन कर सकते हैं और UPI से भी। भारत में ई-पेमेंट के लिए वॉलेट सेवाएं भी उपलब्ध हैं। पूरे देश में जितना ऑनलाइन ट्रांजैक्शन हो रहा है, उसका 50% से भी बड़ा हिस्सा वॉलेट ऐप का है। रिटेल पेमेंट में यह आंकड़ा 85% से भी ऊपर का है।

UPI कैसे काम करता है?
UPI की सेवा लेने के लिए आपको एक वर्चुअल पेमेंट एड्रेस तैयार करना होता है। इसके बाद इसे आपको अपने बैंक अकाउंट से लिंक करना होता है। वर्चुअल पेमेंट एड्रेस आपका वित्तीय पता बन जाता है। इसके बाद आपका बैंक अकाउंट नंबर, बैंक का नाम या IFSC कोड आदि याद रखने की जरूरत नहीं होती। पेमेंट करने वाला बस आपके मोबाइल नंबर के हिसाब से पेमेंट रिक्वेस्ट प्रोसेस करता है और वह पेमेंट आपके बैंक अकाउंट में आ जाता है।

अगर, आपके पास उसका UPI आईडी (ई-मेल आईडी, मोबाइल नंबर या आधार नंबर) है तो आप अपने स्‍मार्टफोन के जरिए आसानी से पैसा भेज सकते हैं। न सिर्फ पैसा बल्कि यूटिलिटी बिल पेमेंट, ऑनलाइन शॉपिंग, खरीदारी आदि के लिए नेट बैंकिंग, क्रेडिट या डेबिट कार्ड भी जरूरत नहीं होगी। ये सभी काम आप यूनीफाइड पेमेंट इंटरफेस सिस्टम से कर सकते हैं।

UPI से जुड़ी खास बातें

  • UPI सिस्‍टम रियल टाइम फंड ट्रांसफर करता है।
  • किसी को पैसा भेजने के लिए आपको सिर्फ उसके UPI आईडी (एक वर्चुअल आइडेंटिटी जैसे ई-मेल एड्रेस, मोबाइल नंबर, आधार नंबर) की जरूरत होगी।
  • UPI आईडी होने से आपको फंड ट्रांसफर करने के लिए लाभार्थी का नाम, अकाउंट नंबर, बैंक आदि की जानकारी लेने की जरूरत नहीं होगी।
  • UPI को IMPS के मॉडल पर डेवलप किया गया है। इसलिए इस ऐप से आप 24*7 बैंकिंग कर सकते हैं।
  • UPI से ऑनलाइन शॉपिंग करने के लिए ओटीपी, सीवीवी कोड, कार्ड नंबर, एक्‍सपायरी डेट आदि की जरूरत नहीं होगी।
  • यह सुरक्षित बैंकिंग माध्‍यम है।