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जॉब मार्केट में फिर आई बहार:सितंबर तिमाही से 8% ज्यादा कंपनियां दिखा रहीं भर्तियों में दिलचस्पी, टीकाकरण के साथ इकोनॉमिक एक्टिविटी बढ़ने से सेंटीमेंट हुआ बेहतर

नई दिल्ली10 दिन पहले
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नई नौकरी ढूंढ रहे लोगों के लिए ये तीन महीने अच्छे रहने वाले हैं। दिसंबर तिमाही में सितंबर से ज्यादा कंपनियां भर्तियां करने के बारे में सोच रही हैं। इस बात का पता टीमलीज की हालिया एंप्लॉयमेंट आउटलुक रिपोर्ट से चला है। असल में कंपनियों ने कोविड से बने मुश्किल हालात के हिसाब से खुद को ढाल लिया है।

दिसंबर तिमाही में भर्तियां करने के बारे में सोच रही हैं 41% कंपनियां

टीमलीज ने हायरिंग को लेकर जितनी कंपनियों पर सर्वे किया है, उनमें से 41% दिसंबर तिमाही में भर्तियां करने के बारे में सोच रही हैं। सितंबर तिमाही में 38% कंपनियों ने हायरिंग करने का इरादा जताया था, जबकि पिछले साल जून और सितंबर तिमाही में औसतन 18% कंपनियां ही भर्ती के बारे में सोच रही थीं।

मेट्रो और टीयर 1 से लेकर टीयर 2 और 3 शहरों तक की कंपनियों में उत्साह

अच्छी बात यह है कि कंज्यूमर सेंटीमेंट बेहतर होने से मेट्रो और टीयर 1 शहरों के अलावा टीयर 2 और 3 शहरों की कंपनियां भी भर्तियों में ज्यादा दिलचस्पी ले रही हैं। मैरिको के सीईओ और एमडी सौगत गुप्ता कहते हैं, 'हाई ग्रोथ वाले सेक्टर की कुछ कंपनियां छंटनी से पहले वाले लेवल पर आने की कोशिश करेंगी और कुछ कंपनियां नई भर्तियां करेंगी। स्टार्टअप और नए जमाने की कंपनियों को इस साल काफी फंड मिला है।'

टीकाकरण के साथ मांग और इकोनॉमिक एक्टिविटी बढ़ने से सेंटीमेंट हुआ बेहतर

टीमलीज ने अपने सर्वे में 21 सेक्टर की 650 छोटी, मझोली और बड़ी कंपनियों को शामिल किया था। इस सर्वे रिपोर्ट में पता चला है कि टीकाकरण बढ़ने, दफ्तर खुलने के साथ ही डिमांड और इकोनॉमिक एक्टिविटी बढ़ने से हर सेक्टर, इंडस्टी, साइज की कंपनियों का उत्साह बढ़ा है।

गांवों और शहरों दोनों में वाइट कॉलर और ब्लू कॉलर जॉब बढ़े हैं

टीमलीज सर्विसेज की एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट रितुपर्णा चक्रबर्ती कहती हैं, 'गांवों और शहरों दोनों में वाइट कॉलर (दिमागी काम) और ब्लू कॉलर (शारीरिक मेहनत वाले काम) जॉब बढ़े हैं। दफ्तर खुलना शुरू होने से लगता है कि कंपनियों को अब कोविड से बड़ी दिक्कत आने की चिंता नहीं है। बिजेनस ग्रोथ के लिए हायरिंग को लेकर वे ज्यादा आश्वस्त नजर आ रही हैं।'

सरकार का फोकस लॉकडाउन से टीकाकरण पर शिफ्ट होने से मिल रही है मदद

कंपनियों के CEO, इकोनॉमिस्ट्स और एचआर हेड्स का कहना है कि सरकार का फोकस लॉकडाउन से टीकाकरण पर शिफ्ट होने से कंपनियों को भर्तियां शुरू करने में मदद मिल रही है। पिछले कुछ हफ्तों से संक्रमण में लगातार कमी आने से कंपनियां राहत महसूस कर रही हैं और दफ्तर और वर्क फ्रॉम होम के अलावा दोनों के मिले-जुले ऑप्शन होने से उन्हें भर्तियां करने में मदद मिल रही है।

ठोस आर्थिक वृद्धि दर के संकेत और PLI स्कीमें हैं पॉजिटिव फैक्टर

कंपनियों के टॉप बॉसेज इसके लिए ठोस आर्थिक वृद्धि दर के संकेतों, कुछ उद्योगों के लिए घोषित प्रॉडक्शन लिंक्ड इनसेंटिव स्कीमें (PLI), ग्रामीण इलाकों में बेहतरी को लेकर बढ़ी उम्मीदें और फिजिकल कॉन्टैक्ट वाले सर्विसेज सेक्टर की एक्टिविटी में उछाल जैसे पॉजिटिव फैक्टर गिना रहे हैं। कुछ क्षेत्रों में टैलेंट की भारी मांग, शेयर मार्केट में तेजी, GST कलेक्शन डेटा और सर्विसेज सेक्टर में रिवाइवल से भी हायरिंग सेंटीमेंट को सपोर्ट मिल रहा है।

ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी जैसे सेक्टर की कंपनियों की भी दिलचस्पी बढ़ी

इस तिमाही भर्तियां करने में सबसे ज्यादा दिलचस्पी IT, FMCG, एडुकेशनल सर्विसेज, ईकॉमर्स और टेक स्टार्टअप, टेलीकॉम, मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा कंस्ट्रक्शन और रियल एस्टेट कंपनियां दिखा रही हैं। सर्वे के मुताबिक, कोविड से बुरी तरह पिटे ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी जैसे सेक्टर की कंपनियां भी इस तिमाही अपनी टीम बड़ी करने के बारे में सोच रही हैं।

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