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एक और सौदा:अमेरिकी कंपनी विस्टा इक्विटी पार्टनर्स ने 11,367 करोड़ रुपए में जियो प्लेटफॉर्म की 2.32% हिस्सेदारी खरीदी, 17 दिन में तीसरी डील

नई दिल्ली2 वर्ष पहले
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  • आरआईएल ने 17 दिन से भी कम समय में जियो प्लेटफॉर्म की 13.46 फीसदी हिस्सेदारी बेची
  • जियो की हिस्सेदारी बेचने से रिलायंस इंडस्ट्रीज को अब तक 60,597 करोड़ रुपए मिले

अमेरिका की प्राइवेट इक्विटी फर्म विस्टा इक्विटी पार्टनर्स ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के डिजिटल प्लेटफॉर्म जियो प्लेटफॉर्म में 2.32 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है। यह सौदा 11,367 करोड़ रुपए में हुआ है। यह निवेश जियो प्लेटफॉर्म्स के इक्विटी मूल्य 4.91 लाख करोड़ रुपए और एंटरप्राइज वैल्यू 5.16 लाख करोड़ रुपए पर किया गया है। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है। रिलायंस जियो में हिस्सेदारी खरीदने वाली विस्टा अब दूसरी बड़ी कंपनी बन गई है।

प्रौद्योगिकी की परिवर्तनकारी ताकत बेहतर भविष्य की चाभी: मुकेश अंबानी

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन ने कहा कि विस्टा का एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में स्वागत करते हुए मुझे खुशी हो रही है। यह दुनिया भर के बड़े विशिष्ट टेक निवेशकों में से एक है। हमारे अन्य भागीदारों की तरह विस्टा भी हमारे साथ समान विज़न साझा करती है। जो सभी भारतीयों के लाभ के लिए भारतीय डिजिटल ईको सिस्टम को विकसित करने और ट्रांसफॉर्मेशन का विजन है। मुकेश का कहना है कि प्रौद्योगिकी की परिवर्तनकारी ताकत सभी के लिए एक बेहतर भविष्य की चाभी है।

विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी एंटरप्राइजेज सॉफ्टवेयर कंपनी है विस्टा

विस्टा इक्विटी पार्टनर्स के पास 57 बिलियन डॉलर से ज्यादा का अनुमानित कैपिटल कमिटमेंट्स हैं। इसका ग्लोबल नेटवर्क इसे विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी एंटरप्राइजेज सॉफ्टवेयर कंपनी बनाता है। मौजूदा समय में विस्टा के पोर्टफोलियो की कंपनी भारत में कारोबार कर रही हैं जिनमें 13 हजार से ज्यादा कर्मचारी कार्यरत हैं।

17 दिन में बेची 13.46 फीसदी हिस्सेदारी

मुकेश अंबानी आरआईएल को कर्जमुक्त कंपनी बनाना चाहते हैं। इसी के तहत जियो प्लेटफॉर्म की हिस्सेदारी बेची जा रही है। मुकेश अंबानी ने 17 दिन में जियो प्लेटफॉर्म 13.46 फीसदी हिस्सेदारी बेच दी है। सबसे पहले 22 अप्रैल को फेसबुक के साथ बिक्री की घोषणा की गई थी। अब तक की हिस्सेदारी बिक्री से रिलायंस इंडस्ट्रीज को 60,597 करोड़ रुपए मिले हैं। आपको बता दें कि जियो प्लेटफॉर्म, रिलायंस इंडस्ट्रीज की सब्सिडियरी कंपनी है।

पिछले महीने ही फेसबुक ने किया था 43,574 करोड़ रुपए का निवेश

पिछले महीने ही दिग्गज सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने जियो प्लेटफॉर्म में 43,574 करोड़ रुपए का निवेश किया था। इस निवेश के बाद जियो प्लेटफॉर्म में फेसबुक की 9.99 फीसदी हिस्सेदारी हो गई है। 22  अप्रैल को रिलायंस इंडस्ट्रीज और फेसबुक ने इस निवेश की घोषणा की थी। यह भारत में अब तक का सबसे बड़ा विदेशी निवेश था।

सिल्वर लेक ने 5656 करोड़ रुपए का निवेश किया

अमेरिकी की निजी इक्विटी निवेश कंपनी सिल्वर लेक ने जियो प्लेटफॉर्म में 5656 करोड़ रुपए का निवेश किया है। इस निवेश के बाद जियो प्लेटफॉर्म में सिल्वर लेक की 1.15 फीसदी हिस्सेदारी हो जाएगी। 4 मई को रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इस निवेश की घोषणा की थी। यह निवेश जियो प्लेटफॉर्म की इक्विटी वैल्यू 4.90 लाख करोड़ रुपए और एंटरप्राइजेस वैल्यू 5.15 लाख करोड़ रुपए पर किया गया था। सिल्वर लेक दुनियाभर की टेक कंपनियों में निवेश करती है। इनमें एयरबीएनबी, अलीबाबा, आंट फाइनेंशियल, अल्फाबेट की वैरिली एंड वायमो यूनिट्स, डेल टेक्नोलॉजी और ट्वीटर प्रमुख कंपनियां हैं।

आरआईएल की डिजिटल सब्सिडियरी है जियो प्लेटफॉर्म

जियो प्लेटफॉर्म रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सब्सिडियरी है। यह कंपनी आरआईएल ग्रुप के डिजिटल बिजनेस एसेट्स जैसे रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड, जियो ऐप्स और हैप्टिक, रिवायर, फाइंड, नाउफ्लोट्स, हैथवे और डैन समेत कई अन्य एंटीटी में निवेश का संचालन करती है।

पहली तिमाही में 1 लाख करोड़ से ज्यादा जुटाने का लक्ष्य

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के मध्य में 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा जुटाने का लक्ष्य रखा है। इसमें फेसबुक, सउदी अरैमको और बीपी का निवेश शामिल है। अब सिल्वर लेक का निवेश भी शामिल हो गया है। इसके अलावा रिलायंस ने हाल ही में 53,125 करोड़ रुपए का राइट्स इश्यू लाने की घोषणा भी की है।