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फ्यूचर ग्रुप को राहत:शेयरधारकों और लेनदारों की बैठक कर सकेगा, रिलायंस रिटेल में विलय की मंजूरी मांग सकेगा

22 दिन पहले
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नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (NCLT) ने फ्यूचर ग्रुप की कंपनियों को शेयरधारकों और लेनदारों (क्रेडिटर्स) के साथ बैठकें करने की इजाजत दे दी है। किशोर बियानी की लीडरशिप वाले ग्रुप की कंपनियां रिलायंस रिटेल के हाथों अपने एसेट बेचने की इजाजत निवेशकों और लेनदारों से ले सकेंगी।

विलय के विरोध में अमेजन की अपील खारिज

सूत्रों के मुताबिक, फ्यूचर ग्रुप की कंपनियों को बैठकें करने की इजाजत देने का आदेश NCLT के सदस्यों- सुचित्रा कनुपार्थी और चंद्रभान सिंह वाली मुंबई बेंच ने दिया। बेंच ने फ्यूचर ग्रुप की कंपनियों के विलय की योजना के विरोध में दाखिल दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन की अपील को खारिज कर दिया।

मामले में जल्दबाजी कर रही है अमेजन: NCLT ​​​​​​

अमेजन ने NCLT को आवेदन दिया था कि वह फ्यूचर रिटेल के खिलाफ आर्बिट्रेशन की कार्यवाही पूरी होने तक विलय की उसकी योजना पर विचार न करे। सूत्रों के मुताबिक अमेजन की अपील को ट्राइब्यूनल ने यह कहकर खारिज कर दिया कि वह मामले में जल्दबाजी कर रही है।

बाद में आपत्ति दर्ज करा सकेगी ई-कॉमर्स कंपनी

मामले की सुनवाई में NCLT ने यह भी कहा कि विलय की योजना पर विचार के लिए शेयरहोल्डर्स और क्रेडिटर्स की मीटिंग बुलाने से किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं होगा। बैठकों में अमेजन भी शामिल हो सकेगी और अंतिम मंजूरी के लिए NCLT के पास स्कीम के आने पर आपत्ति दर्ज करा सकेगी।

विलय पूरा करने में फ्यूचर ग्रुप के 6-9 महीने बचेंगे

NCLT ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ स्कीम को मंजूरी देने वाला अंतिम आदेश जारी करने पर रोक लगाई है। उसके आदेश से अब फ्यूचर ग्रुप के लिए शेयरहोल्डर्स और क्रेडिटर्स की शुरुआती मंजूरी लेने का रास्ता साफ हो गया है। आर्बिट्रेशन में जीत मिलने पर विलय की योजना को लागू करने में फ्यूचर ग्रुप के 6-9 महीने बचेंगे।

फ्यूचर एंटरप्राइजेज में कंसॉलिडेट होंगी कंपनियां

फ्यूचर ग्रुप की कंपनियों के रिलायंस रिटेल में विलय की जो योजना बनी है, उसके मुताबिक, ग्रुप के रिटेल, होलसेल, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग बिजनेस को फ्यूचर एंटरप्राइजेज में कंसॉलिडेट किया जाएगा। यानी ग्रुप के इन कारोबारों को एक किया जाएगा और फिर रिलायंस रिटेल को ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

रिलायंस की पिछले साल अगस्त में हुई थी डील

रिलायंस रिटेल वेंचर्स ने पिछले साल अगस्त में फ्यूचर ग्रुप के रिटेल और होलसेल बिजनेस, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग बिजनेस को 24,713 करोड़ रुपए में खरीदने का ऐलान किया था। उसके प्रस्ताव का फ्यूचर कूपंस (फ्यूचर रिटेल के शेयरहोल्डर) के बड़े इनवेस्टर अमेजन ने विरोध किया था।

अमेजन को फ्यूचर रिटेल में शेयर खरीदने का हक

अगस्त 2019 में अमेजन ने फ्यूचर ग्रुप की अनलिस्टेड कंपनी फ्यूचर कूपंस में 49% शेयर खरीदने का करार किया था। उसे करार के तहत तीन से 10 साल के बीच फ्लैगशिप फ्यूचर रिटेल में हिस्सेदारी खरीदने का हक मिला था। इसमें कनवर्टिबल वॉरंट के रूप में फ्यूचर कूपंस का 7.3% स्टेक है।

फ्यूचर रिटेल की संपत्तियां बेचने पर रोक लगी थी

रिलायंस रिटेल से डील करने पर फ्यूचर ग्रुप को अमेजन ने सिंगापुर के इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (SIAC) में घसीट लिया था। इमर्जेंसी आर्बिट्रेटर ने अक्टूबर में अमेजन के हक में अंतरिम आदेश जारी करके फ्यूचर रिटेल को अपनी संपत्तियां बेचने या किसी को देने या फंडिंग के लिए सिक्योरिटी जारी करने पर रोक लगा दी थी।

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