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देश में बन रहे वर्ल्ड क्लास स्टेशन:एयरपोर्ट भी इनके सामने फीके पड़ जाएं, खूबसूरती ऐसी कि नजर हटाना मुश्किल; देखें 10 फोटोज

नई दिल्ली2 महीने पहले

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भोपाल में नए वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन का लोकार्पण कर दिया है। इसका नाम रानी कमलापति (पहले हबीबगंज) स्टेशन रखा गया है। इसे पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर तैयार किया गया है। लग्जरी सुविधाओं से लैस इस स्टेशन के सामने एयरपोर्ट भी फीका नजर आता है। देश में यह PPP मॉडल पर बना पहला रेलवे स्टेशन है। इसी मॉडल पर नागपुर, ग्वालियर, अमृतसर और साबरमती में वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन तैयार किए जाएंगे।

सरकार का देश के 110 रेलवे स्टेशन के री-डेवलपमेंट का प्लान तैयार है। इनमें से 60 स्टेशन को भारतीय रेलवे स्टेशन विकास निगम (IRSDC) और 50 को रेलवे भूमि पुनर्विकास प्राधिकरण (RLDA) द्वारा तैयार किया जाएगा। रेल मंत्रालय की फॉर्म्युलेटेड पार्टिसिपेट पॉलिसी 2012 के मुताबिक, 13 प्रोजेक्ट PPP मॉडल पर तैयार किए जाएंगे। इनकी लागत 6,176 करोड़ रुपए है। वहीं, 11 प्रोजेक्ट पर 22,098 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। यहां पर कोल और पोर्ट कनेक्टिविटी की सुविधा भी मिलेगी। 7 अन्य प्रोजेक्ट पर 13,421 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

हम यहां आपको प्रोजेक्ट से लिए गए 10 वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन के बारे में बता रहे हैं...

रानी कमलापति स्टेशन को एनवायर्नमेंट फ्रेंडली बिल्डिंग के तौर पर डिजाइन किया गया है। यहां पर एक साथ 1100 लोग बैठ सकते हैं। स्टेशन पर एयर कंडीशन वेटिंग रूम है। CCTV कैमरे लगे हुए हैं। यहां होटल, हॉस्पिटल, शॉपिंग मॉल, फूड कोर्ट के साथ कई सुविधाएं मिलेंगी।

गुजरात की राजधानी गांधीनगर में एयरपोर्ट की तर्ज पर रेलवे स्टेशन बनाया गया है। इसके ऊपर 318 कमरे वाला फाइव स्टार होटल भी है। यह देश का पहला ऐसा रेलवे स्टेशन है, जहां अलग से प्रार्थना रूम और बेबी फीडिंग रूम बनाया गया है। यहां एंट्री गेट, बुकिंग, लिफ्ट-एस्कलेटर, बुक स्टॉल, खाने-पीने के स्टॉल समेत सभी सुविधाओं के अलावा प्राथमिक उपचार के लिए एक छोटा सा अस्पताल भी बन रहा है। पूरा स्टेशन CCTV कैमरों की निगरानी में रहेगा।

देश की राजधानी के नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDLS) को PPP मोड के तहत RLDA द्वारा वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन के तौर पर तैयार किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट में 8,500 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। इस स्टेशन पर अंदर आने और बाहर जाने के अलग-अलग रास्ते होंगे। साथ ही एलिवेटेड कॉनकोर्स डेवलप किए जाएंगे। यहां पहले से मौजूद सभी 16 प्लेटफॉर्म को फिर से डेवलप किया जाएगा।

चंडीगढ़ स्टेशन को वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन में तैयार करने का रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) पहले ही इनवाइट किया जा चुका है। इस स्टेशन को तैयार करने में 131.40 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। एयरपोर्ट की तरह रेलवे यात्रियों को यहां आने के लिए मामूली फीस भी देनी होगी। इसका चार्ज पैसेंजर के रेलवे टिकट में जोड़ा जाएगा। इस स्टेशन को तैयार करने में ग्रीनरी का भी ध्यान रखा जाएगा।

दिल्ली के ही आनंद विहार स्टेशन को IRSDC द्वारा फिर से डेवलप किया जाएगा। पहले बताया गया था कि स्टेशन को इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) मोड पर सम्मानित किया जा रहा है। दूसरे स्टेशन की तुलना में ये ज्यादा खुला-खुला होगा। यहां पर यात्रियों के आने-जाने के लिए अलग-अलग रास्ते दिए जाएंगे, ताकि बिना किसी परेशानी के वे आसानी से चल पाएं।

ग्वालियर रेलवे स्टेशन IRSDC द्वारा फिर से डेवलप किया जाएगा। स्टेशन री-डेवलपमेंट पर 240 करोड़ रुपए की राशि खर्च होने की संभावना है। स्टेशन का री-डेवलपमेंट 2,30,425 वर्ग मीटर क्षेत्र में किया जाएगा। इस परियोजना के तहत, हैरिटेज बिल्डिंग को हाईलाइट करते हुए अंदर आने और बाहर निकलने के नए ब्लॉक तैयार किए जाएंगे।

गुजरात में सूरत रेलवे स्टेशन को IRSDC द्वारा एक शानदार मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब में बदला जाएगा। यह एक आधुनिक स्टेशन बिल्डिंग होगी जिसमें वाइड स्टेशन लॉबी, बस टर्मिनल, बड़ा टिकट हॉल, मॉड्यूलर पैसेंजर-फ्रेंडली कॉनकोर्स, नए प्लेटफॉर्म के साथ-साथ पुलों को जोड़ने वाले बोर्डिंग एरिया, एयरपोर्ट स्टाइल के फूड प्लाजा और रिटेल एरिया सहित कई सुविधाएं दी जाएंगी।

IRSDC के नेतृत्व में अमृतसर रेलवे स्टेशन पर री-डेवलपमेंट का काम पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के जरिए किया जाएगा। 300 करोड़ रुपए की लागत से इसे वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन में बदला जाएगा। एक बार पूरी तरह से सुधार के बाद स्टेशन में भीड़ को आसानी से मैनेज किया जा सकेगा। यहां यात्रियों के बैठने के लिए जगह होगी। जाने वाले यात्रियों के लिए लाइटिंग की पूरी व्यवस्था होगी।

दिल्ली में बिजवासन रेलवे स्टेशन को IRSDC द्वारा EPC मोड का उपयोग करके री-डेवलपमेंट किया जाएगा। इस स्टेशन के री-डेवलपमेंट में 270.82 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। वहीं, अगले तीन साल में इसे पूरी तरह तैयार कर लिया जाएगा। री-डेवलपमेंट स्टेशन में अंदर आने और बाहर जाने वालों के लिए अलग-अलग एरिया होंगे। यहां भी किसी एयरपोर्ट की तरह आगमन/प्रस्थान क्षेत्र होंगे। स्टेशन पर हवाई अड्डे की तरह शॉप, फूड स्टॉल, आधुनिक वेटिंग एरिया जैसी कई सुविधाएं मिलेंगी।

इस स्टेशन का महात्मा गांधी के नेतृत्व में किए गए दांडी मार्च (नमक आंदोलन) की थीम के साथ री-डेवलपमेंट किया जाएगा। यात्रियों की स्टेशन पर आसानी से आवाजाही हो सके, इसके लिए मौजूदा साबरमती स्टेशन-मीटर गेज और साबरमती जंक्शन स्टेशन-ब्रॉडगेज को फिर से जोड़ा जाएगा। देश की पहली मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन इन्हीं दोनों स्टेशनों के बीच से गुजरने की उम्मीद है।