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यूटिलिटी डेस्क. सरकार ने निजी क्षेत्र के चौथे बड़े बैंक यस बैंक लिमिटेड के पुनर्गठन को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। इस अधिसूचना के जारी होने के बाद यस बैंक के ग्राहकों को बुधवार शाम 6 बजे से निकासी की छूट मिल सकती है। बैंककारी विनियमन अधिनियम 1949 के तहत यह अधिसूचना जारी की गई है। आरबीआई ने 6 मार्च को नकदी की कमी से जूझ रहे यस बैंक से पैसा निकालने की सीमा निर्धारित की थी। इसके तहत खाताधारक अभी तक एक महीने में अधिकतम 50 हजार रुपए ही निकाल सकते हैं।
अब आगे क्या होगा?
सरकार ने निजी क्षेत्र के चौथे बड़े बैंक यस बैंक लिमिटेड के पुनर्गठन को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। पुनगर्ठित (रिस्ट्रक्चर्ड) बैंक यस बैंक के सभी पुराने लेन-देन को पूरा करेगा। पुनगर्ठित बैंक के पास रखी सभी जमा राशियों और देनदारी सहित अन्य अधिकार पूरी तरह अप्रभावित रहेंगे। पुनर्गठित बैंक के सभी कर्मचारियों जिनकी संख्या 18 हजार से ज्यादा है, को कम से कम एक साल तक पहले की तरह वेतन भत्ता मिलता रहेगा।
15 महीनों में 90 फीसदी तक का घाटा
बैंक की हालत इतनी खराब हो गई है कि 15 महीनों के अंदर निवेशकों को 90 फीसदी तक का घाटा हो चुका है। सितंबर 2018 में यस बैंक का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 90 हजार करोड़ रुपए था, जो घटकर 9 हजार करोड़ रह गया है।
एसबीआई ने 7250 करोड़ रुपए में खरीदी 49 फीसदी हिस्सेदारी
यस बैंक को संकट से निकालने के लिए एसबीआई ने 7250 करोड़ रुपए में इस बैंक में 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है। एसबीआई ने यह हिस्सेदारी 10 रुपए प्रति शेयर की दर से खरीदी है। इसके अलावा निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंक आईसीआईसीआई बैंक ने भी यस बैंक में 10 रुपए प्रति शेयर की दर से 1000 करोड़ रुपए के निवेश का ऐलान किया है। इस निवेश के साथ आईसीआईसीआई बैंक की यस बैंक में 5 फीसदी हिस्सेदारी हो जाएगी।
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