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    Hindi News » Emi Calculator

    EMI Calculator ( ईएमआई कैलकुलेटर )

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    p.a.
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    YrMo
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    Calculate
    *fields are mandatory
    • EMI Per Month --
    • Interest Amount --
    • Total Pay Amount --

    Payment Details

    • Months
    • Principal
    • Interest
    • EMI Amount
    • Remaining Principal
    Disclaimer:- This is an approximate figure based on your inputs which shall have to be cross checked with the concerned bank before taking of any actions.

    क्‍या है EMI Calculator (इक्‍वेटेड मंथली इन्‍सटालमेंट)

    इक्‍वेटेड मंथली इन्‍सटालमेंट यानी ईएमआई वह अमाउंट है आप किसी बैंक या फाइनेंशियल इंस्‍टीट्यूशन को हर माह चुकाते हैं जब तक कि लोन अमाउंट का पूरा भुगतान नहीं हो जाता है। ईएमआई में लोन पर लगने वाला इंटरेस्‍ट और प्रिंसिपल अमाउंट शामिल होता है। जब आप लोन का रिपेमेंट शुरू करते हैं शुरूआत के माह में ईएमआई में इंटरेस्‍ट पार्ट ज्‍यादा होता है और हर पेमेंट के साथ यह कम होता जाता है। आपकी ईएमआई में प्रिंसिपल अमाउंट का पार्ट कितना होगा यह लोन के इंटरेस्‍ट रेट पर निर्भर करता है। समय के साथ आपकी ईएमआई नहीं बदलती है लेकिन इसमें प्रिंसिपल और इंटरेस्‍ट पार्ट बदलता रहता है। हर ईएमआई पेमेट के साथ आप प्रिंसिपल कंपोनेंट में ज्‍यादा पेमेंट करते हैं ओर इंटरेस्‍ट कंपोनेंट में कम।

    कैसे करें EMI कैलकुलेटर का यूज

    EMI कैलकुलेटर आप आसानी से यूज कर सकते हैं। इस कैलकुलेटर का यूज करते हुए होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन, एजुकेशन लोन या किसी और लोन की EMI कैलकुलेट कर सकते हैं। इसके लिए आपको EMI कैलकुलेटर में नीचे दी गई जानकारी एंटर करनी होगी।

    • लोन अमाउंट यानी जितना आप लोन लेना चाहते हैं।
    • कितनी अवधि के लिए आप लोन लेना चाहते हैं।
    • लोन पर इंटरेस्‍ट रेट कितना है।
    • एरियर में ईएमआई (सिर्फ कार लोन के लिए)
    ये जानकारी एंटर करने के बाद ईएमआई कैलकुलेटर आपकी मंथली ईएमआई बता देगा।

    EMI कैलकुलेट करने में रखें इन बातों का ध्‍यान

    हमारी सलाह है कि आपको दो अपोजिट सिनैरियो को ध्‍यान में रखते हुए फ्लोटिंग रेट ईएमआई कैलकुलेट करनी चाहिए। पहला सिनैरियो है आशावादी यानी आप मान सकते हैं कि लोन पर इंटरेस्‍ट रेट कम होगा। दूसरा सिनैरियो है निराशावादी यानी लोन पर इंटरेस्‍ट रेट बढ़ेगा। ईएमआई कैलकुलेट करने में दो कंपोनेंट लोन अमाउंट और लोन की अवधि ऐसे कंपोनेंट हैं जो आपके कंट्रोल में हैं। लेकिन लोन पर इंटरेस्‍ट रेट क्‍या होगा यह बैंक रिजर्व बैंक की पॉलिसी के आधार पर तय करते हैं। लोन लेने से पहले आपको दो संभावनाओं इंटरेस्‍ट रेट बढने और इंटरेस्‍ट रेट कम होने के आधार पर ईएमआई कैलकुलेट करनी चाहिए कि इन दो स्थितियों में आपकी ईएमआई क्‍या होगी। इससे आपको यह फैसला लेने में आसानी होग कि आप कितनी ईएमआई दे पाएंगे। आपके लोन की अवधि कितनी होनी चाहिए और आप कितना लोन ले सकते हैं।

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