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IELTS: विदेश में पढ़ाई के लिए इंग्लिश लैंग्वेज टेस्ट की तैयारी कर रहे हैं तो इन 5 बातों का रखें ध्यान

यह टेस्ट मानक अंग्रेजी भाषा का होता है। गैर अंग्रेजीभाषी छात्रों या लोगों के लिए इसे क्लियर करना कई बार कठिन होता है।

Dainik Bhaskar

Aug 28, 2018, 01:39 PM IST
प्रतीकात्मक चित्र। प्रतीकात्मक चित्र।

नई दिल्ली. विदेश में उच्च शिक्षा के लिए प्रयास कर रहे छात्रों को कई टेस्ट पास करने होते हैं। इसमें से एक IELTS (International English Language Testing System) भी है। यह टेस्ट मानक अंग्रेजी भाषा का होता है। गैर अंग्रेजीभाषी छात्रों या लोगों के लिए इसे क्लियर करना कई बार कठिन होता है। खास तौर पर अगर कोई छात्र अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे अंग्रेजीभाषी देशों में जाता है तो उसके लिए ये टेस्ट बहुत जरूरी है।
क्यों जरूरी है ये टेस्ट: अगर कोई छात्र ऊपर दिए गए या किसी और अंग्रेजीभाषी देश में हायर एजुकेशन के लिए जाना चाहता है तो उसके लिए ये टेस्ट क्लियर करना आवश्यक है। करीब 10 हजार इंस्टीट्यूट ऐसे हैं जहां इस टेस्ट को क्लियर किए बिना एडमिशन नहीं मिलता। यहां हम आपको वो 5 अहम स्टेप्स बता रहे हैं जिनकी मदद से आप इस टेस्ट की तैयारी कर सकते हैं।

1) पढ़ने का तरीका बेहतर बनाएं
- IELTS को क्लियर करने के लिए अपने पढ़ने (reading) के तरीके को बेहतर बनाए। ये इसलिए भी जरूरी है क्योंकि टेस्ट के दौरान आपको तय वक्त में पेपर सॉल्व करना होता है। इसके लिए दिए गए पैरा को शुरू से आखिर तक बहुत ध्यान से पढ़ें। फिर इसका सार निकालें और उत्तर लिखें। इसके लिए प्रैक्टिस जरूरी है। हां, इस दौरान भी समय का ध्यान रखें।

2) खुद का मूल्यांकन करें
- मॉक टेस्ट के जरिए प्रैक्टिस करें और इसके जरिए अपना मूल्यांकन (Self evaluation) करें। इसके जरिए आपको रिवीजन का मौका भी मिलेगा। इसके लिए आप ऑन और ऑफ लाइन यानी दोनों तरीके आजमा सकते हैं। इससे आपको खुद की सीमाओं, मजबूती और कमियों का भी आईडिया मिल जाएगा। वर्ड पॉवर भी मजबूत होगी और कुछ कठिन वाक्यों को बनाना और उन्होंने समझना भी आसान हो जाएगा।

3) सुनने की क्षमता ऐसे बेहतर करें
- जब आप पढ़ने में बेहतर हो जाएंगे तो दिक्कतें काफी हद तक कम हो जाएंगी। अब सुनने की क्षमता पर फोकस करें। किन हालात में स्वर कैसे होने चाहिए? ये बातें आपको लिसनिंग स्किल्स (listening skills) से समझनी होंगी। इसके लिए उच्चारण भी समझना होगा। इसके लिए किसी एक्सपर्ट या इस कला में माहिर मित्र की सहायता ले सकते हैं। ये आपको बेहतर फीडबैक दे सकेंगे।

4) जहां भी मौका मिले, कुछ सीखें
- जिंदगी में आपको कई तरह के लोगों से बातचीत का मौका मिलता है। बातचीत अंग्रेजी में ही करें। इससे आपकी लिसनिंग और स्पोकन इंग्लिश में सुधार होगा। इसके लिए कल्चरल इवेंट्स और सेमिनार में जा सकते हैं। लिट्रेचर पढ़ और सुन सकते हैं। इसके बाद लिखें भी जरूर ताकि राइटिंग स्किल बेहतर हो सके। अपने प्रैक्टिस सेशन यान अभ्यास सत्र को रोचक बनाने की कोशिश करें।

5) सेल्फ लर्निंग यानी खुद सीखने की तकनीक विकसित करें
- यह बहुत जरूरी कदम है। आप अपने गुरू खुद बनिए। सेल्फ लर्निंग ऐप्स की मदद लीजिए और जब भी मौका मिले इनका इस्तेमाल कीजिए। IELTS के लिए तो ऐसे एेप्स मौजूद भी हैं। उन लोगों के संपर्क में रहें जो खुद IELTS की तैयारी कर रहे हैं।

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