प्रेरणा / CA कोचिंग इंस्टीट्यूट VSI को सफलता की बुलंदी पर पहुंचाने वाले CA R.C.Sharma का सफर

सही प्लानिंग और मार्गदर्शन से पढ़ाई की जाये तो CA कोर्स को पास करना 12th से भी आसान है

CA RCSharma's journey to make CA Coaching Institute VSI a success
CA RCSharma's journey to make CA Coaching Institute VSI a success
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CA RCSharma's journey to make CA Coaching Institute VSI a success
CA RCSharma's journey to make CA Coaching Institute VSI a success

Dainik Bhaskar

Nov 13, 2019, 04:36 PM IST

सपने पुरे करना हर इंसान की चाहत होती है लेकिन कुछ ही लोग ऐसे होते है जिनका सपना दूसरों के सपनों को पूरा करना होता है।एक 29 साल का चार्टेड एकाउंटेंट जिसके सामने सुनहरे भविष्य के रास्ते खुले हुए थे वह भी चाहता तो किसी भी अच्छी कम्पनी या खुद की फर्म खोलकर अपना कैरियर बना सकता  था। लेकिन उसने चुना रास्ता उन हजारों बच्चों के सपनों को पूरा करने का जो आगे चलकर चार्टेड एकाउंटेंट बनना चाहते थे। 


ये व्यक्ति है CA कोचिंग में आज सफलता के पर्याय बन चुके VSI के निदेशक CA आर.सी.शर्मा। जिन्हें आज सब शर्मा सर के नाम से जानते है। आर. सी. शर्मा जिन्होंने अपने दृढ़ विश्वास और अपनी मेहनत से 8 साल में 6 All India First Rank देकर और सैकंडों की संख्या में CA बनाकर सफलता के नए मापदंड खड़े किये है। आज VSI सफलता की चोटी पर है। लेकिन वहा तक पहुंचाने में आर.सी.शर्मा को बड़ा संघर्ष करना पड़ा है। लेकिन कहते है की संघर्षों की आग में तपकर ही इंसान सोना बनकर निकलता है। 

छोटे से गांव से रखते है ताल्लुक 

आर.सी. शर्मा का बचपन साधारण रहा उनका जन्म जयपुर के पास के ही गाँव तिलवाड़ा में 6 जून 1971 को हुआ। इन्होंने कॉमर्स से 1991 में ग्रेजुएशन किया और इसके बाद CA की तैयारी में लग गए। अपनी कड़ी मेहनत और लगन से इन्होंने 1994 में CA की परीक्षा पास की और चार्टेड एकाउंटेंट बन गए। कुछ साल तक अपने प्रोफेशन में काम करने के बाद आर सी शर्मा को लगा की छात्रों को सही मार्गदर्शन नहीं मिल पा रहा है जिससे की वे अपने सपनों को पूरा कर सके। 

4 छात्रों के साथ शुरू की कोचिंग 

वर्ष 1998 में इन्होंने केवल 4 स्टूडेंट्स के साथ कोचिंग की शुरुआत की। उस समय शर्मा सर Financial Reporting & Strategic Financial Management विषय में कोचिंग दिया करते थे। धीरे धीरे छात्र उनके पढाई से प्रभावित हुए,और सभी लोगों के आग्रह पर उन्होंने 2006 में VSI कोचिंग की शुरुआत की। लेकिन VSI के शुरुआत के वर्ष अच्छे नहीं रहे और उनकी कड़ी मेहनत के बाद भी रिजल्ट नहीं आ पा रहा था। उस समय VSI में छात्रों की संतुष्टि के लिए उन्हें कोर्स को easy steps और आसान भाषा में बदलकर समझाया जाता था लेकिन उससे कोई भी रिजल्ट प्राप्त नहीं हो पा रहा था।  बल्कि जिन छात्रों से उम्मीद थी की वे अच्छी रैंक लाएंगे वे छात्र भी फेल होते जा रहे थे।  लेकिन इससे उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और ना ही इसका दोष ICAI के पैटर्न या कोर्स पर दिया। 

लगातार संघर्षों का किया सामना 

आर.सी.शर्मा सर ने अपने इंस्टीट्यूट की कमियों पर ध्यान दिया अपने पैटर्न पर ध्यान दिया और उन्हें महसूस हुआ की जिस पैटर्न से उनकी कोचिंग में पढाई हो रही है उससे छात्र तो संतुष्ट हो सकते है लेकिन उस पैटर्न के अनुसार कभी भी अच्छा रिजल्ट प्राप्त नहीं हो सकता। ऐसे में उन्होंने अपने इंस्टीट्यूट के पढाई के पैटर्न को बदल दिया। उन्होंने तय कर लिया की अब छात्रों को ICAI के पैटर्न के अनुसार ही पढ़ाएंगे। लेकिन इसका असर ये हुआ की जिस क्लास में 100-100 बच्चे थे वहां अब केवल 4 से 5 बच्चे ही रह गए। 


बहुत से लोगों ने भी कहा की जब छात्र आपके पुराने पैटर्न से संतुष्ट है तो आप बेवजह रिजल्ट के चक्कर में अपना पैटर्न क्यों बदल रहे है और यह भी तय नहीं है की इस नए पैटर्न से आपका रिजल्ट अच्छा हो जायेगा। लेकिन शर्मा सर को अपने निर्णय पर विश्वास था, और उन्होंने तय कर लिया था की आगे से VSI में ICAI के पैटर्न के अनुसार ही पढाई होगी, क्योंकि उनका एक ही गोल था अच्छा रिजल्ट लाना।  

VSI  को पहुँचाया सफलता की बुलंदी पर 

पढ़ाई के पैटर्न के साथ ही शर्मा सर ने कोचिंग के माहौल में भी सुधार किया और छात्रों की प्रतिभा का पूरा उपयोग करते हुए उनके सामने आने वाली हर समस्या का समाधान किया और कहते है ना की अपने पर यकीन हो तो रास्ता निकल ही आता है। धैर्य के साथ अपने पैटर्न पर निरंतर सुधार करने का यह परिणाम हुआ की छात्रों ने ना सिर्फ अच्छे अंक हासिल किये बल्कि 2012 के CA IPCC के परिणाम में आर सी शर्मा के मार्गदर्शन में पढ़े छात्र निखिल कुमार ने ऑल इंडिया 1st रैंक हासिल की। लेकिन यह तो केवल शुरुआत थी और अगले सालों में आर सी शर्मा सर के निर्देशन में VSI ने ना सिर्फ अच्छा रिजल्ट दिया बल्कि 6 ऑल इंडिया 1st रैंक देकर CA कोचिंग के सबसे प्रतिष्ठित और भरोसेमंद संस्थान के रूप में ख्याति पाई है।  


VSI की सफलता का सबसे बड़ा कारण है यहाँ का माहौल। यहाँ पहले दिन से ही छात्रों को परीक्षा के लिए तैयार किया जाता है साथ ही समय समय पर छात्र परीक्षा के लिए कितने तैयार है और वे परीक्षा के पैटर्न को ठीक तरह से समझ पाए इसलिए समय समय  पर मॉक टेस्ट लिए जाते है। यहाँ पर छात्रों के लिए लिमिटेड सीट है फाउंडेशन के लिए 350 इंटरमीडिएट के लिए 350 और फाइनल के लिए 70 छात्रों को ही कोचिंग दी जाती है।  यही वजह है की यहाँ पर प्रत्येक छात्र पर पर्याप्त ध्यान दिया जाता है। 

डर को किया दूर CA बनने की राह बनायी आसान

अक्सर छात्रों के मन में डर रहता है की CA कोर्स बहुत कठिन है और इसका रिजल्ट बहुत कम जाता है इसलिए इसे पास करना बेहद मुश्किल है। लेकिन आर सी शर्मा सर का उद्देश्य बच्चों के मन के इसी डर को दूर करना है। उनका मानना है की अगर सही प्लानिंग और मार्गदर्शन से पढ़ाई की जाये तो CA कोर्स को पास करना 12th से भी आसान है और VSI के रिजल्ट ने यह बात साबित भी की है। 


आर सी शर्मा सर का विजन ही है की जिसने VSI को सफलता के उस ऊँचे मुकाम पर पहुँचा दिया है जिसे पाने का सपना आज हर CA कोचिंग संस्थान देखता है।  VSI की इस सफलता की इमारत को खड़ा करने में सीए आर सी शर्मा सर ने नींव के पत्थर का काम किया है जो संस्थान के सारे भार को अपने मजबूत कंधों पर संभालें हुए है। उनकी मेहनत और लगन का ही परिणाम है की आज VSI देश का सबसे अग्रणी CA कोचिंग संस्थान बनकर उभरा है और हर साल बड़ी संख्या में छात्रों को CA बनाकर उनके और उनके माता पिता के सपनों को पूरा करने का काम कर रहा है। 


विद्या सागर करियर इंस्टीट्यूट कैसे है बेहतर

  • VSI भारत का एकमात्र संस्थान है, जिसने पिछले 8 वर्षों में CA में 6 बार ऑल इंडिया 1st रैंक दी है जो, इसकी गुणवत्ता और उचित मार्गदर्शन को दर्शाता है। इसके अलावा, VSI ने CS एक्जीक्यूटिव में भी All India 1st रैंक दी है।
  • CA Exams में 3 बार Ever Highest Marks देने का रिकॉर्ड भी VSI के नाम ही है ।
  • हर लेवल की परीक्षा के अनुसार माहौल छात्रों को नियमित रूप से Mock Test सीरीज़ प्रदान की जाती है।
  • छात्रों की सहूलियत के हिसाब से एक्सट्रा क्लास भी दी जाती हैं, ताकि कोर्स के प्रति हर समस्या का समाधान हो सके।
  • प्रसिद्ध एवं प्रशिक्षित प्रोफेशनल्स द्वारा क्लासेज उपलब्ध करवाई जाती हैं।
  • 11वीं और 12वीं से ही छात्रों को सीए की पढ़ाई के लिए तैयारी करवाई जाती है, ताकि छात्र शुरुआती स्तर से ही इस परीक्षा के लिए अपनी बुनियाद मजबूत कर सकें।

ऐसे में अगर आप भी 4 वर्षों में सीए बनने की इच्छा रखते हैं तो एक ऐसे शिक्षण संस्थान का चुनाव करें जो छात्र के टेलेंट के स्टैंडर्ड के हिसाब से उसे ट्रेन करे।

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