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  • DU Will Have Practical Classes For Final Year Students From September 15, It Is Mandatory For Students Living In Hostels To Get Both Doses Of Corona Vaccine

ऑफलाइन क्लास की शुरुआत:डीयू में 15 सितंबर से अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए होंगी प्रैक्टिकल कक्षाएं, छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवाना अनिवार्य

22 दिन पहले
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दिल्ली विश्वविद्यालय में 15 सितंबर से स्नातक पूर्व और परास्नातक कार्यक्रमों के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के प्रैक्टिकल लैब सत्र कॉलेज या विभाग में हो सकेंगे। विश्वविद्यालय ने सोमवार को जारी आदेश में कहा कि विद्यार्थियों का विश्वविद्यालय या कॉलेज आना वैकल्पिक है और यह उन्हें तय करना है कि वे कॉलेज आना चाहते हैं या नहीं। आदेश में यह भी कहा गया है कि कॉलेजों/विभागों/केंद्रों के शिक्षण और गैर शिक्षण कर्मचारी जल्द से जल्द कोविड टीकों की दोनों खुराकें लगवाएं।

आदेश के मुताबिक, कॉलेज या विभाग आने वाले सभी विद्यार्थी टीके की कम से कम एक खुराक जरूर लगवाएं। उसमें कहा गया है कि छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए कोविड टीके की दोनों खुराकें लगवाना जरूरी हैं और सुनिश्चित किया जाए कि विद्यार्थी को कम से कम टीके की पहली खुराक लग गई हो।

आदेश के अनुसार, स्नातक पूर्व और परास्नातक के सभी कार्यक्रमों की थ्योरी की कक्षाएं अगले नोटिस तक ऑनलाइन आयोजित की जाएंगी। आदेश कहता है कि पुस्तकालय में बैठने की व्यवस्था कोविड प्रोटोकॉल के मुताबिक नहीं है तो विद्यार्थियों को नियमित आधार पर किताबें जारी की जा सकती हैं।

उसमें कहा गया है कि कॉलेज/विभाग/केंद्र, विद्यार्थी को पुस्तकालय आने के लिए पहले से तारीख व समय बताने पर भी विचार कर सकते हैं। आदेश कहता है कि स्नातक पूर्व व परास्नातक के अंतिम वर्षों के विद्यार्थियों के लिए प्रैक्टिकल कक्षाओं और इस तरह की गतिविधियों को 15 सितंबर से ऑफलाइन यानी कॉलेज, विभाग या केंद्र में आयोजित करने की इजाजत दी जा सकती है, लेकिन कमरे, प्रयोगशाला या हॉल की क्षमता के 50 फीसदी ही विद्यार्थियों को प्रवेश की अनुमति होगी। उसमें कहा गया है कि सेमेस्टर के लिए जरूरी चुनिंदा और समिति संख्या में ही प्रैक्टिकल व प्रायोगिक कार्य की इजाजत है। यहां विद्यार्थियों की हाजिरी अनिवार्य नहीं है।

डीयू के कार्यवाहक कुलपति पीसी जोशी ने बुधवार को कहा था कि विश्वविद्यालय चरणबद्ध तरीके से खुलेगा, क्योंकि विद्यार्थियों की सुरक्षा प्राथमिक है। राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 की स्थिति में सुधार के बाद, दिल्ली सरकार ने एक सितंबर से कक्षा नौवीं से 12वीं के लिए स्कूल, कॉलेज व कोचिंग स्थानों को खोलने की घोषणा की थी।