• Hindi News
  • Career
  • Learn Exam Preparation Tips From Experts, Increase Reading Speed, Write Answers Keeping In Mind Negative Marking

कैट एग्जाम 2022:एक्सपर्ट से जानें एग्जाम की तैयारी के टिप्स, रीडिंग स्पीड बढ़ाएं, निगेटिव मार्किंग का ध्यान रखते हुए लिखें प्रश्नों के उत्तर

21 दिन पहलेलेखक: शाहीन अंसारी
  • कॉपी लिंक

कैट एग्जाम (कॉमन एडमिशन टेस्ट) हर साल आईआईएमएस द्वारा देश भर के विभिन्न 20 आईआईएमएस और गैर-आईआईएम में मैनेजमेंट ट्रेनी और पीएचडी में एडमिशन के लिए आयोजित की जाती है। कैट बुलेटिन के अनुसार, इस वर्ष कैट का आयोजन 27 नवंबर (रविवार) को तीन सेशन में कराया जाएगा। इस एग्जाम में तीन पार्ट होते हैं। इनमें से हर पार्ट को 40 मिनट का समय दिया जाता है। इस तरह यह टेस्ट 2 घंटे का होता है। इस एग्जाम के तीन पार्ट इस तरह हैं :

1. वर्बल एबिलिटी एंड रीडिंग कॉम्प्रिहेंसिव (40 मिनिट)

2. लॉजिकल रीजनिंग एंड डाटा इंटरप्रिटेशन (40 मिनिट)

3. क्वांटिटेटिव एबिलिटी (40 मिनिट)

परीक्षा में मिले अंकों के आधार पर बनेगी मेरिट

उम्मीदवारों को हर सेक्शन में प्रश्नों के उत्तर देने के लिए 40 मिनट का समय दिया जाएगा। उन्हें एक सेक्शन में प्रश्नों का उत्तर देते समय दूसरे सेक्शन में जा कर आंसर लिखने की अनुमति नहीं होगी। इस परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट बनाई जाएगी। हालांकि परीक्षा के हर सेक्शन के लिए दिए गए कट ऑफ अलग-अलग संस्थानों में अलग हो सकते हैं। इसके साथ ही एडमिशन के लिए पिछली परीक्षाओं में प्राप्त अंकों पर भी विचार किया जा सकता है।

कैट भारत की कठिनतम परीक्षाओं में से एक है, लेकिन टाइम मैनेजमेंट और सही स्टडी पॉलिसी बनाकर इस परीक्षा में सफलता कैसे पाई जा सकती है, ये बता रहे हैं दिल्ली यूनिवर्सिटी के फायनेंस एंड बिजनेस इकोनॉमिक्स डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. चंदर मोहन नेगी। उनके बताएं ये 5 पॉइंट्स कैट एग्जाम क्लियर करने में आपकी मदद कर सकते हैं :

1) स्पीड

स्पीड इस परीक्षा का सबसे खास कंपोनेंट है। कैट परीक्षा के माध्यम से यह देखने का प्रयास किया जाता है कि एक निश्चित समय में उम्मीदवार दिए गए प्रश्नों को सुलझाने में कितना सक्षम है। इसलिए इस परीक्षा में सफलता के लिए स्पीड पर ध्यान देना सबसे जरूरी है। स्पीड मेंटेन करने के लिए उम्मीदवारों को ज्यादा से ज्यादा प्रैक्टिस करना चाहिए और दिए गए समय में अधिकतम प्रश्नों को हल करने का प्रयास करना चाहिए।

2) एक्यूरेसी

कैट एग्जाम की तैयारी करते वक्त छात्रों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि हर गलत उत्तर के लिए निगेटिव मार्किंग भी होती है। हर गलत अटेम्प्ट के लिए 33% अंक काट लिए जाते हैं, इसलिए जल्दी जवाब लिखने के चक्कर में एक्यूरेसी यानि सटीकता से समझौता न करें। इस परीक्षा में हल किए गए कुल प्रश्नों के आधार पर मेरिट बनाई जाएगी। कई मामलों में छात्र स्पीड के लिए एक्यूरेसी से समझौता करते हैं, जो इस एग्जाम के लिए सही पॉलिसी नहीं है।

3) स्केलिंग

यह परीक्षा तीन शिफ्ट में होती है, इसलिए यह क्लियर है कि हर सेशन में प्रश्नों का लेवल एक समान नहीं होगा। यहां सभी सेशन के बीच डिफिकल्टी लेवल को एक जैसा बनाने के लिए कैंडिडेट्स के आंसर्स की स्केलिंग की जाती है। इसके अंतर्गत डिफिकल्टी लेवल बराबर करने का प्रयास होता है। इसलिए छात्रों को प्रश्नों का उत्तर देते समय एक्यूरेसी पर ध्यान देना चाहिए। एक्यूरेसी के साथ हल किए गए अधिकतम प्रश्न आपके कुल स्कोर में बड़ा डिफरेंस लाते हैं। इसलिए छात्रों को स्पीड और एक्यूरेसी के साथ समझौता नहीं करना चाहिए।

4) नॉन शिफ्ट
कैट एग्जाम के दौरान हर तीन सेक्शन के लिए पोर्टल एक बार ही खुलेगा। उम्मीदवार प्रश्नों का जवाब देने के लिए एक सेक्शन से दूसरे सेक्शन में नहीं जा सकते हैं। यहां जरूरी है कि स्टूडेंट्स हर सेक्शन को एक बार में पूरा करें। इसी बात का ध्यान रखकर एग्जाम की तैयारी के लिए अपनी पॉलिसी बनाएं।

5) एग्जाम पॉलिसी

छात्रों को अपने कंपेरेटिव एडवांटेज के अनुसार परीक्षा की रणनीति तैयार करना चाहिए। इसका अर्थ यह है कि अगर कोई स्टूडेंट मैथमेटिक्स में अच्छा है तो आपको मैथ्स पर अधिक ध्यान देना चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि उसमें कम से कम गलतियां हों। यदि कोई स्टूडेंट डाटा एनालिसिस में एक्सपर्ट है तो उसे उस सब्जेक्ट पर पूरा नियंत्रण बनाए रखना चाहिए।।

डाटा एनालिसिस स्कोरिंग होने के साथ रिस्की भी है। यहां एक बात विशेष रूप से ध्यान देने वाली है कि किसी एक सेक्शन के अंदर के सभी प्रश्न एक-दूसरे से संबंधित हो सकते हैं। अगर एक प्रश्न गलत हो गया तो उस विशेष पार्ट के अन्य सभी प्रश्न गलत हो जाएंगे।

इस साल कैट परीक्षा 75% ऑब्जेक्टिव (वस्तुनिष्ठ) और 25% सब्जेक्टिव (व्यक्तिपरक) होगी। यहां सब्जेक्टिव प्रश्नों के लिए कोई निगेटिव मार्किंग नहीं होगी, इसलिए इस बार मेरिट की ज्यादा उम्मीद है।