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  • Meet Hiten Gautam, A Student Of Class 5th Who Invented A Device To Maintain Social Distancing, The Devices Alarms To Maintain Safe Distance

इन्वेंशन:सोशल डिस्टेंसिंग के लिए 5वीं के स्टूडेंट हितेन गौतम ने बनाई डिवाइज, अलार्म और लाइट के जरिए करेगा सतर्क

2 वर्ष पहले
  • साइंस में रूचि रखने वाले हितेन भविष्य में एक वैज्ञानिक बनना चाहते है
  • 10 सेंटीमीटर या कम की दूरी में आते ही बज उठता है अलार्म

कोरोना के इस दौर में अब सोशल डिस्टेंसिंग न्यू नॉर्मल बन गया है। इस महामारी के बचने के लिए खुद प्रधानमंत्री मोदी ने इसे फॉलो करने का सलाह दी है। लेकिन अकसर हम में कई लोग इसका पालन करना भूल जाते हैं। ऐसे में दिल्ली के रहने वाले 5वीं के एक स्टूडेंट ने एक ऐसा डिवाइज बनाया है, जो सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करने पर अलार्म बजा कर सतर्क करेगा।

सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लघंन करते ही बजेगा अलार्म

दिल्ली के शालीमार बाग स्थित मॉडर्न पब्लिक स्कूल की 5वीं क्लास में पढ़ने वाले हितेन गौतम के मुताबिक, यह डिवाइस उपयोगकर्ता को सामाजिक दूरी बनाए रखने में मदद करता है। जैसे ही कोई व्यक्ति डिवाइस से 10 सेंटीमीटर या कम की दूरी में आता है, तो सिस्टम एक साउंट और चमकदार एलईडी लाइट के साथ उपयोगकर्ता को सतर्क करता है। नौ वर्षीय हितेन कहते है कि इस डिवाइज का उपयोग पहनने योग्य उपकरण, टचलेस साबुन डिस्पेंसर, डोरबेल और स्विच या सार्वजनिक उपयोग की वस्तुओं को बनाने के लिए किया जा सकता है, जिनसे किसी को दूरी बनाए रखने की आवश्यकता होती है।

पांच दिन में बनाया डिवाइज

इस डिवाइज को पूरा करने में उन्हें करीब पांच दिन का समय लगा। हितेन ने बताया कि इसे बनाने में उनके पैरेंट्स और टीचर ने मदद की। इसका निर्माण उनके स्कूल में सरकार द्वारा संचालित अटल टिंकर लैब (एटीएल) में किया गया। साइंस में रूचि रखने वाले हितेन यूट्यूब पर साइंस की वीडियो देखते हैं और भविष्य में एक वैज्ञानिक बनना चाहते है। उन्होंने बताया कि वह अल्ट्रासोनिक डिवाइज से जुड़ी वीडियो देखते थे, जो हाई फ्रीक्वेंसी वाली लाउड नॉइज प्रोड्यूस कर सकते है। एटीएल लैब में काम करने वाले स्कूल के उनके सीनियर्स ने उन्हें इस डिवाइस को बनाने के लिए प्रेरित किया।

इलेक्ट्रॉनिक डिवाइज से है प्यार

इस डिवाइस को अभी लॉन्च किया जाना बाकी है और इसके लिए अभी तक कोई कमर्शियल टाई अप नहीं किया है। हितेन के पिता चाय और कॉफी की वेंडिंग मशीनें चलाते हैं, जबकि उनकी मां नई दिल्ली के आदर्श नगर में एक सरकारी स्कूल में टीचर हैं। उनकी मां, ज्योति शाहराजा कहती है कि, “हितेन हमेशा से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइज और गैजेट्स के बारे में उत्सुक रहे हैं। इतना ही वह बचपन में कॉफी वेंडिंग मशीनों के खेलता था और अपने सभी खिलौनों को भी खोलकर अगल कर देता था। ”