जॉब / स्किल एजुकेशन से देश के ग्रामीण युवाओं को मिलेगा बेहतर रोजगार

अच्छी नौकरी पाने के साथ एक सम्मानजनक जीवन भी जी सकते हैं

Jul 30, 2019, 04:47 PM IST
Skill education will give rural youth a better job

भारत आज बेरोजगारी के संकट का सामना कर रहा है, और वर्तमान में कई युवाओं के पास अच्छी नौकरियां नहीं हैं। गरीबी, पानी की कमी, सुविधाओं की कमी, कुपोषण, अशिक्षा और बेरोजगारी जैसी कई वजह हैं जिनके चलते ग्रामीण क्षेत्र काफी प्रभावित हो रहे हैं। देश को बेरोजगारी से निपटने के लिए एक योग्य व कुशल कार्यबल की आवश्यकता है। भारत में इस समस्या से निपटने के लिए ज़रूरत है कौशल विकास की और कौशल-आधारित शिक्षा की जिसकी मदद से युवा बेरोजगारी से मुकाबला कर सकते हैं ।

भारत की अधिकतम आबादी आज भी ग्रामीण इलाकों में रहती है। 2011 के सेंसस के अनुसार, भारत की कुल जनसंख्या का 72.18 % हिस्सा ग्रामीण आबादी का है जिसमें 74 करोड़ से भी ज़्यादा लोग शामिल हैं । योजना आयोग के 12वें प्लान की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत की श्रम शक्ति 2011 में 478 मिलियन से बढ़कर 2017 में 502 मिलियन हो गई, इन में 85% से अधिक लोगों ने केवल माध्यमिक स्तर तक शिक्षा प्राप्त की थी, इनमें से 55% से अधिक लोग प्राथमिक स्तर तक शिक्षित थे और केवल 2% को ही व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त था।

BSDU दे रहा है स्किल आधारित शिक्षा

हाल ही में विश्व युवा कौशल दिवस पर संयुक्त राष्ट्र के 2030 के सतत विकास के एजेंडे में शिक्षा व प्रशिक्षण को खास महत्व दिया गया है। भारतीय स्किल डेवलेपमेंट युनिवर्सिटी यानी बीएसडीयू, जयपुर, यूएन के Goal 4 Agenda का समर्थन करती है और इसी दिशा में समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कार्यरत है जो न केवल न्यायसंगत है, बल्कि इससे युवाओं को विकास के लिए आजीवन सीखने का अवसर भी मिलेगा। भारतीय स्किल डेवलेपमेंट युनिवर्सिटी में पढ़ने वाला हर छात्र कड़ी प्रशिक्षण प्रक्रिया से गुज़र कर एक कुशल मेनेजर व इंडस्ट्री के लिए एक तैयार संसाधन के रूप में विकसित होता है जिससे उसे निर्विवाद रोजगार मिलता है ।

बेहतर रोजगार के लिए स्किल ट्रेनिंग जरूरी

ऐसी कई यूनिवर्सिटीज़ हैं जिनमें बीए, बी कॉम, बी टेक जैसे समान्य कोर्सेज ऑफर किए जाते हैं लेकिन उनमें पढ़ने वाले सिर्फ 20 से 25 % छात्रों को ही रोजगार मिल पाता है। वहीं दूसरी ओर, कौशल आधारित शिक्षा छात्रों को मशीन और फंक्शन सीखने में मदद करती है जो उन्हें व्यावहारिक रूप से सीखने का अवसर देती है। आज B.Voc व M.voc जैसी स्किल-आधारित डिग्रियों की ज़रूरत है क्योंकि इससे प्रत्येक ग्रेजुएट को सामान्य शिक्षा के साथ स्किल का मजबूत ज्ञान और उनके द्वारा चुने गए स्किल के छेत्र में बेहतर अनुभव भी मिलेगा। भारतीय स्किल डेवलेपमेंट युनिवर्सिटी कई स्किल आधारित प्रोग्राम्स ऑफर करती है जिनमें छात्र सर्टिफ़िकेट प्रोग्राम,डिप्लोमा,एडवांस्ड डिप्लोमा, बैचलर ऑफ वोकेशन (B.Voc), मास्टर ऑफ वोकेशनल (M.Voc), व PhD जैसे प्रोग्राम्स चुन सकते हैं ।

स्किल एजुकेशन से मिलता है व्यावहारिक ज्ञान और अनुभव

भारत को अभी भी औद्योगिक रूप से अधिक विकसित होने की आवश्यकता है, और इसे समृद्ध बनाने के लिए प्रशिक्षित व्यक्तियों की कमी है। भारत को ऐसे कर्मचारियों की आवश्यकता है जिनके पास उद्योगों में काम करने का ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव हो। कौशल आधारित शिक्षा छात्रों को औद्योगिक रूप से अधिक कुशल बनने और उनके व्यावहारिक कौशल को बढ़ाने में मदद करेगी। ग्रामीण युवाओं को अक्सर पेशेवरों के रूप में काम करने के लिए उपयुक्त शिक्षा और प्रशिक्षण नहीं मिल पाता है, और वे अक्सर कम वेतन के साथ छोटे काम करते हैं। इसके अलावा, नौकरी के अवसरों की कमी भी इन युवाओं को प्रभावित करती है।

ग्रामीण छात्रों के लिए स्किल एजुकेशन पाने का सुनहरा अवसर

भारतीय स्किल डेवलेपमेंट युनिवर्सिटी ,जयपुर ने ज्यादातर ग्रामीण छात्रों को मौका देने का प्रयास किया है। ये छात्र अपने हाथ के काम में तो निपुण होते हैं साथ ही प्रशिक्षण के जरिये उन्हें पुराने तरीकों को भुलाकर नए तरीकों को सिखाया जा सकता है जिससे वे बेहतर ढंग से विकसित होते हैं ।

बीएसडीयू में 40% से भी अधिक ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्र पढ़ते हैं,इनमें से ज्यादातर ऐसे छात्र हैं जिनके पास काबिलियत तो है लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर हैं । इससे पहले कि छात्र अपने पाठ्यक्रम को समाप्त करें,शिक्षुता प्रशिक्षण कार्यक्रम के अपने अनूठे मॉडल के तहत बीएसडीयू अपने छात्रों को हर वैकल्पिक सेमेस्टर में उद्योग में काम करने का अवसर देता है जिसमें अधिकांश छात्रों को नौकरी के प्रस्ताव मिलते हैं और उन्हें उद्योग में रखा जाता है। इससे उन्हें सीखने के साथ-साथ कमाई के भी अवसर मिलते हैं। बीएसडीयू में छात्र के पास आसानी से प्रवेश और बाहर निकलने का अवसर होता है जहां उम्मीदवार अपने कार्यक्रम को पूरा करने के लिए कभी भी वापस आ सकता है। इसी के चलते छात्रों को नौकरियों के सही विकल्प चुनने और अपनी भूमिकाओं में फिट होने में सहयोग मिलता है जो उन्हें आने वाले समय के लीडर्स और बेहतर मैनेजर्स बनने में मदद करते हैं।

देश के औद्योगिक विकास में है युवाओं की अहम भूमिका

बेरोजगारी की समस्या से निपटने के लिए युवाओं को आगे बढ़कर कौशल सीखने की जरूरत है। भारत के ग्रामीण युवाओं को स्किल्ड नौकरियों की आवश्यकता है क्योंकि वे न केवल फुल-टाइम सम्मानजनक नौकरियों की ज़रूरत रखते हैं बल्कि वे देश के औद्योगिक विकास में मदद करने के लिए एक अभिन्न अंग भी बन सकते हैं। ग्रामीण युवा भी गरीबी और सुविधाओं की कमी से भरे जीवन से बाहर निकल सकते हैं, और अच्छी नौकरी पाने के साथ एक सम्मानजनक जीवन भी जी सकते हैं।

युवाओं का भविष्य बेहतर बनाना है BSDU का लक्ष्य

भारतीय स्किल डेवलेपमेंट युनिवर्सिटी, जयपुर में छात्रों को अपने हाथ के कौशल को चमकाने और औद्योगिक अनुभव के जरिये बेजोड़ प्रशिक्षण दिया जाता है। इस मोटो का नेतृत्व विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ राजेंद्र कुमार जोशी ने किया, जो एक सामाजिक उद्यमी और एक परोपकारी व्यक्ति हैं, जो आज के युवाओं के भविष्य की बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं और निरंतर योगदान भी दे रहे हैं। डॉ जोशी छात्रों को प्रशिक्षण देने में विश्वास रखते हैं जो उन्हें अधिक रोजगार योग्य बनाता है व किसी और पर निर्भर न रहकर उन्हें नौकरी पाने में सक्षम भी बनाता है । इसके साथ ही डॉ जोशी का ये भी मानना है कि इन प्रशिक्षित छात्रों को स्वयं के लिए नौकरी के अवसर पैदा करने में भी सक्षम होना चाहिए ताकि नौकरी के बाजार पर जोर न पड़े।

संगठनों को प्रशिक्षित कर्मचारियों की आवश्यकता होती है, हालांकि उद्योग में कई व्यक्तियों को अपने कार्य क्षेत्र के बारे में कोई पूर्व प्रशिक्षण या ज्ञान नहीं है। कौशल आधारित शिक्षा इन व्यक्तियों को उनके क्षेत्र में व्यावहारिक ज्ञान के साथ प्रशिक्षित करती है और उन्हें नौकरियों के लिए तैयार करती है। इस तरह से संगठनों को काम शुरू करने से पहले प्रशिक्षित कर्मचारियों में अपना समय और संसाधन खर्च नहीं करना पड़ता है। इससे कर्मचारियों को नौकरी के बेहतर अनुभव प्राप्त करने में मदद मिलती है और यह अनुभव उन्हें अंतर्राष्ट्रीय नौकरियों के लिए भी योग्य बनाता है।

BSDU मेहनती छात्रों को देता है 100% स्कॉलरशिप

भारतीय स्किल डेवलेपमेंट युनिवर्सिटी, जयपुर ,अपने राजेंद्र और उर्सुला जोशी चैरिटेबल ट्रस्ट के तहत मुफ्त शिक्षा प्रदान करता है, यह एक फाउंडेशन है जो भारतीय युवाओं के लाभ के लिए काम कर रहा है। BSDU कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि वाले योग्य उम्मीदवारों के शिक्षण शुल्क पर 100% की छूट देता है। विश्वविद्यालय 75% प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाली लड़कियों और 80% अंक प्राप्त करने वाले लड़कों को 100% छात्रवृत्ति देता है। बीएसडीयू उन छात्रों के लिए भी 100% छात्रवृत्ति प्रदान करता है जिनके पिता भारतीय सैन्य बलों में शहीद हो चुके हैं।

अंतत:, स्किल आधारित शिक्षा न केवल ग्रामीण युवाओं को बेहतर नौकरियां पाने में मदद करेगी, बल्कि देश को समृद्ध बनाने और बेरोजगारी की समस्या से निपटने में भी मदद करेगी।

भारतीय स्किल डेवलेपमेंट युनिवर्सिटी , जयपुर, युवा प्रतिभाओं के बेहतर भविष्य के लिए अच्छे करियर के अवसरों का सृजन व कार्यान्वन करता है । अपने बेहतर भविष्य के लिए आप भी कदम बढाएं और स्किल आधारित प्रोग्राम में एडमिशन के लिए यहाँ सम्पर्क करें: https://www.ruj-bsdu.in/

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