• Hindi News
  • Career
  • Supreme Court Dismisses The Petition For Conducting Board Exams In Hybrid Mode, Exams Will Continue In Offline Mode Only

CBSE, ICSE Term 1 Exams:सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की हाइब्रिड मोड में बोर्ड एग्जाम कराने वाली याचिका, ऑफलाइन मोड में ही जारी रहेंगे एग्जाम

9 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने छह छात्रों द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) को हाइब्रिड मोड में टर्म 1 परीक्षा आयोजित करने का निर्देश देने की मांग की गई है। जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस सीटी रविकुमार की बेंच ने अधिवक्ता संजय हेगड़े के माध्यम से दायर याचिका को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि विलंबित स्तर पर इस पर विचार नहीं किया जा सकता है।

कोर्ट ने क्या कहा?
सीबीएसई टर्म 1 की एग्जाम शुरू हो चुकी हैं और सीआईएससीई की एग्जाम अगले सप्ताह शुरू होंगी। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने सुनवाई के दौरान कड़ी टिप्पणी करते हुए सीनियर एडवोकेट संजय हेगड़े ने कोर्ट में कहा कि महामारी अभी खत्म नहीं हुई है और यह कहना जल्दबाजी होगी की एग्जाम ऑफलाइन होंगी। बच्चों के बीच वायरस फैल सकता है। इससे 14 लाख बच्चे प्रभावित हो सकते हैं और याचिकाकर्ता केवल यही चाहते हैं कि हाइब्रिड मोड अभी जारी रहे।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलील

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि पिछले साल हाइब्रिड परीक्षा नहीं हुई थी। कक्षा 10 के 14 लाख और कक्षा 12 में 20 लाख स्टूडेंट्स हैं। एग्जाम पहले ही 16 नवंबर, 2021 को शुरू हो चुकी हैं जिसका नोटिस अक्टूबर में जारी कर दिया गया था। एग्जाम सेंटर पर कोविड -19 की चिंताओं का ध्यान रखा गया है।

उन्‍होंने दलील दी की पहले 40 स्टूडेंट एक क्लास में बैठते थे लेकिन अब क्लास में सिर्फ 12 स्टूडेंट्स ही बैठेंगे ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो। इसके अलावा एग्जाम सेंटर को बढ़ाकर 15,000 किया गया है। साथ ही तीन घंटे का एग्जाम टाइम अब ​​घटाकर 90 मिनट कर दिया गया है। उन्‍होंने कहा कि परीक्षा की प्रक्रिया को रोके बिना सुरक्षा के उपाय किए गए हैं।

एडवोकेट हेगड़े ने ये कहा

इस पर एडवोकेट हेगड़े ने कहा कि यह 34 लाख छात्रों का सवाल नहीं है। परीक्षाओं के छात्रों के साथ-साथ माता-पिता भी आते हैं। लैंग्‍वेज, मैथ्स और साइंस जैसे मेन पेपर्स में भीड़ होती है। ऐसे में छात्रों को हाइब्रिड मॉडल का लाभ उठाने का मौका दिया जाना चाहिए। SG मेहता ने कहा कि 15,000 परीक्षा केंद्र हैं और परीक्षाएं ऑफलाइन चल रही हैं। अब इन्‍हें ऑनलाइन कैसे किया जा सकता है।

अदालत ने माना कि परीक्षाएं 16 नवंबर से चल रही है, इसलिए अब हस्तक्षेप करना और पूरी प्रक्रिया को बाधित करना उचित नहीं होगा। अदालत को आश्‍वस्‍त किया गया है ऑफलाइन परीक्षाओं के लिए सभी जरूरी सावधानियां बरती जा रही हैं।

बोर्ड ने उठाए ये कदम
परीक्षा केंद्र 6,500 से बढ़कर 15,000 हो गए। परीक्षा की अवधि 3 घंटे से घटाकर 1.5 घंटे कर दी गई है। उम्मीद और विश्वास है कि अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे कि छात्र और कर्मचारी किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति में न आएं।

बोर्ड एग्जाम 2022 को हाइब्रिड मोड में लेने का ऑप्शन मांगा

सुप्रीम कोर्ट में छात्रों ने पिछले सप्ताह CBSE और CISCE के बोर्ड एग्जाम को लेकर याचिका दायर की थी। याचिका में एग्जाम ऑनलाइन मोड में कराने की रिक्वेस्ट की गई थी। स्टूडेंट्स ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की थी कि बोर्ड एग्जाम 2022 को हाइब्रिड मोड में लेने का ऑप्शन देने का निर्देश दिया जाए। इस संबंध में कई स्टूडेंट्स ने सोशल मीडिया पर भी अपनी बात रखी थी।

बढ़ सकता है कोविड-19 फैलने का खतरा

याचिका दायर करने वाले स्टूडेंट्स को डर है कि प्रमुख विषयों के लिए बोर्ड की 2022 की डेट शीट में एग्जाम तीन सप्ताह में लगातार आयोजित होने हैं और इससे कोविड -19 फैलने का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करने के लिए भी ऑनलाइन एग्जाम जरूरी हैं। इसलिए स्टूडेंट्स की मांग है कि परीक्षाएं हाइब्रिड मोड में आयोजित की जाएं।