फैसला / पंचायत को मिला शामलात जमीनों को बेचने का अिधकार, अब तेजी से होंगे गांवों के विकास

Panchayat got the right to sell the Shamalat land, now the development of villages will be fast
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Panchayat got the right to sell the Shamalat land, now the development of villages will be fast

  • कैबिनेट ने पंजाब विलेज कॉमन लैंड्ज रूल्ज, 1964’ में संशोधन को दी मंजूरी
  • कैबिनेट के फैसले से पंचायतें होंगी आत्म निर्भर, पंचायती जमीनों पर लग सकेंगे उद्योग 
     

Dainik Bhaskar

Dec 03, 2019, 07:27 AM IST

चंडीगढ़. ‘द पंजाब विलेज कॉमन लैंड्ज (रेगुलेशन) रूल्ज, 1964’ में संशोधन से यह फायदा होगा कि इससे गांवों की पंचायती लैंड को उद्योगों को स्थापित करने के लिए दिया जा सकेगा। इससे जहां एक ओर गांव के लोगों को रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी और पंचायतों को भी आर्थिक लाभ होगा।

इस संशोधन के बाद उद्योग विभाग और पंजाब स्मॉल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कार्पोरेशन (पीएसआईईसी) को औद्योगिक प्रोजेक्टों के लिए शामलात जमीन उपलब्ध करवाई जा सकेगी। इससे शामलात जमीन की कीमत बढ़ेगी और ग्राम पंचायतों को ग्रामीण विकास में तेजी लाने में सहायता मिलेगी। इससे पंचायत अपने गांवों का विकास तेजी से कर सकेगी और फंड्स के लिए सरकार का मुंह नहीं ताकना पड़ेगा। पंचायत अपने स्तर पर अपने गांव का विकास कर सकेगी। 

सरकार से लेनी होगी मंजूरी 

इस संशोधन के बाद गांवों की पंचायत राज्य सरकार की मंजूरी लेकर शामलात ज़मीन को भुगतान की शर्तों पर उद्योग विभाग या पंजाब लघु उद्योग और निर्यात निगम को औद्योगिक बुनियादी ढांचा प्रोजेक्टों के लिए तबदील कर सकती है। जिसके बाद जमीन की कीमतें तय की जाएगी। जिस एजेंसी को ज़मीन दी जाएगी उसको कम- से -कम 25 प्रतिशत फीस अदा की जायेगी और बकाए का भुगतान करने के लिए शर्तें अलग तौर पर नोटिफाई होंगी। 

1 हजार एकड़ जमीन से पंचायतों को मिलेंगे 357 करोड़

राज्य सरकार ने पटियाला जिले में ग्लोबल मेनुफेक्चरिंग और नॉलेज पार्क को विकसित करने का प्रस्ताव रखा था, जिसको 1 हजार एकड़ पंचायती जमीन के क्षेत्रफल में विकसित किया जाना है। इसको अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरीडोर (एएआईसी) प्रोजेक्ट के तहत इसको इंटेग्रेटिड मैनुफेक्चरिंग क्लस्टर के तौर पर माना जाएगा। पांच गांवों की 1 हजार एकड़ पंचायती जमीन की पहचान की गई है। पंचायतों से लगभग 357 करोड़ की लागत से 1 हजार एकड़ शामलात जमीन खरीदने की जरूरत है। केंद्र ने अमला ट्रस्ट के लिए उच्च स्तरीय निगरानी कमेटी का गठन किया है।

दाखा रैली के दौरान सरकारी कर्मियों ने की थी मांग

कर्मचारी संगठनों ने अपनी दाखा रैली के दौरान सरकार के समक्ष यह मांग रखी थी। पंजाब सांझा मुलाजिम मंच के कनवीनर सुखचैन खैहरा ने बताया कि रैली मे सरकार ने उन्हें 2004 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों को पेंशन योजना में लाभ देने के साथ डेथ-कम -रिटायरमेंट ग्रेच्युटी का लाभ राज्य सरकार के सभी मुलाजिमों को देने की मांग की थी। तब सरकार ने उन्हें इन मांगो ंको माने जाने का भरोसा दिया था।

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