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उड़नपरी बख्शो ने निगला जहर, चंडीगढ़ क्कत्रढ्ढ में भर्ती, हालत गंभीर

उड़नपरी बख्शो ने निगला जहर, चंडीगढ़ क्कत्रढ्ढ में भर्ती, हालत गंभीर

suraj thakur | Last Modified - Dec 02, 2017, 11:40 AM IST

उड़नपरी बख्शो ने निगला जहर, चंडीगढ़  क्कत्रढ्ढ में भर्ती, हालत गंभीर

चंडीगढ़। हिमाचल के ऊना जिले के ईसपुर गांव की बख्शो देवी ने सुसाइड की कोशिश की है। शनिवार को हालत ज्यादा खराब होने पर गोल्ड मेडलिस्ट बख्शो को ऊना से पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है। उल्लेखनीय है कि 5 हजार मीटर की प्रतियोगिता में ‘उड़नपरी’ के नाम से मशहूर बख्‍शो देवी ने माइनस 2 डिग्री तापमान में नंगे पांव दौड़ कर गोल्ड जीता था। पढ़ें पूरी खबर...


बख्शो की हालत गंभीर बताई जा रही है और बख्शो ने जहर क्यों निगला, इसके कारणों का अभी कोई पता नहीं चल सका है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार देर शाम बख्शो देवी ने अपने घर में किसी जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया, जिस पर उसकी तबीयत खराब हो गई। परिजन उसे तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए ईसपुर हॉस्पिटल ले गए थे। जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए रीजनल अस्पताल ऊना रेफर कर दिया और हालत खराब होने पर उसे चंडीगढ़ पीजीआई भेज दिया गया।

दौड़ में हिस्सा लेने के लिए नहीं थे जूते...

गाैरतलब है कि गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाली ईसपुर की बख्शो देवी दो साल पहले जिला स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतने पर चर्चा में आई थी। दिसंबर 2015 में नंगे पांव दौड़ जीतने वाली बख्‍शो के पास ये रेस दौड़ने के लिए अच्छे जूते और ड्रेस तक नहीं थी। ऐसे में स्कूल यूनिफॉर्म और बिना जूतों के ही मैदान पर उतर गई और बड़ी-बड़ी प्रतिभागियों को पछाड़कर मेडल जीत लिया था। बख्‍शो देवी इसी झोपड़ी में रहती है। घर के हालात कुछ अच्छे नहीं हैं। कड़ाके की ठंड में ओढ़ने के लिए ढंग के कंबल और रजाई इस परिवार के पास नहीं। झोपड़ीनुमा घर के एक कमरे के बीचों-बीच बने चूल्हे में परिवार के लिए खाना पकता है। कई संस्‍थाएं बख्‍शो की मदद को आगे आई थीं। आज बख्शो के परिवार की आर्थिक स्थिति काफी हद तक ठीक हो चुकी है।

गाल ब्लैडर में था स्टोन

बख्‍शो के पिता का निधन बचपन में ही हो गया था। दिसंबर 2015 में जब वो च्रर्चा में आई थी उस समय उसे गाल ब्लैडर स्टोन था। दौड़ते समय ही उसको दर्द होने लगा था और बक्शो मैदान में ही गिर पड़ी थी। इसके बाबजूद उसने रेस जीत ली थी। इसके बाद कई लोगों की मदद से उसका अॉपरेशन करा स्टोन निकलवा दिया गया था।

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Web Title: maains 2 digari mein nngae paanv daude jeetaa thaa gaold, ab ki suicide ki koshish
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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