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आर्सेनिक प्रभावित 18 गांवों में पेयजल योजना का लाभ नहीं, सीएम ने किया था शिलान्यास

शिवनाथ नदी में पानी नहीं होने से आर्सेनिक प्रभावित 18 गांवों के लिए बनाई गई समूह जल संयंत्र योजना खटाई में पड़ गई...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 02:00 AM IST

शिवनाथ नदी में पानी नहीं होने से आर्सेनिक प्रभावित 18 गांवों के लिए बनाई गई समूह जल संयंत्र योजना खटाई में पड़ गई है। नदी में जलभराव नहीं होने से 18 गांंवों में पेयजल आपूर्ति में कठिनाई उत्पन्न हो गई है। इससे इन गांवों में गर्मी से पहले ही लोगों को भारी पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।

अंबागढ़ चौकी ब्लॉक के आर्सेनिक प्रभावित 18 गांवों में शुद्ध पेयजल मुहैया कराने शासन ने चौकी में करोड़ाें की लागत में समूह जल संयंत्र की स्थापना की है। योजना का शिलान्यास मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह ने किया एक वर्ष पहले किया था। योजना के तहत इन गांवों में पेयजल आपूर्ति भी शुरू हो गई है, पर अब शिवनाथ नदी में जलभराव नहीं होने से इन गांवों में लगभग पखवाड़े भर से पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इससे इन गांवों में भारी जल संकट खड़ा हो गया है। इन्हें मजबूरी में पुनः आर्सेनिकयुक्त पानी पीने को विवश होना पड़ रहा है। जिससे गंभीर बीमारियों का खतरा उत्पन्न हो गया है। कौडूटोला एवं कोसाटोला के बेनीराम साहू, उदेराम साहू ने बताया महीने भर से समूह जल संयंत्र योजना का पानी नहीं मिल रहा है।

पखवाड़े भर से करीब 1 गांवों में नहीं हो रही पानी की सप्लाई, बढ़ी परेशानी

अंबागढ़ चौकी. शिवनाथ नदी में जलस्तर अभी से कम होने लगा है।

पीएचई ने माना-नदी में जलभराव नहीं होने से पेयजल आपूर्ति में हो रही है समस्या

पीएचई के एसडीओ एसके शेंडे ने माना कि शिवनाथ नदी में जलभराव नहीं होने से आर्सेनिक प्रभावित 18 गांवों में पेयजल आपूर्ति में संबंधित फर्म को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। शेंडे ने बताया कि शिवनाथ में मोंगरा बराज से पानी छोड़ने के लिए मोंगरा बराज के डिवीजन कार्यालय को सूचना दी गई है। शेंडे ने जानकारी दी कि शिवनाथ में पर्याप्त मात्रा में पानी होने से ही 18 गांवों में सुविधाजनक ढंग से पेयजल आपूर्ति हो सकती है।

ग्रामवासियों ने कहा कि नदी में नालियों के पानी के प्रवेश पर रोक लगाई जाए

शिवनाथ नदी के चौकी एनीकट में जंहा पर 18 गांवों में पेयजल आपूर्ति के लिए पानी टंकी बनाई गई है। वहां पर चौकी नगर के नालियों का गंदा पानी भी जाता है। टंकी से पानी सीधे फिल्टर प्लांट में जाता है। जहां पर पानी की सफाई के बाद गांवों में पेयजल आपूर्ति की जाती है। ग्रामीणों की शिकायत है कि उन्हें समूह जल संयंत्र योजना के तहत गंदा पानी मिल रहा है। पीएचई का कहना है कि नालियों के गंदे पानी के वजह से फिल्टर प्लांट में समस्या आ रही है।

जल संयंत्र की स्थापना

योजना के तहत समूह जल संयंत्र की स्थापना की गई ताकि गांवों में पेयजल की आपूर्ति सुचारु रूप से की जा सके और उनकी समस्या दूर हो।

शिवनाथ में पानी नहीं होने से रेत माफियाओं की चांदी

शिवनाथ नदी में पानी होने से इधर रेत माफियाओं की निकल पड़ी है। वे 24 घंटे शिवनाथ नदी के कान्हे, धानापायली, सेम्हरबांधा की ओर से रेत का अवैध उत्खनन एवं परिवहन कर रहे हैं। शिकायत तो यहां तक है कि अधिकारियों की रेत माफियाओ से सांठगांठ हो गया है। इसके कारण नदी में पानी नहीें छोड़ा जा रहा है और आर्सेनिक प्रभावित गांवों में गर्मी से पहले ही पेयजल के लिए विक्राल समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

नगरीय निकाय और पीएचई विभाग में ठनी

शिवनाथ में नालियों के गंदे पानी के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग पर नगरीय निकाय एवं पीएचई में ठन गई है। नपं अध्यक्ष अनिल मानिकपुरी ने खुलासा किया कि समूह जल सयंत्र के लिए सइड सलेक्शन के समय ही पीएचई एवं प्रशासन से जुड़े अधिकारियों के सामने इस समस्या को रखी गई थी। यदि एनीकट के सामने यदि पानी टंकी बनाई जाती है तो निस्तारी का पानी सीधे टंकी में जाएगा। गंदे पानी की निकासी एवं बड़ा नाला निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है।

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