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भाजपा-कांग्रेस के बाद अब वामदल का सम्मेलन, राज्य सरकार पर बोला हमला

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 02:00 AM IST

Ambikapur News - भास्कर संवाददाता|बिश्रामपुर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) छत्तीसगढ़ के छठवें राज्य सम्मेलन का...

भाजपा-कांग्रेस के बाद अब वामदल का सम्मेलन, राज्य सरकार पर बोला हमला
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भास्कर संवाददाता|बिश्रामपुर

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) छत्तीसगढ़ के छठवें राज्य सम्मेलन का शुभारंभ गुरुवार को पार्टी के केंद्रीय पदाधिकारियों की मौजूदगी में रैली निकालकर किया गया।

अंबेडकर चौक से निकली रैली मुख्य बाजार होते कार्यक्रम स्थल पहुंच आमसभा में तब्दील हो गई। सीपीआईएम के तीन दिवसीय राज्य सम्मेलन में मुख्य वक्ता केंद्रीय सचिव मंडल सदस्य व छत्तीसगढ़ प्रभारी जोगेंद्र शर्मा थे। अन्य अतिथियों में केंद्रीय कमेटी सदस्य ज्ञान मजुमदार, राज्य सचिव संजय पराते, सचिव मंडल सदस्य बी सान्याल, एमके नंदी, धर्मराज महापात्र, जेएस सोढ़ी, कोयला श्रमिक संघ सीटू महासचिव, बाल सिंह मंचस्थ थे। सम्मेलन के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए श्री शर्मा ने केंद्र व राज्य की भाजपा सरकारों को भ्रष्ट बताते हुए उखाड़ फेंकने आमजनों को आह्वान किया। नोटबंदी को देश के अब तक का सबसे बड़ा घोटाला कर कहा कि सरकार ने अब तक यह नहीं बताया कि नोटबंदी के बाद कितना काला धन बाहर आया। उन्होंने कहा कि नोटबंदी व जीएसटी ने देश के अर्थव्यवस्था की रीढ़ तोड़कर रख दी है। किसान से लेकर व्यापारी परेशान होकर लगातार आत्महत्या कर रहे हैं। देश का निर्यात घट रहा है। उद्योग बर्बादी के कगार पर खड़ी है। कारपोरेट घरानों ने बैंकों का ग्यारह लाख करोड़ से ऊपर रुपया दबा दिया है। इससे बैंकों के अस्तित्व पर संकट उत्पन्न हो गया है। इन्हे बचाने के सरकार एफडीआरएल बिल जा रही जिससे आमजनों का पैसा बैंक द्वारा गिरवी रखने की साजिश चल रही है। कार्यक्रम को ज्ञान मजुमदार, संजय पराते, बी. सान्याल ने अपने-अपने संबोधन में केंद्र व सरकारों की गलत नीतियों पर उन्हें आड़े हाथ लेते हुए कहा कि मोदी सरकार विगत चार वर्षों में लगभग हर मोर्चे पर विफल रही है।

अंबेडकर चौक से रैली निकालकर केंद्र व राज्य सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया

सीताराम येचुरी नहीं आ रहे: जोगेंदर शर्मा ने बताया कि सम्मेलन में पार्टी महासचिव सीताराम येचुरी त्रिपुरा चुनाव व संसद के बजट सत्र की व्यस्तता की वजह से सम्मेलन में शामिल नहीं हो रहे। उन्होंने कार्यकर्ताओं के लिए संदेश भेजा है।

महिलाएं बोलीं- बजट से उम्मीद थी लेकिन महंगाई से नहीं मिली राहत

आम बजट पर लोगो की मिलीजुली प्रतिक्रिया

अंबिकापुर| जीएसटी के बाद मोदी सरकार द्वारा आगामी वर्ष के लिए पेश किए बजट को लेकर लोगों में मिली जुली प्रतिक्रिया है। बजट में कोई खास रियायत नहीं मिलने से महिलाओं ने इसे सामान्य बजट बताया है। महिलाओं का कहना है कि बजट में महिलाओं के लिए कोई खास प्रावधान व रियायत नहीं दी गई है जैसे कि महंगाई को लेकर उनको उम्मीद थी। अर्थशास्त्रियों ने बजट को संतुलित बताते हुए इससे देश के विकास वाला बजट बताया है।

मोदी सरकार द्वारा गुरुवार को संसद में पेश किए गए बजट को लेकर भास्कर ने महिला, युवा सहित विशेषज्ञों से बातचीत कर उनसे राय ली। इसको लेकर कुंडला सिटी में तो महिलाओं ने आपस में बैठकर बजट में आपस में चर्चा की और इस पर अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार यह बजट सामान्य है। महिलाओं के लिए बजट में कोई खास रियायत नहीं दी गई है। घरेलू सामानों की कीमतों को लेकर कोई प्रावधान नहीं है। हालांकि दूसरी चीजों के लिए सरकार ने बजट में खास प्रावधान किया है। पल्लवी शर्मा, शालिनी अग्रवाल, सरिता गोयल, नेहा गर्ग, संतोष अग्रवाल, अमृत कौर सहित अन्य महिलाएं शामिल थीं। चर्चा के दौरान छत्तीसगढ़ चेंबर आफ कामर्स की प्रदेश मंत्री मुकेश अग्रवाल भी उपस्थित थे।

चार्टट एकाउंटेंट ने कहा- देश को विकास की ओर ले जाने वाला बजट

चार्टट एकाउंटेंट एचएस जायसवाल ने कहा कि वर्ष 18-19 का बजट देश को विकास की ओर ले जाने वाला साबित होगा। इसमें भारत की ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। वित्तीय घाटा को 3.3 प्रतिशत पर सीमित रखने की घोषणा की गई है, इससे देश की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के फंड में बढ़ोतरी की गई है। इससे युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं बढेंगी।

कर दाताओं को सीधे लाभ नहीं दिया गया

सीए ओम गुप्ता ने कहा कि बजट में करदाताओं के सीधे लाभ के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है। वेतनभोगियों के लिए 40 हजार रुपए का स्टैंर्डड डिडक्शन दिया गया है लेकिन ट्रांसपोर्ट अलाउंस एवं मेडिकल अलाउंस को खत्म कर दिया गया है। इसके साथ ही और कई तरह के प्रावधान किए गए हैं। सेस को 3 प्रतिशत से 4 प्रतिशत कर दिया गया है जिससे कर दाता पर ही भार पड़ेगा।

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