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स्टेट के भरोसे 4 हजार गरीबों को पक्के घर, 10 साल से अटके टीपी नगर को मिशन मोड में इसी साल पूरा करने का है टारगेट

नगर निगम परिषद ने शनिवार को लगभग एक घंटे की औपचारिक बहस के साथ करीब 4 अरब का सालाना बजट लगभग 5 लाख के लाभ के अनुमान के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 02:00 AM IST

स्टेट के भरोसे 4 हजार गरीबों को पक्के घर, 10 साल से अटके टीपी नगर को मिशन मोड में इसी साल पूरा करने का है टारगेट
नगर निगम परिषद ने शनिवार को लगभग एक घंटे की औपचारिक बहस के साथ करीब 4 अरब का सालाना बजट लगभग 5 लाख के लाभ के अनुमान के साथ पास कर दिया। मेयर डा. अजय तिर्की ने अपना चौथा बजट पेश करते हुए ज्यादातर पुरानी योजनाओं को नए कलेवर में पेश करते हुए शहर के विकास का सपना दिखाया। फंड के चक्कर में पिछले सालों में ये काम फेल होते रहे हैं।

बजट में स्टेट और सेंट्रल के भरोसे शहर के 4 हजार गरीबों को पक्के मकान जबकि दस साल से अटके ट्रांसपोर्टनगर को मिशन मोड मेें इसी साल पूरा करने का टारगेट रख गया है। आवास योजना में 25 सौ ऐसे लोगों को मकान दिए जाएंगे जो भूमिहीन हैं या फिर तालाबों के मेड़ पर काबिज हैं। एक अरब रूपए से अधिक इस पर खर्च होंगे। टीपी नगर पर 15 करोड़ रूपए खर्च होंगे। यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने ट्रांसपोर्टनगर तैयार कर ट्रांसपोर्टरों व वेंडरों को शिफ्ट करेंेगे। बजट में नया थोक सब्जी बाजार, बदहाल तालबों के सौंदर्यीकरण के लिए फिर फंड का प्रावधान किया गया है। आय बढ़ाने के मामले में पिछले तीन सालों में एक भी दुकान नहीं बनाए गए और इस बार भी पुराने बस स्टैंड में माडल बाजार का सपना दिखाया गया है। बजट में लोगों पर किसी प्रकार का टैक्स नहीं बढ़ाया गया है।

विपक्ष का आरोप- वास्तविकता से कोसों दूर है बजट

निगम में विपक्षी दल भाजपा ने बजट को यथार्थ से कोसों दूर बताते हुए खोखला बताया है। निगम में प्रतिपक्ष के नेता जन्मेजय मिश्रा व पार्षद मधुसूदन शुक्ला ने कहा विकास के नाम पर लोगों की आखों में सत्तारुढ़ कांग्रेस धूल झोंकने का काम कर रही। बिना प्लान के बजट तैयार कर रहे हैं। पिछले साल बजट में जिन कामों को शामिल किया था उनमें ज्यादातर काम नहीं हुए।

बदहाल तालाबों का होगा सौंदर्यीकरण

शहर के एक दर्जन बदहाल तालाबों के लिए बजट में 5 करोड़ का प्रावधान किया है। इससे बदहाल तालाबों का संरक्षण, संवर्द्धन व प्राकृतिक जल स्रोतों में गंदे पानी का प्रवेश रोकने काम होगा। 14 सालों से इसके लिए पहल हो रही थी। बजट भी फेल हो रहा था।

2018-19 के लिए यह अनुमानित बजट हुआ पास

कुल आय 3 अरब 91 करोड़ 67 लाख

कुल व्यय3 अरब 91 करोड़ 62 लाख

लाभ 4 लाख 98 हजार

शहर के लिए खास

आय बढ़ाने फिर पुराने बस स्टैंड में माॅडल बाजार का सपना

मेयर द्वारा बजट पेश करने के दौरान बीच में ही विपक्षी पार्षद टोका-टाकी करने लगे तो होने लगा विवाद।

चारों दिशाओं मंे बनाए जाएंगे खेल मैदान

शहर के चारों दिशाओं में खेल मैदान तैयार किए जाएंगे। बजट में इसके लिए चार करोड़ का प्रावधान किया गया है। शहर का विस्तार जैसे-जैसे हो रहा है, ग्राउंड की जरूरत बढ़ रही है। आउटर क्षेत्रों के लिए नए ग्राउंड से सुविधा होगी।

मेयर बोले- जिले से लेकर स्टेट तक बनाएंगे दबाव

बजट में पिछले सालों के ही ज्यादातर काम शामिल हैं, जो फंड के चक्कर में फेल रहे। निगम की कमजोर आर्थिक स्थिति व स्टेट से मदद नहीं मिलने का आरोप लगा मेयर बोले कि शहर व जनकल्याण के हिसाब से बजट तैयार किया गया। उम्मीद है कि चुनावी वर्ष में सरकार को जनता की याद आएगी। फंड नहीं मिला को शहर से लेकर स्टेट लेवल तक सीएम के समक्ष दबाव बनाएंगे।

नगर निगम

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नया थोक सब्जी और फल बाजार होगा तैयार

शहर में नया थोक सब्जी व फल बाजार तैयार होगा। बजट में इसके लिए 5 करोड़ का प्रावधान किया है। स्टेट जमाने के कंपनी बाजार को बंद करने के आदेश के बाद 3 साल से इसके लिए कोशिश चल रही थी। सुभाषनगर में दस एकड़ में नया बाजार तैयार होगा।

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पुराना बस स्टैंड में बनेगा मॉडल गोल बाजार

पुराने बस स्टैंड में माडल गोल बाजार बनेगा। निगम की आय की हिसाब से यह बड़ी योजना है और बजट में इस पर पांच करोड़ का प्रावधान किया गया है। यहां डेढ़ सौ से अधिक दुकानें तैयार की जाएंगी।

और ये है स्थिति

पिछले साल विकास कार्यों के लिए 2 अरब 80 करोड़ का रखा गया था प्रावधान

और मिले सिर्फ 64 करोड़

इस बार 3 अरब 32 करोड़ का प्रावधान

ये काम रहे फेल और इस बार भी इन पर ही जोर

नया प्रशासनिक भवन- लागत 10 करोड़

महिल समृद्धि बाजार- लागत 2.50 करोड़

गांधी स्टेडियम की मरम्मत- 3 करोड़ रुपए

व्यावसायिक भवनों का निर्माण- लागत 1 कराेड

स्वावलम्बन याेजना- शेड व गुमटियां-लागत 1 करोड

ज्ञानस्थली भवन-1 करोड

पुष्पावाटिका योजना- लागत 2 करोड

सांस्कृतिक भवन व मांगलिक भवन - लागत 3 करोड

हॉट बाजार- लागत 1 करोड

कम्युनिटी हॉल- 2 करोड़

सामुदायिक भवन- 2 करोड़

मांगलिक भवन- 6 करोड़

पार्किंग क्षेत्रों का निर्माण - लागत 50 लाख

छठ घाट निर्माण- 1 करोड़

मुक्ति धाम का उत्थान-लागत 2 करोड़

महापौर गुमटी योजना- लागत 25 लाख

कई पार्षद चले गए

बजट पेश करने के दौरान ही सत्ता व विपक्ष ने की एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी

बजट में पिछले कामों पर अमल नहीं होने को लेकर विपक्ष ने मेयर को घेरने का प्रयास किया तो सत्ता पक्ष के पार्षद विपक्ष पर ही हमला बोलना शुरू कर दिया। भाजपा पार्षदों ने भी एकजुटता दिखा सदन में काम नहीं होने व भ्रष्टाचार को लेकर मेयर व डिप्टी मेयर के खिलाफ नारेबाजी की।

बजट से पहले ही भाजपा पार्षदों ने सत्ता पक्ष पर हमला बोलना शुरू कर दिया। आरोप प्रत्यारोप के बीच हंगामा होने लगा तो सभापति ने दस मिनट के लिए सामान्य सभा स्थगित कर दी।

सामान्य सभा में पार्षदों के सवालों पर चर्चा के बाद मेयर बजट पेश करने जब खड़े हुए तब तक कई पार्षद जा चुके थे।

खाली कुर्सियों बता रही हैं कि लोक लुभावने वादे कर चुनाव जीतने वाले पार्षद बजट में शहर के विकास कोे लेकर किस तरह से गंभीर थे।

टेंडर से अधिक सेनेटरी पार्क में राशि खर्च करने के बाद सदन में हंगामा होता रहा। जवाब देने पीडब्लूडी को कहा तो वे बोले कि विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों अपनी जगह पर सही हैं। इस पर विवाद बढ़ गया कि गलत कौन है। बाद में जिम्मेदारों ने मामला शांत कराया।

कांग्रेस की टिकट पर पार्षद का चुनाव जीतने वाले आलोक दुबे कुछ दिनों पहले भाजपा में शामिल हुए हैं। उन्होंने बजट में लाभ दिखाने पर कहा कि ऐसा चमत्कार क्यों कर रहे हैं। कर्मी को वेतन नहीं दे पा रहे और बजट लाभ का बना दिया।

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