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अगले सत्र से 6 नए कॉलेज होंगे शुरू, जरूरत अनुसार तय होंगे आर्ट्स और साइंस के विषय

सरगुजा सहित संभाग के अलग-अलग विकासखंडों में अगले सत्र से उच्च शिक्षा के लिए शुरू किए जा रहे 6 सरकारी कॉलेजों में कला...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:00 AM IST

सरगुजा सहित संभाग के अलग-अलग विकासखंडों में अगले सत्र से उच्च शिक्षा के लिए शुरू किए जा रहे 6 सरकारी कॉलेजों में कला व विज्ञान संकाय के विषय स्थानीय जरूरतों को देखते हुए तय किए जाएंगे।

शासन के निर्देश पर उच्च शिक्षा विभाग की चार सदस्यीय टीम ने इसका प्रयास शुरू कर दिया है। अपर संचालक के नेतृत्व में टीम सभी कॉलेज के लिए प्रस्तावित ब्लॉकों का दौरा कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। संबंधित कॉलेज के दोनों संकायों में ऐसे विषयों को शामिल किया जाएगा जिसमें यहां के छात्रों की रुचि बढ़े और उसका फायदा मिले। कमेटी की रिपोर्ट पर ही सभी कॉलेजों में तीनों संकाय में एडमिशन के लिए सीट का निर्धारण किया जाएगा और उसके अनुसार विषयानुसार संबंधित विभाग में टीचिंग स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी। कमेटी को 15 मार्च तक रिपोर्ट तैयार कर उच्च शिक्षा विभाग के डायरेक्टर को भेजना है। 6 और नए कॉलेज शुरू होने से संभाग में 46 शासकीय कॉलेज हो जाएंगे। शासन ने इसी बजट सत्र में सरगुजा संभाग में 6 नए कॉलेज शुरू करने घोषणा की थी। इसके लिए बजट में प्रावधान हो गया है। जो नए कॉलेज शुरू होने हैं उनमें सरगुजा जिले के मैनपाट, लखनपुर, सूरजपुर जिले के चांदनी बिहारपुर, जशपुर जिले के मनोरा, बागबहार व कोरिया जिले का केल्हारी शामिल है।

दूरस्थ इलाकों में 15 किमी पर कॉलेज की सुविधा, आर्ट्स व साइंस में विषय चयन के लिए समिति करेगी कॉलेज का निरीक्षण

मैनपाट ब्लॉक के छात्रों की कॉलेज के लिए 15 से 20 किमी दूरी हो जाएगी कम

मैनपाट ब्लॉक में राजापुर, वंदना, नर्मदापुर व कमलेश्वर में हायर सेकेंड्ररी स्कूल है। यहां से हर साल लगभग 250 छात्र 12वीं की परीक्षा पास करते हैं। अभी तक इन्हें कॉलेज में पढ़ने के लिए 30 से 40 किमी दूर सीतापुर या अंबिकापुर जाना पड़ता है। नर्मदापुर में कॉलेज खुलने से अब छात्रों की 15 किमी में कॉलेज की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।

केस-1

नए सत्र से तीनों संकाय में शुरू होगा एडमिशन

सभी कॉलेजों में नए शिक्षा सत्र 18-19 के लिए एडमिशन शुरू होगा। कॉमर्स के विषय फिक्स होते हैं। कला व विज्ञान में कई विषय होते हैं। इससे शासन द्वारा संबंधित क्षेत्रों की जरूरतों को देखते हुए नए कॉलेज के दाेनाें संकायों में विषय तय करने निर्णय लिया है। अभी सभी संकाय में 80-80 सीट निर्धारित है। कमेटी की रिपोर्ट अनुसार सीटें कम ज्यादा भी हो सकती हैं।

संसाधन व नियमित स्टाफ पर भी देना होगा ध्यान: संभाग में 6 नए कॉलेज शुरू किए जा रहे हैं पर बेहतर शिक्षा के लिए यहां संसाधन के साथ सेटअप अनुसार नियमित स्टाफ पर भी ध्यान देना होगा। नहीं तो दूसरे कॉलेजों जैसी स्थिति बन जाएगी। शासन ने बतौली, उदयपुर, ओड़ंगी सहित संभाग के अन्य ब्लॉक में कुछ साल पहले ही कॉलेज शुरू किए। यहां भवन सहित दूसरी सुविधाएं भी हैं। पर कई कॉलेज में कुछ पदों को छोड़ नियमिति प्राध्यापकों की भर्ती नहीं की गई। पीजी कॉलेज में ही 30 से ज्यादा पद रिक्त हैं। यहां जनभागीदारी समिति से अतिथि प्राध्यापकों की भर्ती कर किसी तरह कक्षाएं संचालित की जाती हैं।

सरगुजा के मैनपाट, लखनपुर व सूरजपुर के चांदनी बिहारपुर सहित जशपुर व कोरिया में एक-एक कॉलेज होंगे शुरू, आर्ट्स, साइंस सहित कॉमर्स की होगी पढ़ाई, स्थानीय महत्व से संबंधित विषय भी होंगे शामिल

कॉलेज की पढ़ाई के लिए चांदनी बिहारपुर के मध्यप्रदेश जाते हैं छात्र

सूरजपुर के ओड़गी में कॉलेज है। चांदनी बिहारपुर में ओड़ंगी की दूरी 50 किमी है, जबकि मध्यप्रदेश का बैढ़न इससे कम दूरी पर है। यहां से आवागमन की सुविधाएं भी ठीक हैं। इससे यहां के कई छात्र 12वीं के बाद पढ़ने बैढ़न जाते हैं। अब चांदनी बिहारपुर में कॉलेज शुरू होने से इन्हें सुविधा मिलेगी।

केस-2

नए कॉलेजों में 1 प्राचार्य और 10 सहायक प्राध्यापकों की की जाएगी नियुक्ति

नए कॉलेजों में एक प्राचार्य के साथ 10 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति होगी। सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति की रिपोर्ट के बाद विषय तय करने के बाद की जाएगी। इससे कमेटी की रिपोर्ट में पता चल जाएगा कि किस कॉलेज में किसी विषय के प्राध्यापकों की जरूरत है। इसके अलावा अन्य स्टाफ की अलग से पोस्टिंग होगी।

कॉलेज खुलने से स्थानीय छात्रों को होगा फायदा

नए कॉलेज के लिए सभी प्रक्रियाएं पूरी हो गई हैं। कला और विज्ञान विषय के चयन के लिए कमेटी बनी है। कमेटी अगले कुछ दिनों से प्रस्तावित कॉलेज का दौराकर अपनी रिपोर्ट दे देगी। जिसके आधार पर विषय का निर्धारण होगा। इसमें छात्रों की रुचि का ख्याल रखा जाएगा। -डॉ. एसके त्रिपाठी, अपर संचालक, उच्च शिक्षा विभाग, सरगुजा

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