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वेडिंग जोन पर दस सालों बाद भी फेल, जो जगह तय वह खाली और जहां रोक वहां ठेलों की भीड़

शहर में दस सालों बाद भी वेडिंग जोन पालिसी पूरी तरह से फेल है। यातायात व्यवस्था के हिसाब से ऐसे बारह स्पॉट वेडिंग...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 02:00 AM IST

शहर में दस सालों बाद भी वेडिंग जोन पालिसी पूरी तरह से फेल है। यातायात व्यवस्था के हिसाब से ऐसे बारह स्पॉट वेडिंग जोन के लिए तय किए गए हैं लेकिन ये क्षेत्र आबाद नहीं किए गए। सड़क, बिजली, पानी,जैसी समस्याओं के कारण दुकानदार यहां जाना नहीं चाहते हैं। कई स्पॉट ऐसे हैं जहां कोई नहीं जाना चाहता। कलेक्टोरेट के पीछे करसू तालाब के सामने का वेडिंग जोन तक आबाद नहीं हुआ। ये ऐसी समस्या है जिससे नो वेडिंग जोन में परेशानी बढ़ रही है। ऐसे इलाकों में डेढ़ सौ से अधिक ठेले लग रहे हैं। इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

अंबिकापुर को नगर निगम का दर्जा मिलने के बाद से वेडिंग जोन पाॅलिसी पर काम चल रहा है लेकिन अपने ही आदेश पर निगम अमल नहीं करा पा रहा है। वेडिंग जोन तय होने के बाद कई सालों तक तय किए गए स्पॉट के विवाद में मामला लटका रहा। पहली बार 27 स्पॉट वेंंडिंग जोन के लिए तय किए गए थे। पार्षदों के विरोध के बाद समीक्षा की गई और जहां परेशानी हो रही थी ऐसे जगहों को वेंडिंग जोन से बाहर कर दिया गया। दोबारा 12 स्पॉट वेडिंग जोन के लिए तय किए गए हैं लेकिन इस पर अमल नहीं हुआ।

पहली बार 27 स्पॉट वेंंडिंग जोन के लिए तय किए गए थे लेकिन विवाद के बाद कम किया गया

नो वेडिंग जोन में शामिल स्कूल व काॅलेजों के पास भी लग रहे ठेले

शहर में स्कूल और कालेजों को भी नो वेडिंग जोन में शामिल किया गया है यानी आसपास ठेले नहीं लग सकते हैं लेकिन स्कूल रोड में ही कई जगहों पर इसका पालन नहीं हो रहा है। निगम द्वारा ठेले हटकार कंपनी बाजार में शिफ्ट किए जाते हैं और हफ्ते भर बाद भी ठेले वहीं लगने लगते हैं। अधिकारियों का कहना कि राजनीतिक दबाव में कई जगह अमल नहीं हो पाता। ठेले हटाए जाने पर सिफारिश आने लगती है।

जारी कर रहे अधिकार पत्र नहीं मानने पर कार्रवाई

शहर में वेडिंग जोन पालिसी पर अमल नहीं होने के सवाल पर नगर निगम के राजस्व विभाग के प्रभारी अमरेश सिंह ने बताया कि वेडिंग जोन तय किए गए थे लेकिन उसमें कई तरह की दिक्कतें थी। इसे ठीक किया जा रहा है। ठेले वालों का पंजीयन किया गया है और इसी आधार पर अधिकार पत्र जारी किए जा हैं कि किस जगह पर ठेले लगाने हैं। अधिकार पत्र के बाहर ठेले लगाने वालों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।

रोजगार कार्यालय के पास की स्थिति, जहां से महिलाओं का गुजरना मुश्किल है।

नो वेडिंग जोन में ये क्षेत्र हैं शामिल

गांधी चौक से दुर्गा बाड़ी तक, गांधी चौक से आकाशवाणी चौक तक, महामाया चौक से कंपनी बाजार तक, ब्रह्म मंदिर के सामने, एकांत होटल से अग्रसेन चौक तक, गुदरी चौक से कलेक्टर बंगला तक, नवापारा चौक, महामाया चौक से महामाया द्वार तक, मिशन अस्पताल के सामने, बिलासपुर चौक, चंबोथी तालाब, अंबेडकर चौक माखर बिहार तक, अंबेडकर चौक से गांधी बेरियर तक, गांधी बेरियर से साईं कालेज तक।

12 में से सिर्फ 5 जगहों पर सुविधा:गांधी स्टेडियम से लगी चौपाटी, पीजी कालेज व बनारस रोड में तीन-चार जगहों पर ही वेडिंग जोन का पालन हो रहा है। बाकी जगह एक भी दुकानें नहीं लग रही हैं। ये ऐसी जगह हैं जहां पानी बिजली की सुविधा भी नहीं हैं। कलेक्टोरेट के पीछे करसू तालाब को वेंडिंग जोन में शामिल किया गया है लेकिन पूरा इलका खस्ताहाल है।

रोजगार कार्यालय के पास ठेलों के कारण है महिलाओं का बाजार जाना मुश्किल

आकाशवाणी चौक से लगे रोजगार कार्यालय के सामने पान ठेलों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। पान ठेलों की देखदेखी अंडे के ठेले लगने लगे हैं। सड़क पर ठेलों में नशेड़ियों का दिन भर जमावड़ा लगा रहता है जिससे महिलाओं का बाजार जाना मुश्किल हो गया है। यहीं पर सब्जी बाजार है। इससे रोजगार कार्यालय से लेकर आकाशवाणी चौक तक दबाव बढ़ गया है। शाम ढलने के बाद पूरे मार्ग में अंधेरा रहता है। निगम और पुलिस को कई बार इसकी शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जाती।

शहर में 12 स्पॉट वेंडिंग जोन के लिए चिन्हांकित

मेरीन ड्राइव चौपाटी, कांजी घर मठपारा, हरसागर तालाब के पास, चौपाटी सिटिंग टायर, रामानुज क्लब के दोनों ओर, कोसाबाड़ी से तकिया चौक तक, बरेज तालाब के पास, कंपनी बाजार चौपाटी, करसूनाला के सामने,अंबेडकर चौक से किसान राइस मिल तक पीजी कालेज के सामने, अंबेडकर चौक से बनारस रोड में इंडस्ट्रियल एरिया रोड तक।

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