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कांग्रेस: केंद्र से 53 करोड़ मिले फिर भी काम जीरो डीन: सिर्फ 7 करोड़ मिले, केंद्र की राशि पता नहीं

मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने बुधवार को यहां राज्य शासन व कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ जमकर हल्ला...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 01, 2018, 02:00 AM IST

कांग्रेस: केंद्र से 53 करोड़ मिले फिर भी काम जीरो डीन: सिर्फ 7 करोड़ मिले, केंद्र की राशि पता नहीं
मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने बुधवार को यहां राज्य शासन व कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ जमकर हल्ला बोला। कॉलेज के अस्पताल के सामने रामानुज क्लब मैदान में छत्तीसगढ़ विधान सभा के नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने पहले धरना दिया फिर अस्पताल का घेराव किया।

टीएस सिंहदेव ने मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा अंबिकापुर व राजनांदगांव में एकसाथ ही मेडिकल कॉलेज की पहल हुई पर ध्यान नहीं देने से अंबिकापुर पीछे रह गया और राजनादगांव का कॉलेज स्टैंड हो गया। जबकि केंद्र ने अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज को 2015-16 में 53 करोड़ का बजट आंवटित किया था। इतनी राशि मंजूर होने पर भी पिछले साल कॉलेज का जीरो ईयर घोषित होना सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है।

डीन डाॅ. पीएम लुका ने कहा कि शासन से कॉलेज को सिर्फ 7 करोड़ ही मिले। केंद्र से मिली राशि के बारे में मुझे पता नहीं। टीएस सिंहदेव ने सीएम पर तंज कसते हुए कहा सीएम सरगुजा को गोद लेने की बात तो हर बार कहते हैं पर करते कुछ नहीं है। यदि वे अपनी बातों पर खरे उतरते तो मेडिकल कॉलेज की स्थिति आज यह नहीं रहती। तीन सालों में कॉलेज अपने पूरे अस्तित्व में आ जाता।

सीएम पर आरोप, सिंहदेव बोले -अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज से कर रहे भेदभाव

मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सामने प्रदर्शन करते कांग्रेसी।

प्रबंधन की लापरवाही से एक ही सामान की खरीदी के लिए दो बार टेंडर

कांग्रेसियों ने प्रबंधन पर सामान की खरीदी में देरी के लिए लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सीटी स्कैन के लिए एमसीआई का मापदंड निर्धारित है। मशीन 64 स्लाइस की होनी चाहिए। टेंडर में 32 स्लाइस उल्लेख किया गया। इससे मशीन की खरीदी नहीं हो पाई। अब 64 स्लाइस की सीटी मशीन के लिए दोबारा टेंडर निकाला गया जबकि इसके लिए पहले ही पहल की जानी चाहिए थी। इससे सीटी स्कैन की खरीदी में देरी हो रही है। मरीजों को परेशानी होती है।

कांग्रेसियों ने कॉलेज प्रबंधन से इन सुविधाओं को बढ़ाने के लिए रखी मांग

मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में बेडों की संख्या बढाई जाए। वेंटिलेटर यूनिट का सेटअप लगे, एमसीआई के अनुसार नर्सिंग स्टाफ व कर्मियों की नियुक्ति जल्द की जाए, बिजली जाने पर जनरेटर से सप्लाई हो, जीवनदीप समिति की बैठक में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बुलाया जाए, जनऔषधि केंद्र में सभी दवाइयां उपलब्ध कराई जाए ताकि दवा खरीदने के लिए मरीजों को बाहर न जाना पड़े व बिना टेंडर के मरीजों के लिए भोजन व्यवस्था व गद्दा खरीदी का काम बंद किया जाए।

रमन को अपने नाम के आगे से डाक्टर शब्द हटा लेना चाहिए: टीएस सिंहदेव

टीएस सिंहदेव ने कहा प्रदेश के सीएम रमन सिंह खुद डाॅक्टर हैं फिर वे स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर असंवेदनशील बने हैं। उन्हें अपने नाम के आगे से डाॅक्टर शब्द हटा लेना चाहिए। सरकार अस्पतालों का निजीकरण करने पर तुली हुई है। आज स्वास्थ्य बीमा की 87 फीसदी राशि निजी अस्पतालों को भुगतान हो रहा है। यदि सरकारी सुविधाएं ठीक होती तो यह नौबत नहीं आती।

कांग्रेसियों के पहुंचने से पहले गेट पर खड़े हो गए डीन और अन्य अधिकारी

धरने के बाद कांग्रेसियों ने नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव के नेतृत्व में अस्पताल के लिए कूच किया। पता चलने पर डीन डा. पीएम लुका, मेडिकल सुपरिटेडेंट डा. एके जायसवाल, सीएमएचओ डा. एनके पांडेय के साथ पहले ही अपने कक्ष से निकलकर अस्पताल के गेट के पास आकर खड़े हो गए। यहां सिटी मजिस्ट्रेट प्रभाकर पांडेय, सीएसपी आरएन यादव दलबल के साथ पहले से तैनात थे। यहीं पर कांग्रेसियों ने अधिकारियों के सामने डीन से अपनी मांगों को लेकर चर्चा की और कलेक्टर के नाम उन्हें ज्ञापन सौंपा।

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Web Title: कांग्रेस: केंद्र से 53 करोड़ मिले फिर भी काम जीरो डीन: सिर्फ 7 करोड़ मिले, केंद्र की राशि पता नहीं
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