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अंबिकापुर| होली जहां खुशियों का पर्व है वहीं यह आपसी

अंबिकापुर| होली जहां खुशियों का पर्व है वहीं यह आपसी बैर भाव व द्वेष मिटाकर दिलों को मिलाने का भी महापर्व है। हमें...

Dainik Bhaskar

Mar 02, 2018, 02:00 AM IST
अंबिकापुर| होली जहां खुशियों का पर्व है वहीं यह आपसी बैर भाव व द्वेष मिटाकर दिलों को मिलाने का भी महापर्व है। हमें अपने नैतिक मूल्यों व शालीनता को बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए व ऐसा व्यवहार करना चाहिए जिसकी सभी सराहना करें। ये बातेंे होलिका उत्सव के दिन सियान सदन में सरगुजा लोक कला मंच के तत्वावधान में आयोजित महामूर्ख सम्मेलन व काव्यगोष्ठी के कार्यक्रम में सरगुजा जेल अधीक्षक राजेन्द्र गायकवाड़ ने महामूर्खाधिराज की आसंदी से कही। उन्होंने इस मौके पर अपनी रचनाएं भी सुनाई। सम्मेलन में मंच के अध्यक्ष विनोद हर्ष ने श्री गायकवाड़ को महामूर्खाधिराज, आलोक दुबे को मूर्खाधिराज व दिग्विजय तोमर को उप मूर्खाधिराज की उपाधि प्रदान करते हुये उन्हें साफा बांधकर व सब्जियों की माला पहना सम्मानित किया।

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