फीस, किताब व ड्रेस मुफ्त फिर भी च्वाइस का स्कूल नहीं मिलने से आरटीई की 269 सीटें खाली रह गईं

Bhaskar News Network

Jun 15, 2019, 06:25 AM IST

Ambikapur News - भास्कर संवाददाता| अंबिकापुर सरगुजा जिले के प्राइवेट स्कूलों में आरटीई (शिक्षा के अधिकार) की सीटें इस साल भी सौ...

Ambikapur News - chhattisgarh news 269 seats of rte remained vacant due to non availability of fees books and dresses free
भास्कर संवाददाता| अंबिकापुर

सरगुजा जिले के प्राइवेट स्कूलों में आरटीई (शिक्षा के अधिकार) की सीटें इस साल भी सौ फीसदी नहीं भर पाई हैं। एडमिशन के लिए इस साल 27 सौ से अधिक आवेदन आने के बाद भी यह स्थिति है। फीस के अलावा किताब, काॅपी व ड्रेस सहित अन्य सुविधाएं मिलने के बाद भी च्वाइस का स्कूल नहीं मिलने के कारण कई उम्मीदवारों ने एडमिशन नहीं लिया तो कुछ बीपीएल सर्वे सूची में नाम नहीं होने के कारण इससे वंचित हो गए हैं। यह स्थिति तब है जब शिक्षा विभाग द्वारा सौ फीसदी एडमिशन के लिए दिसंबर से इसके लिए प्रयास शुरू कर दिए गए थे। लेकिन इससे कुछ खास फायदा नहीं हुआ। टारगेट पूरा करने के लिए विभाग द्वारा एडमिशन के सीटाें की संख्या भी 1993 से घटाकर 1648 कर दी गई थीं। इसमें एलकेजी से लेकर पहली कक्षा में उम्मीदवारों का एडमिशन होना था। एडमिशन का समय खत्म हो गया है। हालांकि शिक्षा विभाग पहले से आवेदन देने वाले पात्र उम्मीदवारों के आने पर उन्हें अभी भी एडमिशन देने की बात कह रहा है। लेकिन अब कोई आ नहीं रहे हैं। इससे यह नहीं लग रहा है कि एडमिशन लेने वाले छात्रों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। इससे विभाग द्वारा आरटीई के तहत एडमिशन दिलाए जाने वाले अभियान पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि अधिकारी यह कहकर अपनी उपलब्धि बता रहे हैं कि भले ही सीटें पूरी नहीं भरी हैं। लेकिन पिछले साल से 50 छात्रों का ज्यादा एडमिशन हुआ है। विभाग इसी से संतुष्ट नजर आ रहा है।

एडमिशन के लिए 2760 ने किया था आवेदन

उम्र व बीपीएल सर्वे सूची में नाम नहीं होने से छंट गए उम्मीदवार

च्वाइस के स्कूल नहीं मिलने के अलावा उम्र की समय सीमा पूरा नहीं करने व बीपीएल सर्वे सूची में नाम नहीं होने से कई उम्मीदवार इससे वंचित हो गए हैं। एडमिशन के लिए शासन द्वारा कक्षा के अनुसार उम्र की सीमा तय गई है। इसके अलावा सामान्य वर्ग के शहरी क्षेत्र के उम्मीदवारों के लिए 2007 व ग्रामीण क्षेत्र के उम्मीदवारों के लिए 2002 की बीपीएल सर्वे सूची में नाम होना जरूरी है। हालांकि ऐसे उम्मीदवारों की संख्या दो सौ के करीब बताई जा रही है।

सौ फीसदी एडमिशन के लिए जिले मेंं बनाए गए थे 48 नोडल केंद्र

प्राइवेट स्कूलों में इस साल सौ फीसदी एडमिशन के लिए शिक्षा विभाग द्वारा जिले में 48 नोडल अधिकारी बनाए गए थे। उम्मीदवारों को ऑनलाइन आवेदन करना था। स्क्रूटनी के बाद नोडल केंद्र से ही उन्हें च्वाइस वाले स्कूलों में एडमिशन के लिए आदेश जारी हुआ। इसके लिए दिसंबर से प्रचार प्रसार शुरू कर दिया गया था ताकि एडमिशन के लिए ज्यादा आवेदन आए। इसका रिस्पांस भी दिखा और 2760 आवेदन आए थे।

टारगेट पूरा करने पिछले साल से 385 सीट की कम

जिले में आरटीई के तहत पिछले कई सालों से सीटें पूरी नहीं भर रही हैं। पिछले साल तो 184 स्कूलों में 1993 सीट थीं। जिसमें सिर्फ 1303 एडमिशन हुए थे। विभाग द्वारा सीटें घटाकर 1648 कर दी गईं। वजह यह बताई कि पिछले साल कुछ स्कूलों ने गलती से अपने यहां ज्यादा सीट बता दी थीं।

विभाग कोशिश कर रहा है, पहले से स्थिति सुधरी है


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