3 साल में 330 बाइक चोरी, बरामद सिर्फ 67, पिछले 12 दिन में फिर 8 बाइकें पार

Ambikapur News - भास्कर संवाददाता| अंबिकापुर आम तौर पर ऐसा माना जाता है...कि पुलिस अगर चाहें तो एक सुई तक चोरी नहीं हो सकती। जबकि...

Bhaskar News Network

Jun 15, 2019, 06:25 AM IST
Ambikapur News - chhattisgarh news 330 bike theft in 3 years recovered just 67 in past 12 days then 8 bikes crossed
भास्कर संवाददाता| अंबिकापुर

आम तौर पर ऐसा माना जाता है...कि पुलिस अगर चाहें तो एक सुई तक चोरी नहीं हो सकती। जबकि सरगुजा में पिछले तीन साल के पुलिस के आंकड़े ही बता रहे हैं कि हर तीसरे दिन एक बाइक चोरी हो रही है। बावजूद इसके पुलिस इन बाइक चोरियों को रोकने में नाकाम है। जिले में पिछले तीन साल में 330 बाइकें चोरी हो चुकी हैं।

यही नहीं बाइकें चोरी होने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। शहरवासियों का कहना है कि अब बाजार या अन्य स्थान ही नहीं घर के बाहर से लेकर अंदर तक बाइकें खड़ी करने से डर रहे हैं। इसका बड़ा कारण है कि पुलिस बाइक चोरों को पकड़ने में अब तक नाकाम है। हर सहित सरगुजा जिले में बाइक चोरी की घटनाएं बढ़ती ही जा रही हैं और पुलिस आरोपियों तक पहुंचने की बात तो दूर उनका सुराग तक नहीं लगा पा रही है। हर दो से तीन दिन के अंतराल में कहीं न कहीं बाइक चोरी की घटनाएं हो रही हैं। इससे पुलिसिंग पर अब सवाल उठने लगे हैं। पुलिस पेट्रोलिंग का दावा कर संदिग्धों पर कार्रवाई की बात कहती है, लेकिन यह कार्रवाई बाइक चोरों पर बेअसर है। आलम यह है कि बीते तीन साल में जिले में बाइक चोरी की 330 घटनाएं हुईं। लेकिन पुलिस चोरी हुई बाइकों में से सिर्फ 67 बाइक ही बरामद कर पाई है। इस साल जून में ही 12 दिन में अलग-अलग जगह से 8 बाइक चोरी हो चुकी हैं। वहीं इसी माह गुरुवार को ही सांड़बार रोड में स्मृति वन के पास एक ग्रामीण की बाइक चोरी हो गई। अब तक जिस तरह से घटनाएं बढ़ी हैं, उससे आशंका जताई जा रही है कि बाइक चोर गिरोह यहां सक्रिय हैं।

पुलिस का नेटवर्क सिर्फ सीसीटीवी कैमरों के भरोसे

सामुदायिक पुलिसिंग से शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस अपना नेटवर्क बढ़ाने की बात तो कर रही है लेकिन अब तक जो स्थिति दिख रही है, उससे यह नहीं दिख रहा है कि उसका नेटवर्क बढ़ा है। पुलिस पूरी तरह सीसीटीवी कैमरों की मॉनीटरिंग पर ही निर्भर रह गई है। शहर सहित आस-पास अभी तक जितने भी चोरी व दूसरी घटनाओं के आरोपी पकड़े गए उनमें से ज्यादातर में सीसीटीवी कैमरों से पुलिस को मदद मिली। अभी शहर में पुलिस विभाग द्वारा लगाए गए चौक-चौराहों में ज्यादातर सीसीटीवी कैमरे निर्माण के कारण बंद हो गए हैं। इससे उसका नेटवर्क ही खत्म हो गया है।

चोरों को पकड़ने पुलिस की टीमें कर रहीं प्रयास


शहर में पुलिस की पेट्रोलिंग की कमी भी चोरी की बड़ी वजह

डायल 112 की वजह से थानों में पुलिस बल की कमी हो गई। डायल 112 की टीम एक जगह पर तैनात रहती है और प्वाइंट मिलने पर जाती है। डायल 112 के लिए शहर में 24 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी रोटेशन में लगती है। थानों में रूटीन पुलिसिंग के लिए बल कम हो गया है। इससे रही सही पेट्रोलिंग भी अब बंद हो गई है। पुलिस की पेट्रोलिंग पार्टियां शहर में घूमती हैं तो चोर बदमाशों में पकड़े जाने का डर रहता है। इससे घटना भी कम होती हैं।

लगातार वारदात से केस दर्ज करने से भी बच रही

बाइक चोरी की बढ़ रही घटनाओं से अब पुलिस केस दर्ज करने से भी बच रही है। घटना के बाद यदि कोई पीड़ित केस दर्ज कराने पहुंचता है तो पुलिस आवेदन लेने के बाद यह कहकर लौटा देती है कि पहले तलाश कर लेते हैं। जब बाइक नहीं मिलती है तो फिर दो-तीन दिन बाद मामले में एफआईआर होती है। श्रीगढ़ निवासी एक युवक की बाइक 3 जून को मिशन अस्पताल से चोरी हुई थी। जिसमें पुलिस ने कथित रूप से तलाश करने के बाद 9 जून को केस दर्ज किया। ऐसे और कई मामले हैं, जिनमें घटना के कई दिन बाद एफआईआर हुई है।

बाइक खड़ी कर पेट्रोल लेने गया तो चोर लेकर हो गए फरार

गुरुवार को शहर से लगे सांड़बार रोड में स्मृति वन के पास केशवपुर निवासी रामलाल यादव की बाइक चोरी हो गई। रामलाल गुरुवार की शाम को अंबिकापुर से बजाज कैलिबर बाइक से घर जा रहा था। इसी दौरान स्मृति वन के पास उसकी बाइक अचानक बंद हो गई। बाइक में पेट्रोल खत्म हो गया था। सड़क किनारे बाइक लाॅक कर वह पेट्रोल लेने गया। करीब 15 मिनट बाद वह पेट्रोल लेकर लौटा तो बाइक नहीं थी।

जून में इन जगह से बाइक चोरी की आठ वारदातें हुईं









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