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जिला बनने के 7 सालाें में बलरामपुर में 6 कलेक्टर बदले, फिर भी महिला डॉक्टर, सड़क, पानी, नालियाें की सुविधा नहीं मिली

Ambikapur News - बलरामपुर को जिला बने सात साल हो गए हैं, लेकिन फिर भी अब तक यहां बायपास सड़क नहीं बना है। इससे शहर के भीड़भाड़ वाले...

Bhaskar News Network

Jun 15, 2019, 06:25 AM IST
Balrampur News - chhattisgarh news 6 collectors changed the district of balrampur in seven years of making the district yet no female doctors roads water drains were found
बलरामपुर को जिला बने सात साल हो गए हैं, लेकिन फिर भी अब तक यहां बायपास सड़क नहीं बना है। इससे शहर के भीड़भाड़ वाले गौरवपथ पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है। इससे हो रहे हादसे के कारण पिछले कुछ माह में ही इस मार्ग पर चार की व कई लोग घायल हुए हो चुके हैं। वहीं नलजल योजना पर 9 करोड़ खर्च करने के बाद भी शहर को पानी नहीं मिल रहा है।

कारण क्योंकि गौरवपथ के निर्माण में पाइप लाइन डैमेज हो गई थी। इसी तरह से बाकी जरूरी सुविधाओं का भी विस्तार अधर में लटका है। नए जिले के अस्तित्व में आने के बाद सरकार डेवलपमेंट पर जोर देने का वादा करती रही। लेकिन धरातल पर काम नहीं हुआ। जिला बनने के बाद छह कलेक्टर आए और केवल योजना बनाकर चले गए। इन समस्याओं को लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बता दें कि बलरामपुर ब्लाॅक मुख्यालय था और अब तक ज्यादातर काम ब्लाॅक की व्यवस्था पर ही निर्भर हैं। यहां की सबसे बड़ी समस्या बायपास सड़क की है। जिला बनने के बाद से इसकी मांग की जा रही है। नागरिक संघर्ष मोर्चा के जरिए इस मांग को लेकर अब तक कई बार विरोध-प्रदर्शन भी किया गया। इसके बाद भी बायपास सड़क नहीं बनी। बलरामपुर-रामानुजगंज मुख्य मार्ग को गौरवपथ के रूप में डेवलप किया गया और शहर के अलावा बाहर से आने-जाने वाली गाड़ियों का इसी मार्ग से आना-जाना है। कुछ दिन पहले पुलिस के प्रधान आरक्षक की इसी मार्ग पर ट्रक की टक्कर से जान चली गई थी। जब-दुर्घटनाएं होती हैं लोग विरोध करते हैं, लेकिन हर बार आश्वासन देकर विरोध खत्म करा दिया गया।

बायपास नहीं बना, गौरवपथ पर ट्रैफिक के दबाव से हादसे बढ़े, 9 करोड़ खर्च फिर भी नहीं मिल रहा पानी

नवंबर तक काम शुरू होने की उम्मीद: कलेक्टर

बलरामपुर कलेक्टर संजीव झा ने जिला मुख्यालय में रिंग रोड सहित जरूरी सुविधाओं का विस्तार नहीं होने के सवाल पर कहा कि रिंग रोड शहर की जरूरत है। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है और नवंबर से दिसंबर तक काम शुरू होने की उम्मीद है। हाईवे में बायपास सड़क का प्रावधान है। रामानुजगंज रिंग रोड को भी हाईवे से जोड़ा जाएगा। नलजल योजना तत्काल चालू कराई जाएगी।

जिले में ये काम भी नहीं हुए





मांगों को लेकर बलरामपुर संघर्ष समिति के सदस्य रोड पर चक्काजाम करते हुए।

जिले में अब तक अधूरे पड़े हैं कई भवन

टाउन हॉल व रिटेनिंग वाॅल के भवन तैयार नहीं

जिला मुख्यालय में एक भी टाउन हॉल नहीं है। बड़े आयोजन के लिए तीस किलोमीटर दूर रामानुजगंज पर अभी भी जिला निर्भर है, जबकि मंगल भवन के लिए राशि पड़ी हुई है। जिला बनने के साथ ही टाउन हॉल के लिए मंजूरी मिली। दो करोड़ इसके लिए मंजूर हुए लेकिन पूरी राशि जमीन समतलीकरण व रिटेनिंग वाॅल पर ही खर्च हो गई और भवन तैयार नहीं हो पाया। रिवाइज टेंडर गया है, लेकिन मंजूरी नहीं मिल रही है।

पिछली सरकार ने काम नहीं किया: विधायक

रामानुजगंज विधायक बृहस्पति सिंह ने बलरामपुर जिला मुख्यालय में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार नहीं होने के सवाल पर कहा कि यहां की समस्याओं को लेकर सड़क से लेकर सदन तक आवाज उठाता रहा लेकिन पिछली सरकार में इस पर ध्यान नहीं दिया। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद डेवलपमेंट पर जोर दिया जा रहा है। सभी काम कराए जाएंगे।

बंद रहा बलरामपुर, धरना देकर किया चक्काजाम

बलरामपुर| बलरामपुर संघर्ष समिति के आठ सूत्रीय मांगों को लेकर बुलाए गए नगर बंद को लोगों को पूरा समर्थन मिला। समिति के लोगों ने दिन भर धरना देने के बाद शाम को एनएच में कुछ देर तक चक्काजाम कर केंद्रीय मंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। जिला बनने के बाद आज भी कई मूलभूत सुविधाओं से बलरामपुर वंचित है। इसके लिए समय समय पर बलरामपुर संघर्ष समिति शासन-प्रशासन तक अपनी बात रखने आंदोलन का सहारा ली लेकिन अब तक इस ओर पहल नहीं हुई। समिति ने इस बार आठ सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन का सहारा लिया। इसी कड़ी में शुक्रवार को नगर बंद का आहवान किया गया था। प्रदर्शन के दौरान वहां पहुंचे नायब तहसीलदार अमित केरकेट्‌टा को समिति की ओर से ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान छोटेलाल गुप्ता, बिहारीपाल, जितेंद्र श्रीवास्तव, मुकेश गुप्ता, हर्षवर्धन सिंह, गौतम सिंह, रोशनलाल मणि, भानूप्रकाश दीक्षित, रमाकांत गुप्ता, शानू चौबे, रंजन सोनी, कैलाश द्विवेदी उपस्थित थे।

9 करोड़ खर्च फिर भी शहर को नहीं मिल रहा पानी

बलरामपुर के जिला बनने के आठ साल बाद भी यहां नलजल योजना अब तक शुरू नहीं हो पाई। योजना के विस्तार के बाद गौरवपथ के निर्माण में पाइप डैमेज हो गई थी। इसे अब तक ठीक नहीं किया गया। इससे सप्लाई बंद है। शहर के कई इलाकों में पेयजल की दिक्कत है। इसे लेकर भी कई बार शासन-प्रशासन को ध्यान दिलाया गया। लेकिन अब तक योजना शुरू नहीं की गई। इसी तरह से रैन बसेरा अभी तक तैयार नहीं हो पाया।

जिला चिकित्सालय में विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं

बलरामपुर जिला अस्पताल में महिला एवं प्रस्तुति रोग चिकित्सक की अब तक पदस्थापना नहीं हो पाई। स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में यह इलाका पिछड़ा रहा है। जिला बनने के बाद स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की उम्मीद थी लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। जिला चिकित्सालय के अलावा कई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डाॅक्टर नहीं हैं। गंभीर स्थिति में मरीजों को अंबिकापुर मेडिकल काॅलेज रैफर किया जाता है।

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